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पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम:बिना दवा के ऐसे हो सकता है PCOS कंट्रोल, यहां देखें आसान योगासन

2 महीने पहले
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PCOS या PCOD (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम या डिसीज) की समस्या से इन दिनों 75 प्रतिशत लड़कियां जूझ रही हैं। इन दिनों लोगों की लाइफस्टाइल ऐसी हो गई है जिसकी वजह से इस पर कंट्रोल कर पाना मुश्किल हो गया है। जिसकी वजह से कभी पीरियड्स की डेट आगे बढ़ जाती है, तो कभी पीरियड्स लंबे खिंच जाते हैं। ऐसे में लड़कियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन PCOS को घर बैठे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए कुछ योगासन करने होंगे।

सेतुबंधासन-
सेतुबंधासन में शरीर सेतु (Bridge) के समान आकार में हो जाता है। इस आसन को मासिक धर्म (पीरियड्स) और रजोनिवृत्ति के दौरान कर सकते हैं। इससे पाचन क्रिया भी ठीक रहती है। PCOS से पीड़ित महिलाएं या युवतियां इसे जरूर करें।

मत्स्यासन-
इस आसन में शरीर मछली की मुद्रा बनाता है। इसे करने से पहले ध्यान रहे कि पेट खाली हो तभी इस आसन को करें। ये आसन करने से PCOS कंट्रोल में रहता है। इस आसन को नियमित करने से गर्दन के सामने और निचले पेट की मांसपेशियां एक्टिव हो जाती हैं। जो PCOS को कंट्रोल करती हैं।

सर्वांगासन-
सर्वांगासन में पूरे शरीर का भार कंधों पर दिया जाता है। इस आसन में नीचे लेटकर शरीर के निचले भाग को ऊपर उठाना पड़ता है। जिससे सारा भार कंधों पर आ जाता है। इस आसन से थायराइड कंट्रोल में रहता है। जिसकी वजह से PCOS भी कंट्रोल रहता है।

भरद्वाज आसन-
इस आसन को करने से पाचन संबंधी परेशानियों में लाभ मिलता है। इस आसन को करने से आपके पेट पर खिंचाव आता है जिससे पेट के अंदर जमा हुआ वसा कम होता है और पेट संबंधी बीमारियों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

चक्की चलानासन-
वैसे तो इस योग को गर्भावस्था के दौरान किया जाता है। इसमें व्यक्ति अपनी दोनों टांगों को फैलाकर बैठता है और हाथों को सामने रखकर उन्हें चक्की की तरह चलाते हैं। इस आसन को PCOS से पीड़ित महिलाएं भी कर सकती हैं इससे श्रोणि और पेट की मांसपेशियों को मजबूत होने में मदद मिलती है।

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