यूनिक क्रिएशन:7 वीं कक्षा की स्टूडेंट आस्था मेहता ने बुजुर्गों को समय पर दवा की याद दिलाने के लिए डिजाइन किया मेडिब्रेस, अपने दादा की परेशानी दूर करने के लिए किया ये काम

7 महीने पहले
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मुंबई के कैथेड्रल और जॉन कॉनन मिडिल स्कूल में 7 वीं कक्षा की स्टूडेंट आस्था मेहता ने मेडिब्रेस के नाम से एक ब्रेसलेट डिजाइन किया है। इसका उद्देश्य सीनियर सिटीजंस को समय पर दवा लेने की याद दिलाना है। इस ब्रेसलेट को बनाने का विचार उनके मन में कैसे आया, इस बारे में बात करने पर आस्था कहती हैं कि जब मैंने अपने दादाजी को कई बार दवा का टाइम भूलते हुए देखा तो मुझे बहुत बुरा लगा।

कई बार वे कुछ दवाएं लेना भुल जाते और वह दवाएं दूसरे दिन भी टेबल पर वैसी ही रखी रहतीं। जब मैं उनसे यह कहती कि आपने अपनी दवाएं समय पर नहीं ली तो वे कहते कि मैं दवा लेना भुल गया। उनकी परेशानी देखकर मुझे ये ख्याल आया कि एक ऐसा डिवाइस बनाना चाहिए जो लोगों को समय पर दवा लेने की याद दिला सके।

बुजुर्गों का ख्याल रखते हुए आस्था ने एक ऐसा ब्रेसलेट बनाया जिसे पहनना आसान है। साथ ही इसे आसानी से यूज किया जा सकता है। आस्था ने अपने कॉन्सेप्ट को यंग इंटरप्रेन्योरशिप एकेडमी क्लास में भी डिस्कस किया। वहां अपने मेंटोर के सपोर्ट से ब्रेसलेट बनाने के काम को वह बड़े पैमाने पर करने लगी।

आस्था बुजुर्गों की मदद का यह सबसे अच्छा तरीका मानती हैं। आस्था द्वारा डिजाइन किए गए ब्रेसलेट के दो वेरिएशंस मार्केट में उपलब्ध हैं। एक सिलिकॉन मेडिब्रेस है जिसकी कीमत 600 रुपए है, वहीं मेटल मेडिब्रेस 900 रुपए में उपलब्ध है। आस्था का सपना है कि वे भविष्य में इसी तरह के अविष्कार करें जिसे बिजनेस में भी बदला जा सके।