9 महिलाओं ने 2 साल पहले शुरू की लोगों को 5 रुपए में खाना खिलाने की मुहिम, आज 82 महिलाएं जुड़ी

3 वर्ष पहले
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एजुकेशन डेस्क. शहर में जरूरतमंदों को खाना खिलाना आम है, लेकिन मुस्कान क्लब की महिलाएं 2 साल से लगातार 200 से अधिक जरूरतमंदों को 5 रुपए में भरपेट भोजन करा रही हैं। अब इन महिलाओं ने दूसरी जगह पर भी इस कार्य की शुरुआत कर दी है। खास बात यह है कि जब इसकी शुरुआत की गई तो केवल 9 महिलाएं थीं। अब 82 से अधिक महिलाएं इस अभियान से जुड़ गई हैं और इसमें सहयोग कर रही हैं। इनमें अधिकतर महिलाएं गृहिणियां हैं, जो घर भी संभालती हैं और इसमें भी घर से निकल कर सहयोग करती हैं।

3 साल पहले बनाया मुस्कान क्लब
क्लब की चेयरपर्सन स्वाति शृंगी ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 14 जुलाई 2018 को श्रीनाथपुरम् स्वयं के फ्लैट के नीचे से की थी। इससे 3 साल पहले मुस्कान क्लब बनाया था। इससे पहले यह जरूरतमंद बेटियों की शादियों में कुछ सहयोग किया करती थीं। शृंगी ने जब नोएडा के अनूप को दादी की रसोई चलाते देखा तो उनको भी आइडिया मिल गया।
उन्होंने अनूप से इस बारे में पूरी जानकारी ली और बाद में 8 साथियों के साथ इसकी शुरुआत की। महिलाएं 100-100 रुपए महीने इसके लिए देती थीं। धीरे-धीरे इनका काम देखकर महिलाएं इनसे जुड़ने लगी। अब 82 से अधिक महिलाएं सहयाेग कर रही हैं। इसके अलावा इनके रिश्तेदार, मिलने वाले, जन्मदिन, शादी की सालगिरह या अन्य कोई खुशी के दिन पर संस्था को एक दिन के खाने के लिए 1200 रुपए देते हैं।

सुबह 4 बजे बनाती हैं खाना
अभियान की मुखिया स्वाति शृंगी परिवार संभालने के साथ-साथ पूरा खाना खुद बनाती है। इससे लोगों को घर जैसा हैल्दी फूड मिलता है। वे रोजाना सुबह 4 बजे उठती हैं। उसके बाद एक हेल्पर की मदद के साथ खाना बनाती है। इसके लिए एक रात पहले से तैयारी करनी पड़ती है। स्वाति का कहना है कि अब यह सब आदत में आ गया है। इसलिए ज्यादा दिक्कत नहीं होती है। इसके अलावा वे सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने लेने जाने का काम भी करती हैं। घर का खाना बनाती हैं और अन्य काम भी करती हैं।

शीला चौधरी रोड पर शुरू किया दूसरा काउंटर
पहला काउंटर श्रीनाथपुरम में निजी अस्पतालों के पास सुबह 10 से 11 चल रहा है। यहां प्रत्येक दिन 200 लोगों के लिए खाना बनता है। दूसरा काउंटर शीला चौधरी रोड तलवंडी पर सुबह 11 से 12 बजे तक चलता है। इसमें अभी 80 से 100 जने खाना खा रहे हैं। दोनों जगह कभी छोला-चावल तो कभी राजमा-चावल, कभी सब्जी चावल बनाते हैं। साथ ही आचार व पापड़ भी होता है। अगर कोई अपने हिसाब का मैन्यू करवाना चाहता है। अब जल्द तीसरा काउंटर भी खोला जाएगा।