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ब्यूटी केयर @ होम:शहनाज़ हुसैन से जानिए कोविड के बाद स्किन केयर की होम रेमेडीज

10 दिन पहलेलेखक: कमला बडोनी
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हम सभी जानते हैं कि कोविड-19 एक ऐसी बीमारी है जो हमारे रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट यानी श्वसन तंत्र को प्रभावित करती है, लेकिन समय बीतने और इस वायरस के अनुभव से पता चला है कि ये शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है और इन्हीं में से एक है हमारी स्किन। कोविड के बाद स्किन की खास देखभाल बेहद ज़रूरी है। शोधकर्ताओं के हाल के निष्कर्षों से पता चलता है कि कोविड-19 के मरीज वायरस से उबर तो जाते हैं, लेकिन इसके कई साइड इफेक्ट्स उन्हें ठीक होने के बाद भी झेलने पड़ते हैं और पूरी रिकवरी में उन्हें ज्यादा समय लगता है। शोध में यह भी देखा गया कि कई मामलों में त्वचा पर इसके के लक्षण दो महीने से अधिक समय तक कायम रहे। वायरस से प्रभावित होने से पहले बार-बार हाथ धोने और सैनिटाइजर का उपयोग करने से स्किन ड्राई हो जाती है और कई लोगों को रैशेज भी हो जाते हैं। हैंड सैनिटाइजर्स में अल्कोहल की मात्रा ज्यादा होने से स्किन ड्राई हो जाती है और नाखून जल्दी टूटने लगते हैं। कोरोना वायरस से खुद को बचाने के साथ-साथ हमें अपने हाथों की स्किन का भी ध्यान रखना होगा। इसके लिए आप ये होम रेमेडीज ट्राई कर सकती हैं। * हाथ और नाखून के आसपास की त्वचा पर रोजाना क्रीम लगाकर मसाज करें। रात में भी हाथों की मालिश करें। * यदि हाथों की स्किन ड्राई और डार्क हो गई है, तो 2 बड़े चम्मच सनफ्लावर ऑयल, 2 बड़े चम्मच नींबू का रस और 3 चम्मच चीनी को मिलाकर पेस्ट बनाएं और इससे हाथों को स्क्रब करें। 15 मिनट बाद हाथ धो लें। इस पेस्ट को हफ्ते में तीन बार लगाएं, स्किन सॉफ्ट हो जाएगी और कालापन भी दूर हो जाएगा। * हाथों का रूखापन दूर करने के लिए 50 मि.ली. गुलाब जल में एक चम्मच ग्लिसरीन डालकर हाथों पर लगाएं और आधे घंटे के लिए छोड़ दें। फिर सादे पानी से हाथों को धो लें। लगातार मास्क पहनने से त्वचा में जलन हो सकती है, क्योंकि मास्क के अंदर बासी हवा, कार्बन डाइऑक्साइड, यहां तक कि लार और म्यूकस भी जमा होता है। ये स्किन डिजीज भी पैदा कर सकता है इसलिए स्किन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक मास्क पहनने से एक्सेस ऑयल और पसीने से पिंपल्स भी होने लगते हैं। कई लोगों को चकत्ते और स्किन एलर्जी भी हो जाती है, ऐसी स्थिति में स्किन एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है। कॉटन मास्क स्किन के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं, क्योंकि इनसे स्किन को सही वेंटिलेशन मिलता है और सांस लेने में आसानी होती है, लेकिन सुरक्षा के लिए मास्क सही तरीके से लगाना चाहिए। कोरोना से पीड़ित लोगों को अन्य स्किन प्रॉब्लम्स भी होती हैं, क्योंकि वायरस जब स्किन के संपर्क में आता है, तो जलन, चकत्ते, छाले जैसी स्किन प्रॉब्लम्स होने लगती हैं। जो लोग एक महीने या उससे अधिक समय तक वायरस से पीड़ित रहते हैं, उनमें स्किन प्रॉब्लम्स ज्यादा नजर आती हैं, जैसे हाथ-पैर, गर्दन या शरीर के किसी भी हिस्से पर चकत्ते, खुजली, जलन हो सकती है। जैसा कि हम जानते हैं कि ऑक्सीजन प्रवाह की कमी के कारण कोविड केसेस में सांस लेने में तकलीफ होती है और त्वचा बदरंग हो सकती है। हाथ, उंगलियों और नाखूनों के आसपास की स्किन लाल हो जाती है। कुछ मामलों में एक्जिमा जैसे स्किन इन्फेक्शन भी हो चुके हैं। कई लोगों को हाथों में पानी के छाले, नसों का नीला पड़ जाना, चोट के निशान जैसी तकलीफ भी हो जाती है। कुछ लक्षण संक्रमण के तुरंत बाद दिखाई देते हैं, जबकि अन्य बाद में नजर आते हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर या स्किन एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए। यदि आप डॉक्टर के पास नहीं जा सकते, तो वीडियो कॉल से उनसे संपर्क कर सकते हैं और सलाह ले सकते हैं।

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