बातें काम की:चाय को कभी माइक्रोवेव क्यों न करें? जानिए इससे जुड़ी जरूरी बातें और होने वाले नुकसान के बारे में

वर्षा एम, नोएडा8 महीने पहले
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अच्छी चाय के लिए यह बहुत मायने रखता है कि हम पानी कैसे गर्म करते हैं। माइक्रोवेव में चाय का पानी गर्म करना आसान है, लेकिन यह सर्वश्रेष्ठ तरीका नहीं है। इसकी कई वजह हैं जिसके बारे में यहां जानिए।

हर चाय का ब्रूइंग टाइम और टेंप्रेचर अलग होता है। मग में चाय का पानी माइक्रोवेव करने से पानी बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है। ऐसे में जब आप टी बैग डालते हैं तो आपको चाय के ठंडी होने का इंतजार करना पड़ सकता है, जो चाय को ब्रू करने का सही तरीका नहीं है। ग्रीन टी और व्हाइट टी को ब्रू करने के लिए 170 डिग्री फैरेनहाइट और 180 डिग्री फैरेनहाइट का तापमान सही होता है। ब्लैक, ऊलॉन्ग और हर्बल चाय के लिए इससे भी थोड़ा ज्यादा यानी 200 फैरेनहाइट तक का तापमान लगता है।

माइक्रोवेव में पानी को गर्म करने से ये पता नहीं चलता कि आपकी चाय का पानी किस तापमान पर गर्म है। वहीं इलेक्ट्रिक केटल में हर चाय के लिए पानी को गर्म करने का सही तापमान दिया जाता है। इसमें आपको केवल एक बटन दबाना होता है। केटल में टेंप्रेचर सेटिंग नहीं भी है तो भी पानी गर्म होने की आवाज से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पानी का क्या तापमान हुआ होगा। ग्रीन या व्हाइट टी को केटल में ब्रू कर रहे हैं तो फुल बॉइल पर पहुंचने से पहले ही इसे कप में निकाल लें। इस तरह आप 170 से 180 फैरेनहाइट के बीच के तापमान तक पहुंच सकते हैं। किचन थर्मामीटर की मदद लेकर भी पानी का टेंप्रेचर सेट किया जा सकता है।

माइक्रोवेव करने से होंगे ये नुकसान

शोध बताते हैं कि चाय के लिए पानी को माइक्रोवेव करना सही नहीं है, क्योंकि जो भी चीज मग को गर्म करती है वो पानी को तले पर अलग और ऊपर अलग तापमान पर गर्म करती है, जबकि परफेक्ट चाय के लिए तापमान ऊपर से नीचे तक एक जैसा होना चाहिए। इलेक्ट्रिक केटल पानी को एक ही तापमान पर गर्म करती है।

जल्दबाजी चाय का जायका बिगाड़ेगी

चाय भी आराम करने का एक तरीका होता है और ये रिलैक्सिंग ही होना चाहिए। पानी को माइक्रोवेव करना जल्दबाजी है, ये चाय बनाने का रिलैक्सिंग तरीका नहीं है। चाय के पानी को धीरे-धीरे गर्म करना चाहिए। किसी भी तरह की जल्दबाजी स्वाद बिगाड़ देगी। माइक्रोवेव करना चाय के साथ चीटिंग करने जैसा है।