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  • Plants Need Extra Care In This Season, Keep In Mind That Water Does Not Stagnate In The Pots, It Is Also Necessary To Mix Organic Fertilizers Well In The Soil.

होम गार्डनिंग:इस मौसम में पौधों को चाहिए अतिरिक्त देखभाल, ध्यान रखें कि गमलों में पानी न रूके, मिट्‌टी में जैविक खाद को अच्छे से मिलाना भी जरूरी

अरुण प्रताप सिंह, हॉर्टिकल्चर एक्सपर्ट12 दिन पहले
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भले ही कई जगह पर प्री-मानसून की वजह से थोड़ी ठंडक आ गई हो, लेकिन पौधों के हिसाब से जून का मौसम अब भी गर्म ही माना जाएगा। यह लौटती गर्मी का मौसम है। इसलिए यह समय अपने पौधों को गर्मी व कीटों से बचाने का है। साथ ही मानसून की तैयारी का भी है।

इस मौसम में पौधों को अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता होती है, जिनमें मुख्य जरूरत नियमित सिंचाई की है। यदि आपके क्षेत्र में गर्मी अधिक पड़ती है तो गमलों में दिन में दो बार भी पानी देने की जरूरत हो सकती है। कंटेनर पूरे गीले हो जाएं और उनमें पर्याप्त पानी रहे, इसके लिए तब तक अच्छी तरह से पानी दें जब तक कि कंटेनरों के जल निकासी छेद से पानी बहता हुआ न दिखाई दे।

फिर कुछ देर प्रतीक्षा करें और फिर से पानी दें। नमी पसंद करने वाले पौधों की इस समय सिंचाई करते वक्त उन पर पानी का छिड़काव करना उनकी बढ़वार और उनके खिले रहने के लिए उपयोगी रहता है। कुछ पौधे झुलसाती धूप को सहन नहीं कर सकते और जल्दी ही मुरझाने लगते हैं। ऐसे में यदि वे गमलों में उगाए गए हैं तो उन्हें अपने घर में ऐसे स्थान पर शिफ्ट कर दें जहां सिर्फ सुबह या शाम की धूप आती हो।

किचन गार्डन में सब्जियां कब बोएं?

जून के पहले सप्ताह में फूलगोभी के बीज बोए जा सकते हैं या दूसरे पखवाड़े में पौध लगाई जा सकती है। भिंडी, तुरई, लौकी, खीरे के बीज जून के पहले पखवाड़े में बाेएं। लतादार सब्जियों को दीवार के किनारे पर बोएं ताकि बाद में इन्हें दीवार पर चढ़ाया जा सके। टमाटर, बैंगन, मिर्च, शिमला मिर्च आदि के बीज भी इस महीने के मध्य में लगाए जा सकते हैं।

बगीचे में पौधे लगाने से पहले क्या करें?

बरसात में नए फल या फूल वाले पौधे लगाए जाते हैं। इसके लिए तैयारी जून के महीने में ही शुरू करनी पड़ती है। पौधों को लगाने के लिए अभी से गड्ढे खोद लिए जाने चाहिए। पौधों की ऊंचाई और संभावित फैलाव को ध्यान में रखते हुए ही गड्ढे खोदे जाने चाहिए। मिट्टी में जैविक खाद भी अच्छे से मिश्रित की जानी चाहिए।

बारिश के शुरू होने पर कैसे करें तैयारी?

देश के अनेक भागों में जून के अंतिम सप्ताह में मानसून पहुंच जाता है जिसके बाद नियमित सिंचाई की जरूरत नहीं रह जाएगी। लेकिन यदि आपके पौधों के ऊपर छत है तो हर तीसरे दिन सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है। बारिश शुरू होने पर इस बात का ध्यान रखना होगा कि गमलों व क्यारियों में पानी रुके नहीं। निराई-गुड़ाई करते रहें। नमी पसंद करने वाले पौधों की इस समय सिंचाई करते समय उन पर पानी का छिड़काव करना उनकी बढ़वार और उनके खिले रहने के लिए उपयोगी रहता है। कुछ पौधे झुलसाती धूप को सहन नहीं कर सकते और जल्दी ही मुरझाने लगते हैं। ऐसे में यदि वे गमलों में उगाए गए हैं तो उन्हें अपने घर में ऐसे स्थान पर शिफ्ट कर दें जहां सिर्फ सुबह या शाम की धूप आती हो।