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  • Shahrukh, Jaya Bachchan Are Also Being Trolled About Aryan Khan. Celebrity Lifestyle Has Always Been The Target Of Trollers. If You Are Also On The Target Of The Troller, Then Avoid Like This.

अश्लील मैसेज,न्यूड पिक्चर्स से महिलाओं की ट्रोलिंग:आर्यन खान को लेकर शाहरुख- जया बच्चन भी हो रहे ट्रोल, हमेशा सेलिब्रेटी का लाइफस्टाइल रहा है ट्रोल्स के निशाने पर, आप भी हो रहे हैं शिकार तो यूं बचें

4 महीने पहलेलेखक: निशा सिन्हा
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साइबर बुलिंग से बचना जरूरी - Dainik Bhaskar
साइबर बुलिंग से बचना जरूरी
  • ट्रोलर की बातों को इग्नोर करें
  • ट्रोलिंग को बढ़ावा देने से बचें

ट्रोलिंग या साइबर बुलिंग अब फिल्म स्टार्स या सेलिब्रिटी क्लास तक सीमित नहीं रहा है। अब सोशल मीडिया पर हमेशा मौजूद रहने वाले टीनेजर और यूथ भी ट्रोलिंग के शिकार हो रहे हैं। इससे डिप्रेशन की आशंका बढ़ती है। ऐसे में यह जरूरी है कि किस तरह खुद को ट्रोलर्स से दूर रखा जाए।

महिलाएं अधिक होती हैं ट्रोल
महिलाएं अधिक होती हैं ट्रोल

ट्रोलर की साइकोलाजी
द आस्ट्रेलियन इंस्टिट्यूट के रिसर्च में शामिल लोगों में से 27 %ने माना कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उनके लिए भद्दे शब्दों का प्रयोग किया गया। करीब 18 % ने स्वीकारा कि सेक्सुअल मैसेज और न्यूड पिक्चर्स भेज कर उनको ऑनलाइन हैरेस किया गया। तकरीबन 8 प्रतिशत को जान से मारने की भी धमकी दी गई। 5 % लोगों का कहना था कि उनको डराने के लिए पर्सनल डिटेल्स को ऑनलाइन पब्लिश किया गया। इसके लिए उनसे इजाजत नहीं ली गयी।

सोशल मीडिया पर कब ताला लगाना है इसे समझना जरूरी
सोशल मीडिया पर कब ताला लगाना है इसे समझना जरूरी

महिलाएं ट्रोलिंग की अधिक शिकार
ट्रोलिंग पर हुए शोध की मानें, तो कुल लोगों में से करीब 44% महिलाओं ने स्वीकारा कि वे ट्रोल हुई। जबकि इस मामले में पुरुषों की संख्या 34% थी। एक्सपर्ट का मानना है कि पुरुष डिवाइस या इंटरनेट के मामले में महिलाओं से अधिक सम्पन्न हैं इसलिए महिलाएं साइबर बुलिंग का अधिक शिकार होती हैं। ट्रोल करने के लिए पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक गंदे मैसेज भेजे और भद्दी तसवीरें भेजी गई। साइबर बुलिंग से पीड़ित 100 लोगों में महिलाओं की संख्या (24) पुरुषों (11) से ज्यादा थी। ऐसा भी देखा गया है कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए महिलाओं को हिंसक या जान से मारने की धमकी पुरुषों की तुलना में ज्यादा मिलती है।

ट्रोलर के निशाने पर सेलिब्रिटी और सामन्य लोग दोनों
ट्रोलर के निशाने पर सेलिब्रिटी और सामन्य लोग दोनों

बालकनी से कूद कर दे दी जान
हाल ही में गुड़गांव के किशोर ने 11वीं मंजिल की बालकनी से कूद कर जान दे दी। उस पर एक 17 साल की लड़की ने सेक्सुअल असॉल्ट का आरोप लगाया था। लड़की ने असॉल्ट से जुड़े मैसेज को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। जिसके बाद हुई लड़के की ट्राेलिंग हुई और उसने जान दे दी। एक और मामले में शारजाह पुलिस ने भारतीय लड़की को ऐन वक्त पर आत्महत्या करने से रोक दिया। पुलिस को पता चला कि लड़की लाइव सुसाइड करने वाली है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई फोटो का मजाक उड़ाए जाने ने के बाद वह यह कदम उठाने को मजबूर हुई।

ट्रोलर्स काे तवज्जो ना दें
ट्रोलर्स काे तवज्जो ना दें

ट्रोलिंग से डिप्रेशन भी
मनोचिकित्सकों का मानना है कि सोशल साइट्स पर की जानेवाली ट्रोलिंग से किशोर तनाव के शिकार होते हैं। कर्णाटक के एमवीजे मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च हॉस्पिटल के साइकाएट्रिस्ट विभाग में हुए शोध में यह साबित हुआ है। ‘सोशल मीडिया साइट्स पर ट्रोलिंग और टीनएज डिप्रेशन’ विषय पर हुए शोध के अनुसार करीब 67 % ने माना कि ट्रोलिंग की वजह से वे डिप्रेशन का शिकार हुए।16 से 18 साल के स्टूडेंट्स में से 22% माइल्ड और 45 % माॅडरेट डिप्रेशन हुआ। मनोचिकित्सक डॉ. विदुषी के अनुसार पेरेंट्स के साथ-साथ टीचर्स की मदद से कम उम्र के सोशल मीडिया यूजर्स इससे बच सकते हैं।

खुद पर काबू रखना भी जरूरी
खुद पर काबू रखना भी जरूरी

ट्रोलर को काबू में करें
आईआईएम बंगलुरू की पूर्व प्रोफेसर डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट डॉ. सीमा गुप्ता स्वीकारती हैं कि साइबर बुलिंग हर दिन बढ़ती जा रही है। इसकी वजह है कि लोगों का ध्यान नेगेटिव चीजों की ओर बड़ी आसानी से खिंचता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रोलर बड़े आराम से आलोचना कर सकता है।उसे कोई झेंप नहीं हाेती। जबकि सामने बैठ कर ऐसा करना आसान नहीं होता। ट्रोलर बड़ी आसानी से अपनी पहचान छुपा सकता है। बहुत सारे ट्रोलर नकली चेहरा और नाम के साथ सोशल मीडिया पर माैजूद हैं। इस वजह से मनमानी करने की ज्यादा आजादी हाेती है। यह देखा गया है कि ट्वीटर पर ट्रोलिंग अधिक देखी जाती है। इसकी वजह होती है कि वहां ट्रेंड में चल रहे लोग या घटनाओं की बातें होती हैं। युथ की बातें करें, तो इंस्टाग्राम पर ट्रोलिंग के मामले बढ़ रहे हैं। ट्रोलर में से ज्यादातर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए बुलिंग करते हैं। लाइक्स बटोरने और पॉपुलर होने के ट्रोलर्स करते हैं। ट्रोलर्स इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि पीड़ित की इमेज खराब हो सकती है।

डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट प्रो. सीमा गुप्ता
डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट प्रो. सीमा गुप्ता

किस तरह से बचें :

  • जब आपकाे टारगेट बनाया जा रहा हो, तो सोशल मीडिया से दूरी बनाएं।
  • मन में गुस्सा आने के बाद भी खुद पर काबू रखें, ट्रोलर को पलट कर जवाब नहीं दें।
  • सोशल मीडिया से दूरी नहीं बना सकते, तो ह्यूमर भरे शब्दों से रिप्लाई करें।
  • नेगेटिव बातों का जवाब पॉजिटिव तरीके से दें।
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