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सनकी सुंदरियां:कभी सड़क पर डांस तो कभी कैब वाले से हाथापाई- अच्छी-भली लड़कियों को एकाएक हुआ क्या है!

एक महीने पहलेलेखक: निशा सिन्हा
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  • दीवानगी की इस दशा की दिशा पॉपुलैरिटी तो नहीं
  • पुलिस के हत्थे भी चढ़ रही ऐसी लड़कियां

इंदौर की सड़क के जेब्रा क्रॉसिंग पर एक युवती अचानक डांस करने लगी। यह वीडियो काफी वायरल हुआ। इस हरकत से चर्चा में आई युवती श्रेया कालरा पर आईपीसी की धारा 290 के तहत केस दर्ज किया गया। दो-तीन महीने पहले पुणे में एक महिला शराब के नशे में धुत्त सड़क पर लोटने लगी। पब्लिक में अपने अजीबोगरीब बिहेवयर के कारण लड़कियां लगातार चर्चा में हैं। यहां तक कि वे इसके लिए नियम भी तोड़ रही हैं। पिछले दिनों लखनऊ में भी एक ऐसा मामला देखने को मिला जब एक लड़की ने एक लड़के के ऊपर थप्पड़ों की बौछार कर दी। उसका मोबाइल तोड़ दिया। लड़की का कहना था कि लड़के के कार चलाने के गलत तरीके से वह डर गई थी। उसकी कार उसे रौंद भी सकती थी। महिलाओं की ऐसी अजीबोगरीब हरकतों की वजह क्या है, क्या ये पॉपुलैरिटी पाने का तरीका है?

आनंद की तलाश का नया तरीका
आनंद की तलाश का नया तरीका

बाढ़ में फोटोशूट
साल 2019 में पटना की पानी से भरी सड़कों पर फोटोशूट कराने वाली एक लड़की का वीडियो भी काफी चर्चा में रहा। बाढ़ जहां लाखों जिंदगियां तहस-नहस करता है, लड़की उस पानी में रेड गाउन पहनकर पोज दे रही थी। उसपर काफी बवाल भी हुआ था लेकिन चूंकि ये कोई क्राइम नहीं, लिहाजा लड़की को कोई सजा नहीं हुआ, बस, वो हर अखबार में छा गई।
क्यों कर रही हैं ऐसा?
वैज्ञानिकों का कहना है कि महिलाएं लंबे समय तक बंदिशों में रहीं। आज उनको लगता है कि वे खुद को व्यक्त करने के लिए आजाद हैं। इसी आजादी को जताने के लिए वे कुछ न कुछ नया कर रही हैं और कई बार ये नयापन कुछ ऊटपटांग करवा जाता है। यह मानना है, एम्स (AIIMS) के मनोचिकित्सक डॉ. राजेश सागर का। डॉ. सागर के अनुसार इस तरह की घटनाओं के लिए महिलाओं के कैरेक्टर को ब्लेम नहीं किया जा सकता। ये हरकतें खुशी को जाहिर करने का तरीका हो सकती हैं। लाइफ को एंजॉय करने के लिए वह ऐसा कर सकती हैं। कुछ लोग इससे रिलैक्स भी फील करते हैं। जहां तक अजीबोगरीब तरीकों से जिंदगी का लुत्फ लेने की बात है, तो यह पूरी तरह से व्यक्ति की समझ पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में इसे ’शो ऑफ’ या उनके उग्र व्यवहार से भी जोड़ा जा सकता है। लेकिन कुछ घटनाओं को सभी महिलाओं के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

खुश होने का हक है मुझे
खुश होने का हक है मुझे

महिलाओं की मांग, जायज या अजीब कई बार कई मांगें भी चर्चा में आ जाती हैं।पिछले दिनों ‘फ्री द निपल मूवमेंट’ शुरू हुआ। इस मूवमेंट का संदेश था कि अगर पुरुष बिना शर्ट के रह सकते हैं, तो महिलाओं का ऐसा करना गलत क्यों माना जाता है। यह न्यूयॉर्क में 2012 में शुरू किया गया। इसके बाद ढेरों विदेशी सेलिब्रिटी ने इसे फॉलो किया। भारत में गायिका अनुष्का मनचंदा ने एक सोशल मीडिया साइट पर अपनी ऐसी ही तस्वीर शेयर की। बिग बॉस 9 फेम प्रिया मलिक ने भी पिक्चर शेयर कर इस मूवमेंट का सपोर्ट किया। इसी तरह का एक और फेमिनिस्ट अभियान भी चर्चा में रहा। इसे ‘नो ब्रा कैंपेन’ के नाम से जाना गया। जैसा कि नाम से साफ है, महिलाएं ब्रा के बगैर दफ्तर या दूसरे कामों से निकलने लगीं। ऐसा कई बड़े शहरों में हुआ। महिलाओं ने इसे खुद को व्यक्त करने का तरीका माना, तो समाज के एक बड़े तबके ने इसे उनकी सनक भी माना। कुछ साल पहले स्लट वॉक को भी इसी में शामिल किया जा सकता है।

अंदाज मेरे रंगीले
अंदाज मेरे रंगीले

पॉपुलैरिटी के लिए सब कुछ करेगा
हाल ही में प्रकाशित एक किताब ‘पॉपुलर- फाइंडिंग हैपीनेस’ में चर्चित होने के पीछे के साइंस को डीकोड किया गया है। इसमें माना गया कि पॉपुलर होने को आज स्टेट्स से जोड़ कर देखा जाता है। यह भी पाया गया है कि बहुत सारे लोग पॉपुलर होने के लिए कुछ ट्रिक्स अपनाते हैं। इनको सफल होते देखकर, दूसरे भी वैसी चीजें करना चाहते हैं। पुस्तक के लेखक मिच प्रिंस्टीन का कहना है कि क्लास में किसी बच्चे के लिए लोकप्रिय होने का मतलब होता है कि क्लास में सभी उसे पसंद करें। लेकिन जब आप किशोर या युवा होते हैं, तो आपके लिए पॉपुलैरिटी का मतलब कुछ और हो जाता है। आपके लिए पसंद किए जाने से ज्यादा जरूरी होता है अपनी पहचान बनाना। प्रिंस्टीन की यह किताब काफी हद तक युवाओं की अजीबोगरीब हरकतों को डीकोड करती मालूम पड़ती है।

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