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  • Spice Health CEO Avani Singh Appealed To The Government Of India For Vaccination In The Private Sector, Saying That The Efforts Being Made Regarding The Vaccine Are Not Enough

चर्चा में:स्पाइस हेल्थ की सीईओ अवनि सिंह ने भारत सरकार से की प्रायवेट सेक्टर में वैक्सीनेशन की अपील, कहा वैक्सीन को लेकर जो प्रयास हो रहे हैं, वे पर्याप्त नहीं हैं

2 महीने पहले
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स्पाइसजेट के चैयरमेन अजय सिंह की बेटी अवनि सिंह स्पाइस स्टार एकेडमी की ओर से प्रायवेट पायलट लाइसेंस पाने वाली पहली कैडेट पायलट हैं। फिलहाल वे भारत सरकार से प्रायवेट सेक्टर में वैक्सीनेशन की मांग को लेकर चर्चा में हैं। उसने सरकार से अपील करते हुए कहा - ''भारत में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है। ऐसे में हमारे देश की जनता को बचाने का एकमात्र उपाय वैक्सीनेशन ही है। हमारी सरकार को प्रायवेट सेक्टर में वैक्सीन के निर्माण और खरीद की दर बढ़ाना चाहिए''। उन्होंने ये भी माना कि वैक्सीन को लेकर जो प्रयास हमारे देश में किए जा रहे हैं, वे पर्याप्त नहीं हैं।

अवनि के अनुसार, अगर हमारे लैब और हॉस्पिटल इंटरनेशनल वैक्सीन जैसे फाइजर, मॉडर्ना और हैदराबाद स्थित कोवैक्सिन की संख्या बढ़ाते हैं तो निश्चित रूप से देश में वैक्सीनेशन ड्राइव बढ़ेगा। कोराना के प्रकोप से बचने के लिए अवनि ने देशवासियों को अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया। अवनि ने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में ग्रेजुएशन किया है। पिछले साल अक्टूबर में जब कोरोना का प्रकोप जारी था तो अवनि नई दिल्ली की कंसल्टेंसी फर्म मेकेंसी में एनालिस्ट की जॉब कर रहीं थीं। उन दिनों उन्होंने अपने पिता के साथ स्पाइस हेल्थ को सेट करने के उद्देश्य से जॉब छोड़ने का फैसला किया।

मेकेंसी के अपने अनुभव को याद करते हुए अवनि कहती हैं कि तब रोज उनके पास लगभग 30 लोगों के फोन आते थे जो उनसे हॉस्पिटल में बेड न मिलने, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कमी या कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट चार दिन बाद आने की शिकायत करते थे क्योंकि रिपोर्ट आने के बाद ही उनका उचित इलाज हो सकता था। उन दिनों देश में यह धारणा थी कि महमारी खत्म हो गई है। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं था।

उस वक्त अवनि वर्क फ्रॉम होम कर रहीं थीं और ये बात बहुत अच्छी तरह जानती थीं कि कोरोना कहीं नहीं गया है। यह बीमारी कहीं भी और कभी भी वापिस आ सकती है। इस बीमारी से मरने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही थी और इसी बीच अवनि को कई सरकारी अधिकारियों सहित दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री से मिलने का मौका मिला। उन्होंने ये भी बताया कि किस तरह कोरोना टेस्टिंग सैचुरेशन पॉइंट तक पहुंच गई है और कई पेशेंट समय पर आरटीपीसीआर टेस्ट न होने की वजह से अपनी जान गवां रहे हैं।

अवनि के अनुसार, भारत में लोगों को कोरोना टेस्ट का खर्च उठाने में सक्षम होना चाहिए। अवनि ने पिछले साल मोबाइल टेस्टिंग लैबोरेटरीज भी स्थापित की थीं जिन्हें दिल्ली में कुछ घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तैनात किया गया था।