पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Women
  • Lifestyle
  • Ten year old Lidwina Joseph Wrote A Letter To The Chief Justice Praising Her For Taking Appropriate Steps In The Epidemic, She Received This Encouraging Response With Good Wishes

छोटी उम्र में बड़ी सोच:दस वर्षीय लिडविना जोसेफ ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर की महामारी में उचित कदम उठाने की तारीफ, इस बच्ची को शुभकामनाओं के साथ मिला उत्साह बढ़ाने वाला ये जवाब

10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

केरल की रहने वाली लिडविना जोसेफ की उम्र 10 साल है। वह 5 वीं कक्षा में पढ़ती है। उसने भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एन वी रमणा को पत्र लिखकर देश में महामारी के दौरान लोगों की जिंदगी बचाने और प्रभावी हस्तक्षेप करने की सराहना की है। इस पत्र से लिडविना का सोशल मीडिया के प्रति रूझान पता चलता है। मुख्य न्यायाधीश ने पत्र का जवाब दिया और इस बच्ची के लिए स्पेशल गिफ्ट भी भेजा। उन्होंने लिडविना को संविधान की हस्ताक्षरित कॉपी भी दी। लिडविना त्रिशूर के सेंट्रल स्कूल में पढ़ती हैं। उसने पत्र के साथ एक ड्रॉइंग भी भेजी है। इसमें एक न्यायाधीश को कोरोना वायरस को मारते हुए दिखाया गया है। उसके पास ही तिरंगा झंडा, अशोक स्तंभ और महात्मा गांधी की तस्वीर भी बनाई।

मुख्य न्यायाधीश ने लिडविना के लिखे इस पत्र की खूब तारीफ की। इसमें लिडिविना ने दिल्ली में कोरोना के कारण हो रही मौतों की वजह से चिंता व्यक्त की। उसने लिखा कि अखबार के माध्यम से मुझे ये पता चला कि सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों की पीड़ा और मृत्यु पर प्रभावी तरीके से हस्तक्षेप किया है। उसे इस बात पर गर्व है कि कोर्ट ने ऑक्सीजन की आपूर्ति के आदेश दिए और लोगों की जान बचाने का हर संभव प्रयास भी किया।

लिडविना के इस पत्र से मुख्य न्यायाधीश प्रभावित हुए। उन्होंने जवाब देते हुए लिखा कि जिस तरह आपने देश में होने वाली घटनाओं पर नजर रखी और महामारी में लोगों की भलाई के लिए चिंता जताई, उससे मैं बहुत प्रभावित हूं। मुझे विश्वास है कि आप एक सतर्क, जानकारी रखने वाली और जिम्मेदारी नागरिक बनेंगी और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देंगी।