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  • Women Who Eat More Fast Food And Do Not Eat Breakfast Have Worse Mental Health Than Men Who Eat The Same Diet, They Also Have More Problems Of Mood Swings.

रिसर्च:फास्ट फूड खाने और नाश्ता न करने वाली महिलाओं का मानसिक स्वास्थ्य समान डाइट लेने वाले पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा प्रभावित, उनमें मूड स्विंग की प्रॉब्लम भी अधिक होती है

3 महीने पहले
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हम जो भी खाते हैं, उसका हमारी शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्थिति पर भी सीधा प्रभाव होता है। जर्नल ऑफ पर्सनलाइज्ड मेडिसिन में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, 30 साल से अधिक उम्र की वे महिलाएं जो हेल्दी डाइट नहीं लेतीं, वे एंग्जाइटी, डिप्रेशन और तनाव का जल्दी शिकार होती हैं। न्यूयॉर्क की बिंमटन यूनिवर्सिटी के रिसचर्स ने 30 साल की 322 महिलाओं और 322 पुरुषों पर अध्ययन किया। इन सभी की डायटरी हैबिट्स, फिजिकल एक्टिविटी और मूड पैटर्न को भी अपने अध्ययन में शामिल किया। उन्होंने ये पाया कि जो महिला या पुरुष नट्स, फिश, हरी पत्तेदार सब्जियां अधिक खाते हैं, वे अन्य लोगों की अपेक्षा ज्यादा खुश रहते हैं।

इसके विपरीत ज्यादा फास्ट फूड खाने वाले, ब्रेकफास्ट न करने वाले लोगों को मूड स्विंग की समस्या अधिक होती है। हाइ ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड जैसे आलू, चिप्स, मीठी चीजें या व्हाइट ब्रेड से ब्लड शुगर लेवल जल्दी बढ़ता है। इन चीजों को खाने की आदत जिन महिलाओं की अधिक होती है, उनमें पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा निगेटिव साइड इफेक्ट्स सामने आते हैं। अनहेल्दी डाइट होने का असर पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा होता है।

रिसर्चर्स ने ये भी साबित किया कि इन प्रतिभागियों की साइकोलॉजिकल हेल्थ को बनाए रखने में एक्सरसाइज की खास भूमिका होती है। वे महिलाएं या पुरुष जो नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, उनकी मानसिक स्थिति एक्सरसाइज न करने वालों की अपेक्षा ज्यादा अच्छी होती है।