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फिजूलखर्ची से छुटकारा:अगर आपके पार्टनर को है बिना सोचे-समझे पैसे खर्च करने की आदत तो क्या करें?

9 महीने पहले
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डोरबेल बजी तो कृतिका ने दरवाजा खोला। सामने एक डिलिवरी ब्वॉय पार्सल लेकर खड़ा था। कृतिका को समझते देर न लगी कि आलोक ने फिर कोई ऑनलाइन ऑर्डर किया है। ये इस हफ्ते का तीसरा पार्सल था। कृतिका अपने पति की फिजूलखर्ची की आदत से परेशान है क्योंकि इससे उनकी सेविंग्स पर बुरा असर पड़ रहा है।

ऐसी स्थिति का सामना करने वाली कृतिका अकेली महिला नहीं हैं। कभी-कभी ऐसे मसले इतने बढ़ जाते हैं कि रिश्ते टूटने तक की नौबत आ जाती है। अब सवाल उठता है कि इस स्थिति से निपटने के लिए कृतिका और उन जैसी महिलाओं को क्या करना चाहिए?

स्टेप #1: कारण जानने की कोशिश करें

सबसे पहले फिजूलखर्ची का कारण समझने की कोशिश करें। ये महज लापरवाही है या इसके पीछे कोई गंभीर कारण हैं। मसलन- डर, असुरक्षा, आत्मग्लानि। कारण समझने के बाद ही उसका हल निकाला जा सकता है।

स्टेप #2: दोष मत दें, बात करें

पति पर सीधा दोष लगाने से बचें। यह रिश्तों में कड़वाहट ला सकता है। उनसे बात करें और तय करें कि इस महीने कहां निवेश करना है। पति-पत्नी दोनों, पैसे की बचत के साझा प्रयास करें। इसके लिए मौखिक की बजाय सभी खर्चों को लिखकर रखें। उससे ज्यादा अगर कोई खर्च करता है तो याद दिला दें।

स्टेप #3: दो तरह के खाते का इस्तेमाल करें

पति-पत्नी मिलकर दो तरह के बैंक खाते रखें। एक पर्सनल और दूसरा ज्वाइंट अकाउंट। पर्सनल में सिर्फ वही पैसा रखें जिसे आप अपने ऊपर खर्च करने वाले हैं। घर के बाकी खर्च और सेविंग का सारा पैसा ज्वाइंट अकाउंट में रखें। किसी भी हालत में शॉपिंग के लिए ज्वाइंट अकाउंट का इस्तेमाल न करें।

स्टेप #4: लिस्ट बनाकर करें शॉपिंग

शॉपिंग करने जाएं तो अपने जरूरत के सामान की लिस्ट बना लें। वरना बहुत सारी ऐसी चीजें भी खरीद लाएंगे या ऑनलाइन ऑर्डर कर देंगे जिनकी आपको जरूरत भी नहीं है। क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करने को प्रोत्साहित न करें।

स्टेप #5: प्रोफेशनल सलाह लें

अगर ऊपर बताए गए कोई भी तरीके काम न आ रहे हों तो प्रोफेशनल सलाह लेनी चाहिए। मसलन, किसी वित्तीय सलाहकार से अपना बजट बनवा लें या शॉपिंग हैबिट बदलने के लिए किसी मनोचिकित्सक से भी मिल सकती हैं।

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