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पोर्न से आइडिया लेकर बच्चे ने टीचर से की ज्यादती:नाकाम रहने पर 46 साल की महिला पर लगाया यौन-शोषण का आरोप, तीन साल बाद खुला भेद

नई दिल्ली4 महीने पहले
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पोर्न वीडियोज बच्चों के नाजुक मन पर कितना बुरा असर डालते हैं, इसकी बानगी ब्रिटेन में देखने को मिली है। जहां पोर्न साइट्स पर उम्र-दराज महिलाओं के वीडियोज देखने के बाद 15 साल का एक स्टूडेंट अपनी टीचर के बारे में गंदे ख़यालात पालने लगा। उसने स्कूल में खुद से तिगुनी उम्र की महिला टीचर के साथ ज्यादती भी की। पोर्न वीडियो का फ़ितूर उसके दिमाग पर ऐसा चढ़ा कि वो खुद भी ऐसा करने की सोचने लगा था।

महिला टीचर के इनकार करने के बाद नाबालिग ने उल्टे उस पर यौन-शोषण का आरोप लगा दिया। महिला टीचर 3 साल तक खुद को निर्दोष साबित करने के लिए लड़ती रही। पुलिस, स्कूल के स्टाफ और मीडिया सभी ने बच्चे की बात को सच मान लिया था। आखिरकार वकीलों और कोर्ट ट्रायल पर 40 लाख रुपए खर्च करने के बाद कोर्ट ने महिला टीचर को निर्दोष ठहराया है। जांच में यह बात पता चली कि बच्चे ने ही पोर्न देख कर सारी साजिश रची थी।

पोर्न की खयाली दुनिया में खोकर नाबालिग ने की गंदी हरकत

मामला 2019 का है। 46 साल की रेबेका व्हाइटरर्ट्स ग्रेटर मैनचेस्टर के एक स्कूल में मॉडर्न लैंग्वैज पढ़ाती थीं। उनकी क्लास के ज्यादातर बच्चे 14 से 16 साल के थे। इसी में से 15 साल के एक लड़के ने उन पर गंदी निगाह डालनी शुरू कर दी। वह स्टूडेंट पोर्न एडिक्ट था। वहीं से उसको यह आइडिया मिला था। मदद के बहाने उसने टीचर रबेका से स्कूल ईमेल आईडी पर बातचीत शुरू कर दी। धीरे-धीरे वो उनसे सोशल मीडिया पर जुड़ गया।

फिर अचानक से एक दिन लड़के ने रेबेका को बताया कि वह उससे प्यार करता है। रेबेका के इनकार करने पर वह उनके साथ अक्सर ज्यादती करने लगा। जब भी रेबेका क्लास में अकेले होती, वो उन्हें छूने की कोशिश करता। एक बार तो उसने अकेले में रेबेका को थप्पड़ मारते हुए उनके मुंह पर थूक दिया। उसे यह सब रोमांटिक लगा, जो उसने पोर्न देख कर सीखा था।

रेबेका यह बात चाह कर भी किसी को बता नहीं पा रही थीं। उन्हें पता था कि इतनी कम उम्र के लड़के की इन हरकतों को कोई भी सच नहीं मानेगा। लड़का लगातार उन्हें उन पोर्न वीडियोज के लिंक्स भेजता था, जिनमें ज्यादा उम्र की महिलाएं होती थीं। वह अपनी न्यूड फोटोज भी भेजता था।

तीन साल के संघर्ष के बाद सामने आई हकीकत, सब रेबेका को मानते थे दोषी

अपने स्टूडेंट की गंदी हरकतों से तंग आकर रेबेका ने नौकरी छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन दो बच्चों की मां के ऊपर परिवार चलाने की जिम्मेदारी थी, जिसके चलते वो ऐसा नहीं कर पा रही थी। लंदन से छपने वाले ‘द संडे टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक लड़के के डर से रेबेका स्कूल में कभी अकेले नहीं रहती थीं। नाबालिग उन पर स्कूल के बाहर मिलने के लिए दबाव बनाता था।

लेकिन एक दिन रेबेका का सब्र जवाब दे गया। उसने अपने सीनियर टीचर को सब कुछ बता दिया। स्कूल प्रशासन की सलाह पर रेबेका ने पुलिस में कंप्लेन दर्ज कराई।

पुलिस के साथ पहली ही मुलाकात में रेबेका को पता चला कि लड़के ने भी उन पर यौन शोषण और न्यूड फोटो भेजने का आरोप लगाया है। पुलिस ने भी रेबेका से ही पूछताछ की। लगभग सभी लोग रेबेका को लड़के के यौन शोषण के लिए दोषी मानने लगे थे।

रेबेका पूरी जांच के दौरान मानसिक रूप से परेशान रहीं। लेकिन अब निर्दोष साबित होने के बाद वो टीचिंग प्रोफेशन छोड़ कर नई शुरुआत करना चाहती हैं।
रेबेका पूरी जांच के दौरान मानसिक रूप से परेशान रहीं। लेकिन अब निर्दोष साबित होने के बाद वो टीचिंग प्रोफेशन छोड़ कर नई शुरुआत करना चाहती हैं।

जांच में सामने आई हकीकत लेकिन लड़के पर कोई कार्रवाई नहीं होगी

तीन साल तक मामले की जांच चली। जिसके बाद अदालत ने रेबेका को पूरे मामले में निर्दोष पाया। सख्ती से पूछताछ करने पर नाबालिग ने भी सच उगल दिया। लड़के ने अदालत में माना कि उनसे अपनी टीचर के साथ ज्यादती की है और पकड़े जाने के डर से झूठा आरोप लगा दिया। जज ने जब रेबेका को निर्दोष ठहराया तो वह अपने आंसू न रोक सकीं।

रेबेका अब दोबारा कभी स्कूल में कदम नहीं रखना चाहती हैं। उन्होंने टीचिंग प्रोफेशन को छोड़ने का मन बना लिया है।

अदालत में सच सामने आने के बाद भी पुलिस का नाबालिग आरोपी पर कार्रवाई का कोई इरादा नहीं है। हालांकि अगर रेबेका इस मामले में दोषी पाई जातीं तो उन्हें ब्रिटेन के कानून के मुताबिक 14 साल तक की सजा दी जाती।

जांच में नाबालिग स्टूडेंट को टीचर के साथ ज्यादती और झूठे आरोप लगाने का दोषी पाया गया है। लेकिन स्कूल प्रशासन और पुलिस का उसके खिलाफ कार्रवाई का कोई इरादा नहीं है।
जांच में नाबालिग स्टूडेंट को टीचर के साथ ज्यादती और झूठे आरोप लगाने का दोषी पाया गया है। लेकिन स्कूल प्रशासन और पुलिस का उसके खिलाफ कार्रवाई का कोई इरादा नहीं है।

बच्चों के मन को गंदा कर रहा है ऑनलाइन पोर्न कंटेंट

‘पोर्नोग्राफी और बच्चों का सेक्शुअल समाजीकरण’ नाम के एक रिसर्च पेपर में इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ सेक्स रिसर्च के एक्सपर्ट पॉल जे राइट ने बच्चों पर पोर्न के प्रभाव को विस्तार से बताया है। दुनिया भर से डाटा इकट्ठा करने के बाद पॉल इस नतीजे पर पहुंते कि पोर्न बड़ों के मुकाबले बच्चों पर ज्यादा नकारात्मक असर डालता है। पोर्न देख कर उनके मन में वैसा ही सेक्स व्यवहार करने का आइडिया बड़ों के मुकाबले ज्यादा आता है।