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शॉपिंग क्रेजी हुए पुरुष:दिवाली पर 62% पुरुष, 55% महिलाएं खरीदारी के मूड में; 2 लाख करोड़ रुपए पार करेगा मार्केट

नई दिल्ली4 महीने पहलेलेखक: संजीव कुमार
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कोविड लॉकडाउन ने पिछले दो साल से दिवाली को भले ही फीका रखा हो, लेकिन इस बार भारतीय दिल खोलकर शॉपिंग कर रहे हैं।

दुनिया भर में मंदी और युद्ध के डर के साए में जी रहे लोग खरीदारी को तरजीह नहीं दे रहे। मगर भारत में इसका उल्टा ही रुझान है। यहां फेस्टिवल सीजन के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि खरीदारी के मामले में पुरुषों ने महिलाओं को पीछे छोड़ दिया है। 62 फीसदी पुरुष दिवाली पर खरीदारी के मूड में हैं, जबकि 55 फीसदी महिलाएं शॉपिंग को तैयार हैं।

इस बार जितनी रौनक दुकानों और बाजारों में दिखाई दे रही है उससे कहीं ज्यादा उत्साह ऑनलाइन खरीदारी की तरफ दिखाई पड़ रहा है। लोग फैशन, सजावटी सामान, ट्रैवल, गिफ्ट सहित कई तरह की खरीदारी में दिलचस्पी ले रहे हैं। आइए इस फेस्टिवल सीजन में भारतीयों की खरीदारी के रुझान को विस्तार से जानते हैं।

2 लाख करोड़ पार होगी ऑफलाइन-ऑनलाइन फेस्टिवल सेल्स

अनिश्चितता भरे वातावरण में भारतीय इतनी शॉपिंग कर रहे हैं जितनी महामारी से पहले भी नहीं की थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बड़ी संख्या में भारतीय न केवल कार, घर और गहने खरीद रहे हैं, बल्कि घूमने-फिरने पर भी काफी रकम खर्च कर रहे हैं।

पिछले काफी समय से खरीदारी की दबी चाहत इस बार खुलकर बाहर निकल रही है। बाजार इसे ‘रिवेंज शॉपिंग’ मानकर चल रहा है। माना जा रहा है कि इस बार फेस्टिव सेल्स 2 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच सकती है।

कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के मुताबिक, कुल सेल्स में से ऑफलाइन सेल्स का हिस्सा 15 अरब डॉलर से ज्यादा रह सकता है, जो साल 2019 में 8.5 अरब डॉलर था।

1 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है ऑनलाइन सेल

रिपोर्ट में इंडस्ट्री के अनुमान के हवाले से लिखा गया है कि मौजूदा फेस्टिवल सीजन जो कि सितंबर के अंत से शुरू हुआ और नवंबर की शुरुआत तक चलेगा, में बिक्री 27 अरब डॉलर को पार कर सकती है। ये रकम रुपए के मौजूदा स्तर पर 2.2 लाख करोड़ के करीब है।

ये आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी अधिक है। साथ ही 2019 में महामारी से पहले के फेस्टिव सीजन के मुकाबले दोगुना है।

मार्केट कंसल्टेंट रेडसीर ने अनुमान जताया है कि इस साल ऑनलाइन सेल्स भी करीब 12 अरब डॉलर, यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है, जिसका फायदा सीधे अमेजन और फ्लिककार्ट जैसे प्लेयर्स को मिलेगा।

ऑनलाइन खरीदारों की संख्या 2018 के बाद से 4 गुना बढ़कर 20 करोड़ के करीब पहुंच गई है। और इसमें सबसे ज्यादा ग्रोथ छोटे शहरों से आ रही है, जहां से लोग कपड़े से लेकर महंगे मोबाइल तक खरीद रहे हैं।

डिजिटल भारत के इस दौर में ऑनलाइन ठगी गिरोह भी सक्रिय होते जा रहे हैं। आइए बताते हैं इनसे कैसे बचा जा सकता है-

घर खरीदने वालों की संख्या में भी हुई बढ़ोतरी

देश में 15 हजार से ज्यादा वाहन डीलरों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों के मुताबिक, नवरात्रों के 9 दिनों में वाहनों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 57 प्रतिशत ज्यादा रही।

रियल एस्टेट में एक्सपर्ट जेएलएल कंसल्टेंसी के मुताबिक, सितंबर के महीने में फेस्टिवल छूट की मदद से घरों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 70 प्रतिशत बढ़त दर्ज हुई है।

लंबे समय से दबी मांग का मिला फायदा

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में असिस्टेंट मैनेजर तरुण कुमार के मुताबिक, ‘इस फेस्टिव सीजन में सेल्स के उछाल की वजह पिछले काफी समय से दबी हुई खरीदारी की बढ़ी चाहत का होना है।

कोरोना के बाद से भारतीय बचत पर ज्यादा ध्यान दे रहे थे और इस दौरान उन्होंने अपनी मुट्ठी को बंद रखा। अब त्योहार के मौके पर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं। जो बाजार में उछाल की वजह बनी है, जिसका फायदा सभी सेक्टर्स को मिल रहा है।’

कंज्यूमर लोक-लुभावने विज्ञापनों के चलते कुछ ऐसी खरीदारी भी कर लेते हैं जिसको वापस करने में दिक्कत आती है। ऐसे मामले में कंज्यूमर की मदद के लिए सरकार ने कदम उठाए हैं। इसे ग्रैफिक से समझिए-

लॉकडाउन हटने और कंपनियों के ऑफर, डिस्काउंट और फेस्टिव सीजन के सेंटीमेंट्स तीनों ही सेल्स में बढ़ोतरी कर रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि कई परिवार त्योहारों के दौरान खर्च करने के लिए पहले से ही प्लान कर रहे थे, जिसका असर अब देखने को मिल रहा है।

त्योहारी सेल में आया 68% का उछाल, किचन के सामान के सबसे ज्यादा ऑर्डर

ऑनलाइन शॉपिंग की लोकप्रिय वेबसाइट मीशो (meesho) की बिक्री सितंबर की त्योहारी सेल में 68 फीसदी बढ़ गई। सेल में उसे करीब 3.34 करोड़ ऑर्डर मिले। मीशो ने अक्टूबर के शुरुआती दस दिनों में 30 कैटेगरी में करीब 8 लाख सेलर्स के साथ 6.5 करोड़ एक्टिव प्रोडक्ट की लिस्टिंग की है।

कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) विदित आत्रे के मुताबिक, कंपनी को मिले कुल ऑर्डर में से लगभग 60 फीसदी टीयर-4 शहरों से आए।

अगर दूसरी श्रेणी के शहरों से आई सेल को भी जोड़ लिया जाए तो यहां से आए ऑर्डर 80 प्रतिशत तक हो जाते हैं। दूसरी श्रेणी में भारत के 10 शहर हैं तो चौथी श्रेणी में सबसे ज्यादा 29 शहर आते हैं।

यहां ग्रैफिक के जरिए समझते चलें कि आखिर किस कैटेगरी में कौन से शहर को रखा गया है-

दिवाली की लक्ष्मी इकोनॉमी को देती हैं मजबूती

त्योहारी मौसम में बड़े पैमाने पर बिक्री होती है जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। ग्लोबल रिसर्च एंड एनालिसिस ग्रुप YouGov के एक सर्वे में पाया गया है कि 58 फीसदी शहरी लोग दिवाली पर शॉपिंग का प्लान बना चुके हैं, जबकि 39 फीसदी लोग ऑनलाइन खरीदारी को तरजीह दे रहे हैं।

62% पुरुष शॉपिंग की तैयारी में तो 55% महिलाएं भी करेंगी खरीदारी

इसी सर्वे से पता चलता है कि त्योहारों के मौसम में खरीदारी की तैयारी में पुरुष महिलाओं से आगे हैं। 62 फीसदी पुरुषों ने दिवाली पर खरीदारी की बात कही, जबकि 55 फीसदी महिलाएं शॉपिंग के लिए तैयार हैं। हालांकि, ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते ट्रेंड का असर इस सर्वे में भी देखने को मिला है।

इसके मुताबिक, प्रत्येक पांच में से दो व्यक्ति फेस्टिवल सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियों के फेस्टिवल ऑफर और डिस्काउंट के चलते शॉपिंग का मूड बना रहे हैं।

ऑनलाइन खरीदारों की संख्या दोगुनी हुई, श्रेणी-2 शहरों में बढ़ती पैठ का असर- रेडसीर रिपोर्ट

रेडसीर की एक रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि 2018 की तुलना में इस साल त्योहारी सत्र में ऑनलाइन खरीदारी करने वालों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। एक अनुमान के अनुसार, दिवाली पर 5 करोड़ छोटे-बड़े और महंगे गिफ्ट आइटम्स लेन-देन होता है।

इसमें एक बड़ा हिस्‍सा ऑनलाइन शॉपिंग का भी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस फेस्टिवल सीजन में अलग-अलग चीजों के बाजार को भी बढ़ावा मिलेगा।

रेडसीर स्ट्रैटजी कंसल्टेंट्स के एसोसिएट पार्टनर संजय कोठारी के मुताबिक, इस साल फैशन में ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने का भी अनुमान है। श्रेणी-2 शहरों में खासतौर से मांग बढ़ती दिखाई पड़ रही है। 2018 के मुकाबले फैशन में ऑनलाइन शॉपिंग में चार गुना बढ़ोतरी होगी।

फेस्टिवल सीजन में रेडीमेड की खरीदारी, महिलाओं में बढ़ा न्यू ब्रांड का क्रेज

हाल ही में जारी डिलॉयट की ग्लोबल स्टेट ऑफ कंज्यूमर ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, लोग घूमने- फिरने के अलावा कपड़े और घरेलू व सजावटी सामान की खरीदारी पर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं।

न्यू प्रोडक्ट और ब्रांड को लेकर मेटा टेक्नोलॉजीज ने सालाना कंज्यूमर इंसाइट रिपोर्ट में कहा है कि इस बार दिवाली पर कंज्यूमर न्यू ब्रांड के कपड़ों को खरीदने पर ज्यादा फोकस किए हुए हैं।

इसी वजह से दुकानदारों और डीलर्स में न्यू ब्रांड प्रोडक्ट को लेकर क्रेज दिखाई दे रहा है। महिलाओं में कपड़ों को लेकर अलग ही क्रेज है। अनारकली ड्रेस, धोती कुर्ती सेट, पेस्टल साड़ी, एंब्रोइडर्ड एथनिक जैकेट, पेप्पी प्लाजो, प्रिंटेड दुपट्‌टा और मल्टी कलर प्रिंटेड कुर्ती की खरीदारी ज्यादा देखने को मिल रही है।

गिफ्ट वाउचर का ट्रेंड, जानिए उपहार और खरीदारी में वाउचर्स का खेल

जब गिफ्ट की बात चली है तो पहले इस दिलचस्प खबर पर भी गौर कर लीजिए-

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में जयंती लाल लंबे समय से ज्वेलरी शॉप चलाते हैं। पर इस दिवाली उन्होंने अपने कर्मचारियों को परिवार का सदस्य मानते हुए उनके काम से खुश होकर कार और बाइक गिफ्ट की हैं। इस तरह के गिफ्ट की किसी भी कर्मचारी ने उम्मीद नहीं की थी। गिफ्ट देने के अलवा जयंती लाल ने जब यह कहा कि पूरा स्टाफ एक परिवार की तरह है तो कई कर्मचारियों की आंखों में आंसू आ गए।

अगर आप भी दिवाली के मौके पर अपने दोस्तों, घरवालों को गिफ्ट देने की सोच रहे हैं। लेकिन आपकी समझ कुछ नहीं आ रहा है, तो आप गिफ्ट कार्ड के बारे में जरूर विचार कर सकते हैं।

आइए जानते हैं कि आखिर गिफ्ट कार्ड क्या है और इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं-

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि त्योहार की वजह से इकोनॉमी को कितना बड़ा फायदा मिलता है। लेकिन इस दौरान खरीदारी को लेकर ठगे जाने से रंग में भंग भी पड़ सकती है। ऐसे में खरीदारी कीजिए मगर सावधानी भी रखिए।

ग्रैफिक्स: सत्यम परिडा

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