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फुटबॉलर मेसी ने कमर पर बनवाए पत्नी के होंठ:फीफा वर्ल्ड कप में छाया टैटू का खुमार, कोहली-राहुल ने भी बनवाए

नई दिल्ली2 महीने पहलेलेखक: ऐश्वर्या शर्मा
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पूरी दुनिया पर इस समय फुटबॉल वर्ल्ड कप का खुमार चढ़ा है। कतर में चल रहे दुनिया के इस सबसे लोकप्रिय खेल का फाइनल 18 दिसंबर को खेला जाएगा।

फीफा वर्ल्ड कप 2022 में लोग रोमांचक मैचों का मजा लेने के साथ ही अपने फेवरेट प्लेयर्स के टैटू भी बनवा रहे हैं। कोई मेसी तो कोई नेमार के जैसे टैटू बनवाना चाहता है।

क्या आपको पता है कि प्लेयर्स अलग-अलग बॉडी पार्ट्स पर टैटू क्यों बनवाते हैं? ये टैटू अलग-अलग मैसेज देते हैं तो इनके फायदे भी अलग-अलग होते हैं। हाथ में बनाए जाने वाले टैटू जहां ऑक्सीजन लेवल बढ़ाते हैं तो घुटने के नीचे बने टैटू स्टेमिना बढ़ाते हैं। कई टैटू गुडलक के लिए भी बनवाए जाते हैं।

लेकिन कभी सोचा है कि खिलाड़ी टैटू के दीवाने क्यों होते हैं? फुटबॉल ही नहीं, क्रिकेट, हॉकी, आर्चरी समेत कई खेलों से जुड़े खिलाड़ी भी टैटू बनवाते हैं।

प्लेयर्स और टैटू के बीच में क्या कनेक्शन है, आज ‘फुरसत का रविवार’ में खेल-खेल में यही समझते हैं।

ऑक्सीजन लेवल और स्टेमिना बढ़ाते और स्ट्रेस कम करते हैं टैटू

नोएडा के अरण्य एक्यूप्रेशर सेंटर में सुजोक थेरेपिस्ट सीमा शर्मा ने वुमन भास्कर को बताया कि टैटू हमेशा एक्यूपॉइंट्स पर ही बनाए जाते हैं, लेकिन मशीन से टैटू बनवाने की जगह हाथ से सुई की मदद से टैटू बनवाने चाहिए। इसे गोदना कहते हैं जो एक पुरानी प्रथा और तकनीक है।

कुछ पॉइंट्स पर बनाए गए टैटू खिलाड़ियों को भी काफी मदद करते हैं। जैसे अगर घुटनों से नीचे की तरफ टैटू बनवाया जाए तो इससे स्टेमिना बढ़ती है। कई खिलाड़ी स्टेमिना बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड्स के इंजेक्शन लेते हैं, लेकिन इस पॉइंट पर अगर एक्यूप्रेशर या टैटू किया जाए तो वह नेचुरल तरीके से स्टेमिना बढ़ाएगा।

इसी तरह कई खिलाड़ियों को पीठ में दिक्कत होती है तो सवाईकल पॉइंट पर टैटू बनवाया जा सकता है। अगर टैटू बाजू पर गुदवाया जाए तो इससे शरीर में ऑक्सीजन का लेवल ठीक रहता है।

सुजोक थेरेपिस्ट सीमा शर्मा कहती हैं कि अगर किसी को स्ट्रेस या डिप्रेशन हो तो माथे पर ‘आज्ञा चक्र’ होता है, वहां टैटू बनवाना चाहिए। इससे स्ट्रेस दूर हो जाएगा।

कुछ स्टडीज इसे स्ट्रेस कम करने का बेहतरीन तरीका मानती हैं। इससे शरीर में कोर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन कम होता है। साथ ही एड्रेनालाइन और एंडोर्फिन हॉर्मोन रिलीज होने लगते हैं। इससे यह दर्दनाक प्रक्रिया भी लोगों को खुशी देने लगती है।

आगे बढ़ने से पहले आपको बताते हैं प्राचीन मिस्र में मिले थे टैटू के सबूत, ग्राफिक्स पढ़िए:

टैटू इम्यून सिस्टम को भी दुरुस्त रखता है

टैटू को प्राचीन चीनी चिकित्सा में ऐक्यूपंक्चर माना गया है। अमेरिकन जनरल ऑफ ह्यूमन बायोलॉजी की स्टडी में पाया गया कि टैटू इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखता है। गोदने से शरीर में एंटीबॉडीज बनती हैं जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

ये तो रही खिलाड़ियों के टैटू बनाने के शौक और चलन की बात, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर में टैटू को लेकर कई तरह के चलन और मान्यताएं हैं, लेकिन उससे पहले ग्राफिक्स से जानें दुनिया का ऐसा पहला कौन सा इंसान था जिसने टैटू बनवाए:

घरवालों के जाने के बाद उनके टैटू सहेजने का चलन

अमेरिका में लोगों के बीच अपने प्रियजनों के टैटू सुरक्षित रखने का चलन बढ़ा है। वह उनकी याद में उनके शरीर पर बने टैटू को फ्रेम कराना चाहते हैं। अमेरिका के नेशनल फ्यूनरल डायरेक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार वॉशिंगटन को छोड़कर अमेरिका के सभी 49 राज्यों में अपने घरवालों के टैटू को प्रिजर्व रखने की परमिशन है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स को 'सेव माई इंक फॉरएवर' कंपनी के काइल शेरवुड ने एक इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने बताया कि ऑर्डर मिलने पर कंपनी फ्यूनरल होम को कुछ जरूरी सामान भेजती है।

अंतिम क्रिया करने वाले कर्मचारी को टैटू सेफ रखने के लिए बॉडी के उस हिस्से से टैटू वाली स्किन को निकालने के निर्देश दिए जाते हैं। फिर स्किन के उस हिस्से को कंपनी के मुख्यालय ओहायो भेजा जाता है जहां म्यूजियम में इस्तेमाल होने वाले कांच के फ्रेम में उसे मढ़ा जाता है। इस प्रोसेस में 5 महीने का समय लगता है। छोटे टैटू को फ्रेम करवाने का खर्च डेढ़ लाख रुपए तक आता है।

फुटबॉल की सभी टीमों में एक खिलाड़ी ‘टैटू किंग’ के तौर पर फेमस है। आइए जानते हैं कि किस स्टार फुटबॉलर ने कौन-सा टैटू बनवाया है और उनके टैटू क्या कहते हैं।

मेसी ने कमर पर बनवाए हैं वाइफ के लिप्स

अर्जेंटीना के सबसे पॉपुलर फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी के खेल और टैटू दोनों के फैन पूरी दुनिया में हैं। इनकी बॉडी पर बने हर टैटू का कनेक्शन इनकी फैमिली से है। उन्होंने सबसे पहले अपनी पीठ पर टैटू बनवाया था जो उनकी मां सेलिआ का पोट्रेट था। उन्होंने अपने बाएं पैर पर अपने बेटे का हाथ और नाम गुदवाया हुआ है। इसी पैर पर उन्होंने नंबर 10 का टैटू भी बनवाया, जिस नंबर की वो जर्सी पहनते हैं।

दाएं पैर पर उन्होंने अपने तीनों बेटों के नाम और उनकी जन्म तिथि गुदवा रखी हैं। उनके शोल्डर पर ईसा मसीह का टैटू है। यहीं नहीं, उनकी कमर पर लाल रंग के होठों का टैटू है जो उनकी पत्नी के किस को दर्शाता है।

एडरसन के टैटू दिखाते हैं उनकी जिंदादिली

ब्राजील के गोलकीपर एडरसन ने भी अपनी बॉडी पर कई टैटू बनवाए हैं। उनकी गर्दन पर गुलाब और स्कल बना है। एक इंटव्यू में उन्होंने अपने टैटू पर बात करते हुए कहा था कि ये टैटू इमोजी हैं जो दिखाते हैं कि मैं खुशमिजाज इंसान हूं।

उनके लिए टैटू बनवाना पैशन है। उन्होंने अपनी पीठ पर पंख और पैर पर ट्रॉफी का टैटू भी गुदवाया है।

नेमार की बॉडी पर मां और बहन का चेहरे समेत 40 टैटू

ब्राजील के फुटबॉलर नेमार ने 40 टैटू बनवाए हैं। इनमें उनके बाजुओं पर बनवाया टैटू बहुत खास है। इस खिलाड़ी ने अपनी बहन और मां का चेहरा टैटू के रूप में अपने शरीर पर गुदवाया है।

मेमफिस डिपे का टैटू बताता है- वो शेरदिल इंसान हैं

डच फुटबॉल मेमफिस डिपे को 'किंग ऑफ टैटू' कहा जाता है। उन्होंने अपनी पूरी पीठ पर शेर का टैटू बनवाया हुआ है। इस बारे में उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि यह टैटू दिखाता है कि वह शेरदिल इंसान हैं।

इन फुटबॉल स्टार के फैंस अपने फेवरेट प्लेयर्स के टैटू तो कभी उनसे जुड़ी चीजों को अपनी बॉडी पर बनाकर सपोर्ट करते हैं। आगे ऐसे ही फैंस के बारे में बताएंगे, लेकिन पहले ग्राफिक्स में देखिए फुटबॉलर्स के टैटू:

अपने फेवरेट प्लेयर को टैटू से सपोर्ट

नोएडा के टैटू आर्टिस्ट ट्रिपी कहते हैं कि टैटू इंसान की सोच और पर्सनैलिटी को दिखाता है।

वैसे आजकल यंग जनरेशन ज्योमैट्रिकल टैटू बनवाना पसंद कर रही है लेकिन जब से फीफा वर्ल्ड कप शुरू हुआ है तब से लोग फुटबॉल बनवाने या अपने पसंद के प्लेयर को सपोर्ट करने के लिए उनके नाम का या उनके जैसे टैटू बनवाने आ रहे हैं। युवा खिलाड़ियों का पोट्रेट भी बनाते हैं। कुछ ट्रॉफी भी बनवाना चाहते हैं।

खेल हमेशा जोश से भरे होते हैं और खेल के मैदान पर हर खिलाड़ी समय-समय पर जोश से भरा हुआ आक्रामक दिखता है। टैटू का खेल के जोश में डूबी आक्रामकता से भी संबंध है।

अगर टैटू बनवाया है तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ग्राफिक्स पढ़िए:

पब्लिक की नजरों में रहने के लिए टैटू बनाने का चलन

दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में मनोचिकित्सक डॉ. राजीव मेहता कहते हैं वैसे तो कि टैटू और एग्रेशन का कोई संबंध नहीं है।

हां, अगर कोई इंसान इम्पलसिव बिहेवियर डिसऑर्डर का शिकार हो तो उसे हर चीज तुरंत चाहिए होती है। इससे इंसान एग्रेसिव बनता है और टैटू बनवाने से उसे खुशी मिलने लगती है। लेकिन अगर खिलाड़ियों की बात की जाए तो वे हमेशा पब्लिक की नजरों में बने रहना चाहते हैं। उन्हें दिखावा और तारीफ दोनों चाहिए।

खिलाड़ी चाहते हैं कि लोग उन्हें फॉलो करें। वे लोगों के रोल मॉडल बने। ऐसे में उनके टैटू भी मीडिया में छाए रहते हैं और लोगों के बीच आर्कषण का केंद्र भी होते हैं। वहीं, उनके फैन उन्हीं की तरह टैटू बनवाने भी चले जाते हैं।

डॉ. राजीव आगे कहते हैं कि कुछ खिलाड़ी शो ऑफ भी करते हैं। जैसे कई प्लेयर अपने किसी खास इंसान का चेहरा या नाम अपने शरीर पर लिखवा लेते हैं। हो सकता है कि आम इंसान इसे पब्लिक में दिखाने की जरूरत न समझे लेकिन खिलाड़ी अपने चाहने वालों को अपनी पसंद और प्यार दोनों के बारे में बताना चाहते हैं।

टैटू बनवाने में बॉलीवुड स्टार्स भी कम नहीं हैं। ग्राफिक्स देखिए:

पावरफुल फील करने, गुड लक फैक्टर और कल्चर भी टैटू की वजह

जरूरी नहीं हर खिलाड़ी शो ऑफ या सुखिर्यों में बने रहने के लिए टैटू बनवाए। टैटू आर्टिस्ट मानते हैं कि एथलीट्स के टैटू बनवाने की वजह अलग-अलग होती है।

कुछ को टैटू पावरफुल फील कराते हैं तो कुछ गुड लक के लिए इसे बनवाते हैं। कुछ खिलाड़ी ऐसे देश या समाज से आते हैं, जहां अपने देश, टीम, परिवार या भगवान का टैटू बनाने का रिवाज है।

ग्राफिक्स में देखिए किन इंडियन प्लेयर्स ने बनाए हुए हैं टैटू:

भारत में विराट कोहली ने शुरू किया ट्रेंड

विदेशी ही नहीं, अब अपने देसी प्लेयर के बीच भी टैटू बहुत पॉपुलर हुआ है। भारतीय खिलाड़ियों में टैटू का ट्रेंड शुरू करने का श्रेय विराट कोहली को जाता है। उन्होंने अपनी बॉडी पर अभी तक 11 टैटू बनवाए हैं।

बाएं बाजू पर उन्होंने अपने पिता प्रेम और मां सरोज का नाम हिंदी में लिखवाया है।

एक बार विराट ने इस टैटू के बारे में कहा था कि जब तक वह जिंदा हैं, अपने पेरेट्ंस को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाकर रखना चाहते हैं। इसके अलावा उन्होंने भगवान की आंख (God Eye) , ऊं, भगवान शिव का टैटू गुदवाया है। चूंकि विराट वृश्चिक राशि के हैं, इसलिए उन्होंने दाएं कंधे पर अंग्रेजी में स्कॉर्पियो लिखवाया है, लेकिन उनका जापानी समुराई का टैटू सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।

ग्राफिक्स: सत्यम परिडा

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