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कोरोना के चलते तेजी से बड़ी हो रहीं इंडियन बच्चियां:सर्दी भगाने के लिए ज्यादा सेक्स करने लगे ब्रिटिश कपल, पढ़ें हेल्थ ब्रीफ

नई दिल्ली6 महीने पहले
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नमस्कार,

आप अपनी और अपने परिवार की सेहत का ध्यान बेहतर ढंग से रख सकें, इसके लिए हम ‘वीकली हेल्थ ब्रीफ’ लाए हैं। इसमें आपको मिलेंगे प्रमुख हेल्थ अपडेट्स, महत्वपूर्ण रिसर्च से जुड़े आंकड़े और डॉक्टरों की रेलेवेंट सलाह। इसे मात्र 2 मिनट में पढ़कर आपको सेहत से जुड़ी जरूरी जानकारियां मिलेंगी और आप परिवार का बेहतर ख्याल रख पाएंगी।

1. कोविड की वजह से जल्दी बड़ी हो रही हैं बच्चियां, सैनिटाइटर और टेंशन ने भी बढ़ाई उम्र

पुणे के जहांगीर हॉस्पिटल के एक्सपर्ट्स ने अपनी रिसर्च में पाया है कि कोविड की वजह से होने वाली टेंशन और सैनिटाइजर का ज्यादा इस्तेमाल कम उम्र की लड़कियों को जल्दी बड़ा कर रहा है। कोविड की वजह से 8-9 साल तक की बच्चियों में भी जवानी के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। रिसर्च में पाया गया है कि कोविड पीरियड के दौरान कम उम्र में प्यूबर्टी तक पहुंचने वाली बच्चियों की संख्या 3.6 गुना तक बढ़ी है। दूसरी ओर ‘डेली मेल’ की एक रिपोर्ट में भी कहा गया है कि अमेरिकी बच्चियां अपने मां के मुकाबले 2 से 3 साल पहले बड़ी हो रही हैं।

2. विदेशी हीरोइन का भ्रूण गर्भाशय से फिसलकर कहीं और पल रहा, दर्द से गुजर रहीं

नेटफ्लिक्स की चर्चित सीरीज ‘टू हॉट टू हैंडल’ की स्टार एमिली मिलर ‘एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी’ से जूझ रही हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर फैंस के साथ अपना दर्द साझा किया है। ‘एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी’ में भ्रूण मां के गर्भ की जगह उसके आस पास के किसी दूसरे अंग में पलने लगता है। ये भ्रूण अक्सर फलोपियन ट्यूब में विकसित होने लगता है। जिसके चलते भ्रूण के बड़े होने पर मां की फलोपियन ट्यूब फटने का खतरा होता है। एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी में महिलाओं को असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है। इसके चलते कई बार मां की जान भी चली जाती है। ऐसे मामलों में डॉक्टर अबॉर्शन की सलाह देते हैं।

3. पीरियड्स की वजह से महिलाओं का दिमाग होता है पुरुषों से ज्यादा गर्म

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की ‘MRC लैबोरेटरी फॉर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी’ की एक रिसर्च में बताया गया है कि महिलाओं का दिमाग पुरुषों की तुलना में ज्यादा गर्म होता है। हालांकि यह अंतर बमुश्किल आधे से 1 डिग्री का ही होता है। रिसर्च में बताया गया है कि पीरियड्स की वजह से महिलाओं का दिमाग ज्यादा गर्म होता है। रिसर्च में यह बात भी सामने आई है कि उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं और पुरुषों का दिमाग ज्यादा गर्म होता जाता है।

4. भारत में जानवरों के लिए कोरोना का टीका बना, पहले आर्मी और पुलिस के डॉग्स को लगेगा

अब देश में इंसानों के साथ जानवरों को भी कोविड का टीका लगाया जाएगा। लेकिन यह टीका इंसानों के टीके से अलग होगा। इसके लिए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च (ICAR) ने ‘एंकोवैक्स’ नाम की एक वैक्सीन बनाई है। इस वैक्सीन को अलग-अलग जंगली और पालतू जानवरों पर ट्रायल में कारगर पाया गया। बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन को सबसे पहले आर्मी और पुलिस के डॉग्स को लगाया जाएगा।

5. साइंस का कमालः आंख की जांच से पता चलेगा, कितना है हार्ट अटैक का खतरा

स्कॉटलैंड की एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मॉडर्न तकनीक डेवलप की है, जिसके सहारे आंख की जांच से हार्ट अटैक के खतरे का पता चलेगा। यानी अब आप अपनी आंख और हार्ट का ख्याल एक साथ रख सकती हैं। बायो बैंक से 5 लाख से ज्यादा डेटा की स्टडी के बाद रिसर्चर इस नतीजे पर पहुंचे कि रेटिना के पीछे मौजूद ब्लड वैसल्स के पैटर्न को देख कर हार्ट अटैक के खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे मामूली इलाज के सहारे हार्ट अटैक आने से पहले ही खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

6. सर्दी भगाने के लिए सेक्स करने लगे ब्रिटिश नागरिक, डॉक्टर्स बोले- इससे नहीं मिलेगी राहत

बदलते मौसम और पॉल्यूशन में बढ़ोतरी के साथ ब्रिटेनवासी सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। सर्दी-जुकाम बड़े पैमाने पर लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। जिसके बाद इसके नुस्खों को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जाने लगे। एक ऐसे ही दावे में बताया गया कि सेक्स करने से सर्दी-जुकाम से तुरंत राहत मिलती है। काफी लोग इस नुस्खे पर अमल भी करने लगे थे। लेकिन ‘मेल ऑनलाइन’ की एक रिपोर्ट में डॉक्टरों के हवाले से बताया गया है कि ऐसे नुस्खे कारगर नहीं हैं। सेक्स करने से सर्दी-जुकाम ठीक होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है।

7. न्यूट्रिशनिस्ट अंजलि मुखर्जी ने बताया 40 के बाद महिलाओं का क्यों बढ़ता है वजन

देश की जानी मानी न्यूट्रिशनिस्ट अंजलि मुखर्जी ने अपने इंस्टा पोस्ट में 40 की उम्र के बाद महिलाओं के वजन बढ़ने के कारणों पर बात की है। अंजलि ने बताया कि इस उम्र में मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। जिसके कारण उनका शरीर कम कैलोरी बर्न कर पाता है। साथ ही इस उम्र में बढ़ते वजन के लिए अंजलि ने आफ्टर प्रेग्नेंसी, मोनोपॉज को भी जिम्मेदार बताया। इससे बचने के लिए उन्होंने प्रोटीन और फाइबर से भरपूर खाना खाने के साथ विटामिन, कैल्शियम और आयरन सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी है।

8. गर्भ में ही हो सकता है मंकीपॉक्स, बचने के लिए ऑपरेशन से डिलीवरी की सलाह

दुनिया भर में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों के बीच एक स्टडी में बताया गया है कि इससे संक्रमित मां के अजन्मे बच्चे को भी हो सकता है। मां के ज्यादा संपर्क में आने से बच्चे को मंकीपॉक्स का खतरा भी ज्यादा होता है। इससे बचने के लिए रिसर्च करने वाले डॉक्टरों की टीम ने ऐसी मांओं को नॉर्मल डिलीवरी की जगह ऑपरेशन से बच्चा पैदा करने की सलाह दी है। बता दें कि मंकीपॉक्स बंदरों से इंसानों में फैला एक संक्रामक रोग है। इससे संक्रमित व्यक्ति के पूरे शरीर पर डरावने फोड़े निकल आते हैं।

9. फास्टिंग में ब्लैक कॉफी दे सकती है तकलीफ, एसिडिटी होगी और नींद भगा देगी कैफीन

फास्टिंग में एनर्जी पाने के लिए लोग अक्सर ब्लैक कॉफी ज्यादा पीने लगते हैं। लेकिन सीनियर न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा का कहना है कि ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। विशेषकर उनके लिए जो एसिडिटी, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हों। लवनीत ने अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि फास्टिंग के दौरान कभी-कभार कॉफी पीना ठीक है। लेकिन खाली पेट ज्यादा कैफीन नुकसानदायक हो सकती है। कैफीन की अधिकता आपकी नींद भी भगा सकती है।

10. ऑटिस्टिक प्राइड डेः इस बीमारी से पीड़ित बच्चे बार-बार एक ही काम को दोहराते हैं

ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें बेहतर माहौल देने के लिए हर साल 18 जून को ‘ऑटिस्टिक प्राइड डे’ मनाया जाता है। दरअसल, ऑटिज्म एक जेनेटिक बीमारी है। इससे पीड़ित बच्चों का मानसिक विकास रुक जाता है। ऐसे बच्चे एक ही काम को बार-बार दोहराते रहते हैं। उन्हें कुछ नया सीखने में काफी परेशानी होती है। इस न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की शुरुआत बचपन में ही होती है। इससे पीड़ित 40% से ज्यादा बच्चे बोल भी नहीं पाते।

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