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करियर दिशा:टेंशन को 'पेंशन' देकर आप भी कर सकती हैं हर एग्जाम पास, आजमाएं ये ट्रिक्स

नई दिल्ली5 महीने पहले
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एग्जाम जब नजदीक आने लगता है तो टेंशन और एंजाइटी दोनों बढ़ जाती है। एग्जाम की तनावपूर्ण स्थिति से निपटने का सबसे खास हथियार डिसिप्लिन है। कामयाब मानी जाने वाली हस्तियां, सेलिब्रिटीज, लीडर, खिलाड़ी सभी डिसिप्लिन, टाइम मैनेजमेंट और अपनी गलतियों से सीखकर ही सक्सेस हासिल करते हैं।

ग्रीनवैली स्कूल के प्रधानाचार्य और प्रबंधक अमर जाखड़ ने परीक्षा में बेहतर अंक लाने के टिप्स शेयर किए। उन्होंने बताया, 'आमतौर पर जब हम कोई खेल खेलते हैं तो गलतियों से बचते-बचाते जीतने की हर हाल में कोशिश करते हैं। यही सब कुछ हमें रियल लाइफ में भी करने की जरूरत होती है। किसी एग्जाम की तैयारी करना ठीक वैसे ही है जैसे कि आप फाइनल मैच की तैयारी कर रहे हों।'

क्या हो प्लानिंग
किसी एग्जाम की प्लानिंग करना ठीक वैसे ही है जैसे आप कोई रास्ता बनाने के लिए नक्शा तैयार कर रहे हों। बिना सही डायरेक्शन के जिस तरह से घनघोर जंगल में गुम होने का डर रहता है ठीक वैसे ही पूरा सिलेबस और स्टडी मैटेरियल तैयार किए बिना कामयाबी दूर रहती है। इसलिए पहले अपनी स्टडी को सप्ताह में बांट लें और फिर दिनों में।

स्टडी के दौरान कुछ पोर्शन ऐसे होते हैं, जिनको समझने और याद करने में ज्यादा टाइम लगता है। ऐसे पोर्शन को उनकी जटिलता के हिसाब से और ज्यादा टाइम में डिवाइड कर लेना चाहिए।

जो टॉपिक ज्यादा कठिन और विस्तृत हों उन्हें हर रोज रिवाइज्ड करने की आदत डालनी लेनी चाहिए। इस तरह से आप और ज्यादा बेहतर ढंग से तैयारी कर सकती हैं। हर टॉपिक की तैयारी के लिए अलग समय रखना चाहिए।

मसलन, अगर आप 40 मिनट के लिए किसी टॉपिक को पढ़ रही हैं तो आप किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने पास न रखें यानी मोबाइल, टी.वी. इत्यादि से दूर रहें। इससे आपका दिमाग केवल पढ़ाई की तरफ रहेगा।

अपना आकलन करना जरूरी
ज्यादा से ज्यादा पढ़ने की बजाय फोकस होकर पढ़ने से आप ज्यादा बेहतर नॉलेज गेन कर सकती हैं। इसके अलावा खुद का बार-बार आकलन और एनालिसिस भी करते रहना चाहिए। इसके लिए पिछले वर्षों के पेपर और मॉक टेस्ट देकर अपना आकलन किया जा सकता है।

जिस तरह से एक खिलाड़ी लगातार प्रैक्टिस करके अपने आपको निखारता है, ठीक उसी तरह से एक स्टूडेंट या फिर एस्पिरेंट मॉक टेस्ट के जरिए खुद को और बेहतर ढंग से जज कर सकता है।