• Hindi News
  • Women
  • Chandra Dutta from India is a part of team makiing vaccine for coronavirus, working as Quality Assurance Manager in oxford university

गर्व / कोरोना वैक्सीन बना रही टीम का हिस्सा है भारतीय मूल की चंद्रा दत्ता, बतौर क्वॉलिटी अश्योरेंस मैनेजर कर रहीं काम

Chandra Dutta from India is a part of team makiing vaccine for coronavirus, working as Quality Assurance Manager in oxford university
X
Chandra Dutta from India is a part of team makiing vaccine for coronavirus, working as Quality Assurance Manager in oxford university

दैनिक भास्कर

Apr 30, 2020, 10:52 AM IST

दुनियाभर में तबाही मचाने वाले कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक टीम कोरोना की रोकथाम के लिए वैक्सीन डेवलप कर रहे है। इस टीम की खास बात यह है कि भारतीय मूल की एक महिला इस टीम का अहम हिस्सा है। कोलकाता की रहने वाली चंद्रा दत्ता इस टीम में बतौर क्वॉलिटी अश्योरेंस मैनेजर के तौर पर काम कर रही हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की यह टीम संक्रमण के रोकथाम के लिए ऐंटी-वायरल वेक्टर वैक्सीन डेवलप कर रहा है।

कोलकाता से किया बीटेक

इस वैक्सीन को पिछले हफ्ते ही इंसानों पर टेस्ट किया गया था। अगर वैक्सीन परीक्षण में पास हो जाती है, तो सितंबर- अक्टूबर से आम लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगी। कोलकाता के हेरिटेज इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक करने के बाद 34 साल की चंद्रा दत्ता ने 2009 में बायोसाइंस में एमएससी करने के लिए यूके के लीड्स यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद कई कंपनियों में काम करने के बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में नौकरी जॉइन की। 

जूम पर किया सेलिब्रेशन

वर्तमान में वह यूनिवर्सिटी के क्लीनिकल बायोमैन्यूफैक्चरिंग विभाग में बतौर क्वॉलिटी अश्योरेंस मैनेजर कार्यरत हैं, जिसमें उन्हें वहां बनाई जा रही वैक्सीन्स की क्वॉलिटी को परखना होता है। अगर वैक्सीन्स में  किसी भी तरह की गड़बड़ी होती है तो उन्हें दुरुस्त करना होता है। अपने अनुभव को शेयर करते हुए चंद्रा ने कहा कि ‘‘मेरे द्वारा सभी पेपरवर्क की जांच करने के बाद क्वॉलिटी प्रोफेशनल ने उस बैच को सर्टिफिकेशन इश्यू किया। हमें खुशी है कि वैक्सीन को क्लीनिकल ट्रायल के लिए आगे भेजा गया है। हमने जूम पर वाइन और केक के साथ सेलिब्रेशन भी किया।’’

शुरुआत में बनाएं 600 वैक्सीन

उन्होंने यह भी कहा कि ,‘‘यह एक अद्भुत अनुभव था। मैं शुरू से ही फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री के साथ रही हूं और मुझे लगता है कि हमारा लक्ष्य ही है इंसानी जिंदगी को और बेहतर बनाना। यह एहसास इसलिए भी खास है, क्योंकि शायद पूरी दुनिया इस वैक्सीन का इंतजार कर रही है, ताकि लोगों की जिंदगी सामान्य हो सके।’’ आमतौर पर किसी वैक्सीन को बनाने में तीन से चार साल लगते हैं, पर कोरोना की वैक्सीन कुछ महीनों में तैयार करना चाहते हैं। शुरुआत में हमने करीब 600 वैक्सीन बनाए हैं और जब हम 1,000 के आसपास वैक्सीन्स बना लेंगे, तब इसके मास प्रोडक्शन के बारे में सोचना शुरू करेंगे। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना