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फैशन ब्रांड के विज्ञापन में गर्भवती ट्रांसजेंडर:सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, यूजर्स ने किया बहिष्कार, बोले- इनके सामान में लगा दो आग

नई दिल्ली3 महीने पहले
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फैशन ब्रांड केल्विन क्लेन के एक विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। मदर्स डे पर जारी इस विज्ञापन में गर्भवती ट्रांसजेंडर पुरुष को दिखाया गया है, जिस पर सोशल मीडिया पर जमकर बहस हो रही है। लोग ब्रांड का बहिष्कार कर रहे हैं। कुछ यूजर्स ने लिखा कि अब इनके सामान में लगानी पड़ेगी। हालांकि, इससे पहले भी कई कंपनियों के विज्ञापन इसी तरह विवादित रहे हैं। क्या है पूरा मामला? इससे पहले भारत में किन कंपनियों के विज्ञापनों पर मचा बवाल? पढ़िए...

कंपनी ने विज्ञापन में ब्राजील के प्रेग्नेंट ट्रांस मैन रॉबर्टो बेते और एरिका फर्नांडिस को दिखाया है। रॉबर्टो बेते एक रियलिटी टीवी शो के स्टार भी हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी विज्ञापन की तस्वीरें पोस्ट कर लिखा, ''आज दुनिया भर में मांओं के समर्थन के दिन हम नए परिवारों की वास्तविकता पर प्रकाश डाल रहे हैं। ब्राजील रॉबर्टो बेते और एरिका फर्नांडिस अपने बच्चे के इस दुनिया में आने का इंतजार कर रहे हैं। रॉबर्टो अब किसी भी दिन अपने और एरिका के बच्चे नूह को जन्म दे सकते हैं।''

विज्ञापन में ट्रांस मैन को देख खफा हुए लोग
कंपनी के इंस्टाग्राम पोस्ट पर बेड पर लेटे एक जोड़े की तस्वीर भी है, जिसमें रॉबर्टो बेते बेबी बंप को दिखाते नजर आ रहे हैं। उनके साथ एरिका भी लेटी हैं, जो बेबी बंप को निहार रहीं हैं। इसके कैप्शन में लिखा है, हम बायोलॉजिकली और हार्ट से से प्रजनन कर सकते हैं। हमारा मकसद प्यार करना और प्यार बांटना है।''

यूजर्स हो गए नाराज
कंपनी की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने इस फैशन ब्रांड की प्रशंसा की तो वहीं कई लोगों ने विज्ञापन का विरोध किया। नाराज लोगों ने केल्विन क्लेन का बहिष्कार करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा कि अब वक्त आ गया इस कंपनी के सारे कपड़े जलाने। वहीं दूसरे ने लिखा कि मैं आज के बाद कभी भी इस ब्रांड का कोई कपड़ा नहीं खरीदूंगा।

सोशल मीडिया पर हो रहे विरोध के बाद कंपनी ने अपना पक्ष रखा। केल्विन क्लेन ने कहा कि हम इस मंच को व्यक्तिवाद और आत्म-अभिव्यक्ति के लिए एक समावेशी और सम्मानजनक वातावरण के तौर उपयोग कर रहे हैं। हम असहिष्णुता को छोड़कर सब कुछ सहन कर सकते हैं। घृणा फैलाने वाली टिप्पणियों को हटा दिया जाएगा।

ऐड और कंट्रोवर्सी का पुराना नाता
इससे पहले तनिष्क, सर्फ एक्सेल, ओला, मैनफोर्स, जोमैटो समेत तमाम ब्रांड ऐसे हैं, जिन्होंने विवाद के बाद या तो ऐड को ​हटा दिया या फिर थीम में बदलाव किया। ​कुछ विज्ञापनों में तो ब्रांड का इरादा ठीक होने के बाद भी उन्हें गुस्से का सामना करना पड़ा।

1.तनिष्क को मांगनी पड़ी थी माफी, हटाना पड़ा ऐड
साल 2020 में ज्वेलरी कंपनी तनिष्क के विज्ञापन पर बवाल मच गया था। विज्ञापन में इंटर रिलीजन मैरिज को सपोर्ट करने का संदेश दिया गया था, जिसका लोगों ने जमकर विरोध किया और ट्विटर पर #BoycottTanishq ट्रेंड करने लगा। बाद में कंपनी ने माफी मांगते हुए ऐड को वापस ले लिया। तनिष्क के इस प्रमोशनल ऐड में एक हिंदू लड़की को मुस्लिम फैमिली की बहू के रूप में दिखाया गया है। हिंदू लड़की की मुस्लिम के घर में शादी हुई है और उसकी गोद भराई यानी बेबी शावर के फंक्शन को दिखाया गया। इसमें हिंदू कल्चर को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम फैमिली सभी तरह के रस्मो-रिवाज हिंदू धर्म के हिसाब से करती है। इस विज्ञापन पर ट्रोल होने के बाद कंपनी को माफी मांगनी पड़ी। साथ ही ऐड भी हटाना पड़ा।

2. सर्फ एक्सेल को लव जिहाद समर्थक बता किया ट्रोल
साल 2019 में होली पर सर्फ एक्सेल के एक विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया था। विज्ञापन के जरिए हिंदू और मुस्लिम में भाईचारे का संदेश देने की कोशिश करने के चक्कर में कंपनी बुरी तरह ट्रोल हो गई थी और ब्रांड को बॉयकॉट करने की मांग हुई थी। इतना ही नहीं सर्फ एक्सल के ऐड को लव जिहाद का समर्थन करने वाला ऐड बताया गया था।

विज्ञापन में एक हिंदू बच्ची और मुस्लिम बच्चे को लेकर छोटी सी कहानी दिखाई गई थी। करीब एक मिनट के इस ऐड में दिखाया गया था कि सफेद टी-शर्ट पहने एक हिंदू लड़की पूरी गली में साइकिल लेकर घूमती है और बालकनी और छतों से रंग फेंक रहे सभी बच्चों के रंग अपने ऊपर डलवाकर खत्म करा देती है। रंग खत्म हो जाने के बाद वह अपने मुस्लिम दोस्त के घर के बाहर जाकर कहती है कि 'बाहर आजा सब खत्म हो गया।' बच्चा घर से सफेद कुर्ता-पजामा और टोपी पहने निकलता है। बच्ची उसे साइकिल पर बैठाकर मस्जिद के दरवाजे पर छोड़ती है। मस्जिद की सीढ़ी चढ़ते वक्त बच्चा कहता है नमाज पढ़ के आता हूं। बच्ची कहती है- 'बाद में रंग पड़ेगा।' इस पर उसका मुस्लिम दोस्त धीमे से मुस्कुरा देता है। विज्ञापन के अंत में कहा जाता है 'अपनेपन के रंग से औरों को रंगने में दाग लग जाएं तो दाग अच्छे हैं।' सर्फ एक्सेल ने 'रंग लाए संग' कैंपेन के जरिए होली पर हिंदू-मुस्लिम सद्भाव का संदेश देने की कोशिश की थी।

3. जोमैटो का MC-BC पर मच गया था बवाल
साल 2017 में ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर जोमैटो ने अपने एड में MC और BC शब्द का इस्तेमाल किया था। इसकी वजह से सोशल मीडिया पर कंपनी को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इस ऐड की आलोचना करते हुए यूजर्स ने इसे घृणित बताया था और माफी मांगने को कहा था। उस वक्त कंपनी के सीईओ दीपिंदर गोयल ने बाद में माफी मांगी थी।

दरअसल, जोमैटो ने अपने प्रमोशन के लिए (एमसी, बीसी) जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। जोमैटो ने एमसी, बीसी का फुल फॉर्म मेक एंड चीज और बटर चिकन बताया था, लेकिन हिंदी में आमतौर पर लोग इस अपशब्द के तौर पर यूज करते हैं। इसलिए बवाल मच गया। बाद में कंपनी ने कहा था कि हमारा कहने का मतलब गलत नहीं था, लेकिन लोगों की नाराजगी के कारण हम इसके लिए माफी मांगते हैं और अपने विज्ञापन को तुरंत वापस लेते हैं।

4. मैनफोर्स कॉन्डोम: नवरात्र में खेलो मगर प्यार से..उतारने पड़े होर्डिंग
साल 2017 में नवरात्रि के दिनों में सनी लियोनी के ‘इस नवरात्रि खेलो, मगर प्यार से’ वाले पोस्टर्स से मेनफोर्स ने नासाज़ पब्लिसिटी बटोरी थी। सनी लियोनी के मैनफोर्स कॉन्डोम के विज्ञापन को लेकर काफी विवाद हुआ। साल 2017 में गुजरात में करीब 500 होर्डिंग जबरन उतरवा दिए गए थे। दअरसल, नवरात्र पर गुजरात में कंपनी ने इस विज्ञापन के कई होर्डिंग लगाए थे। पवित्र त्योहार पर इस तरह के होर्डिंग देखकर लोगों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। 'द कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' ने सरकार से पूरे गुजरात में इस तरह के आउटडोर विज्ञापनों पर प्रतिबंध की मांग भी कर दी थी।

5. विरोध के बाद ओला को हटाना पड़ा था विज्ञापन
साल 2016 में भारत की सबसे बड़ी कैब सर्विस ओला अपने विवादित विज्ञापन के चलते सोशल मीडिया पर आलोचना की शिकार हो गई थी। सोशल मीडिया पर ओला के विज्ञापन को 'सेक्सिएस्ट' और महिलाओं को अपमानित करने वाला बताया गया था। हालांकि, बाद में कंपनी ने माफी मांगते हुए विज्ञापन को हटा लिया था।

दरअसल, विज्ञापन में एक कपल को दिखाया गया था। लड़का अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बाजार में जाता है। लड़की किसी न किसी दुकान पर खड़ी होकर बड़े प्यार से 'बेबी' बोलती है। लड़का अपना बटुआ निकाल लड़की के लिए वह चीज खरीद देता है। विज्ञापन के अंत में लड़का कहता है कि मेरी गर्लफ्रेंड के एक किमी चलने की कीमत 525 रुपये है, जबकि ओला माइको एक किमी के बस 6 रुपये लेती है। इस ऐड का टाइटल 'टू एक्सपेंसिव टू टेक गर्लफ्रेंड आउट ऑन डेट' रखा गया था।

6. जब रणवीर सिंह को मांगनी पड़ी थी माफी
साल 2016 में बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह ने अपने जैक एंड जोन्स के विवादित विज्ञापन पर माफी मांगी थी। रणवीर ने जैक एंड जोन्स के विवादित विज्ञापन में एक स्कर्ट पहनी लड़की को अपने कंधे पर उठाया हुआ था। इसके बाद से ही ब्रांड को ट्रोल किया गया था।

फिल्म 'रंग दे बसंती' फेम एक्टर सिद्धार्थ ने इस विज्ञापन पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने लिखा था कि वर्कप्लेस में महिलाओं के अधिकारों के प्रति गिरी हुई मानसिकता का यह उदाहरण है। आखिर वह सोच क्या रहे हैं। सिद्धार्थ की तरह कई और लोगों ने इस विज्ञापन को महिलाओं का अपमान बताया। विवाद बढ़ने पर कंपनी ने इस विज्ञापन को हटा दिया था और रणबीर सिंह ने माफी मांगी थी।

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