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बाहर से फिट-अंदर से रिस्क:पुनीत राजकुमार-सिद्धार्थ शुक्ला की हार्ट अटैक से मौत, दांत का दर्द भी दे सकता है दिल को झटका

नई दिल्ली22 दिन पहलेलेखक: राधा तिवारी
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  • अंडर-50 फिट लोग हो रहे हार्ट अटैक के शिकार
  • दांतों से जुड़ी दिक्कतों को न करें नजरअंदाज
  • महिलाएं नहीं रखती हैं अपने दिल का ख्याल

पहले देखा जाता था कि बेटा अपने पापा को हार्ट से संबंधी बीमारी के कारण हॉस्पिटल लेकर जाता था, लेकिन अब ये देखने को मिल रहा है कि पिता को अपने बेटे को लेकर अस्पताल जाना पड़ रहा है। बिजी लाइफस्टाइल और अनहेल्दी फूड हैबिट्स के कारण हार्ट के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

बीते कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें अंडर-50 फिट ​​​लोग ​​​​हार्ट अटैक के शिकार हुए हैं। कई बार लोग समझ ही नहीं पाते कि उन्हें हार्ट अटैक हुआ है और जब पता चलता है तब तक बहुत देर हो जाती है। कन्नड़ अभिनेता पुनीत राजकुमार और सिद्धार्थ शुक्ला के हार्ट अटैक का मामला भी कुछ इसी तरह का रहा है।

खानपान में बदलाव लाकर दिल को बनाएं मजबूत।
खानपान में बदलाव लाकर दिल को बनाएं मजबूत।

महिलाओं को हार्ट अटैक का रिस्क ज्यादा
क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डेटा बताते हैं कि भारत में हर साल 17 लाख लोगों की मौत हार्ट की बीमारियों की वजह से होती है। इनमें से 50 प्रतिशत हार्ट अटैक उन लोगों को आते हैं, जिनकी उम्र 50 वर्ष से कम है। दिल की बीमारियों का खतरा जितना पुरुषों को है, उससे कहीं ज्यादा महिलाओं को है। लेकिन इस बीमारी को लेकर महिलाएं पुरुषों की तुलना में कम गंभीर दिखाई देती हैं।

मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी हार्ट फ्लो के सर्वे के अनुसार, आमतौर पर कोरोनरी हार्ट डिजीज को लेकर ये धारणा है कि यह पुरुषों को होने वाली बीमारी है, जबकि यह बीमारी महिला और पुरुषों को समान रूप से प्रभावित करती है।

  • हर 8 में से एक पुरुष को कोरोनरी हार्ट डिजीज
  • हर 13 में से एक महिला को इस बीमारी का खतरा
  • 13% महिलाएं बीमारी के लक्षण को करती हैं नजरअंदाज
  • हर 4 में से एक महिला नहीं जाती डॉक्टर के पास
13% महिलाएं बीमारी के लक्षण को करती हैं नजरअंदाज।
13% महिलाएं बीमारी के लक्षण को करती हैं नजरअंदाज।

हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है दांत का दर्द
कई बार लोग दांत के दर्द को मामूली समझ कर डेंटिस्ट के पास नहीं जाते हैं। वे सोचते हैं कि दांत का दर्द कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा। लेकिन लोगों को यह जानना जरूरी है कि दांत का दर्द हार्ट अटैक का संकेत भी हो सकता है। यह एनजाइना पेक्टोरिस या दिल की ऐंठन के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए रूटीन चेकअप के साथ ही शरीर में कोई असामान्य लक्षण दिखे तो एक बार डॉक्टर से जरूर संपर्क कर लें।

नजरअंदाज न करें दांत का दर्द।
नजरअंदाज न करें दांत का दर्द।

कम उम्र में नशे की लत ने बिगाड़ी दिल की सेहत
मेट्रो हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट समीर गुप्ता कहते हैं कि आजकल युवाओं में दिल से जुड़ी बीमारियों की बड़ी वजह यह है कि ज्यादातर यंगस्टर्स 18 से 25 साल की उम्र में ही स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन शुरू कर देते हैं। नशे की लत की वजह से युवा कार्डियो वैस्कुलर हार्ट डिजीज का शिकार हो रहे हैं। ज्यादा स्मोकिंग से हार्ट ब्लॉक होता है।

एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें कोरोनरी आर्टरी में ब्लड का फ्लो अचानक ही कम हो जाता है। इस वजह से ब्लड पर्याप्त मात्रा में हार्ट तक नहीं पहुंच पाता। इसकी वजह से स्ट्रोक, एंजाइना या फिर हार्ट अटैक आ सकता है। यह आमतौर पर कोरोनरी आर्टरी की दीवारों पर फैट जमा होने की वजह से होता है। इन्हीं आर्टरी के रास्ते हार्ट को जरूरी पोषक तत्वऔर ऑक्सीजन पहुंचती है।

युवाओं में लगातार बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा।
युवाओं में लगातार बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा।

फिट रहना अच्छा, इसकी टेंशन लेना बुरा
हर किसी की बॉडी अलग-अलग होती है। इसलिए सबके शरीर पर फिजिकल एक्टिविटी का अलग-अलग असर पड़ता है। युवा फिटनेस को लेकर तनाव में जी रहे हैं। फिटनेस जरूरी है, लेकिन लगातार फिट दिखने का दबाव हमारे लिए खतरनाक है। बहुत से युवा फिटनेस को लेकर इतने ज्यादा प्रभावित हो जाते हैं कि अपने शरीर को बीमार कर देने की हद तक कष्ट देते हैं। जिम में ज्यादा वेट उठाना और सही डाइट न लेना हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

सही डाइट न लेना हार्ट अटैक का कारण।
सही डाइट न लेना हार्ट अटैक का कारण।

फैमिली हिस्ट्री रही है तो रेगुलर कराएं चेकअप
अगर परिवार में किसी की हार्ट से जुड़ी बीमारी से मौत हुई है तो उसमें आनुवांशिक रूप से दिल की बीमारियों के घर करने की आशंका बनी रहती है। ऐसे परिवारों के तीस या उससे अधिक उम्र के सदस्यों को नियमित रूप से ब्लड टेस्ट करवाना चाहिए। साल में एक बार टीएमटी और इको टेस्ट करवाना चाहिए। दिल में जन्म से ही छेद होना, हार्ट के वॉल्व का खराब होना, हार्ट के मसल की बीमारियां, हार्ट इन्फेक्शन, धड़कन के तेज होने जैसी बीमारियों की आशंका होती है। इससे जितनी जल्दी समस्या का पता चलेगा, उतनी ही जल्दी उसका इलाज हो सकेगा।

आनुवांशिक रूप से दिल की बीमारियां आगे बढ़ने की आशंका।
आनुवांशिक रूप से दिल की बीमारियां आगे बढ़ने की आशंका।

ज्यादा वेटलिफ्टिंग और पुश अप्स हो सकते हैं खतरनाक
फिजिकल ट्रेनर मंटू सिंह कहते हैं अगर आपको दिल की कोई बीमारी है तो वेट लिफ्टिंग या पुशअप्स से बचें। जिम्नेजियम में डॉक्टर की निगरानी में एक्सरसाइज करें और डाइट प्रोटोकॉल फॉलो करना चाहिए। यह समझना बेहद जरूरी है कि बहुत अधिक एक्सरसाइज और फूड सप्लीमेंट शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बहुत ज्यादा एक्सरसाइज दिल के लिए ठीक नहीं है। यह मोटापे और अन्य बीमारियों का कारण बन सकती है। जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज भी हार्ट अटैक की वजह बन रही है।

अधिक एक्सरसाइज और फूड सप्लीमेंट से नुकसान।
अधिक एक्सरसाइज और फूड सप्लीमेंट से नुकसान।

तंदरुस्त दिल के लिए डाइट का ध्यान रखना जरूरी
डाइटिशियन रितु गिरि का कहना है कि जिम जाने वाले लोगों के लिए एक संतुलित डाइट लेना जरूरी है। अपनी डाइट में हर एक तरह के मैक्रो न्यूट्रिएंट और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स शामिल करें। मैक्रो न्यूट्रिएंट तीन प्रकार के होते हैं। कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन, इन तीनों का हमारी बॉडी को तंदरुस्त रखने में अलग-अलग रोल है। वहीं विटामिन और मिनरल‍स माइक्रो न्यूट्रिएंट्स होते हैं।

जिम जाने वाले लोगों के लिए संतुलित डाइट लेनी जरूरी।
जिम जाने वाले लोगों के लिए संतुलित डाइट लेनी जरूरी।

कम उम्र में हार्ट अटैक के खतरे के कारण

  • ज्यादा स्ट्रेस
  • सुस्त जीवनशैली
  • सोने में दिक्कत
  • सैचुरेटेड फैट्सट
  • सामान्य से अधिक फैट
  • सामान्य से अधिक शुगर
  • स्मोकिंग और ज्यादा शराब की लत
  • गलत फूड हैबिट

ये लक्षण दिखें तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास

  • ब्रेस्ट या चेस्ट में दर्द
  • ब्रेस्ट या चेस्ट में खिंचाव
  • सांस फूलना
  • हाथ पैर सुन्न होना या ठंडा पड़ना
  • गले, पेट और कमर के ऊपरी भाग में दर्द होना
  • घबराहट होना
  • अचानक से पसीना आना
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