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नंगे पैर कहां चलें और कहां नहीं:किचन-टॉयलेट में चलने पर फैल सकता है संक्रमण, घास पर चलने से नहीं होगी डायबिटीज

एक महीने पहलेलेखक: मरजिया जाफर
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जमीन पर नंगे पांव चलना सुकून का एहसास कराता है। नंगे पांव गीली जमीन या ओस में भीगी घास पर सुबह चलने का आनंद ही कुछ और है। इसके अलावा घर के अंदर भी नंगे पैर चलना चाहिए। बड़े बुजुर्ग भी यही कहते थे कि सुबह उठकर नहा धोकर नंगे पांव रसोई में जाना चाहिए जिससे घर में पॉजिटिव एनर्जी आए। लेकिन बाथरूम में हमेशा चप्पल पहन कर ही जाना चाहिए। नंगे पैर चलने के फायदे और नुकसान के बारे में बता रहे हैं पूर्व चिकित्सा प्रभारी, यूनानी डॉ. सुबास राय।

गंदी चप्पल पेट में कीड़ों की वजह बन सकती है

डॉ. राय कहते हैं कि टॉयलेट स्लीपर को घर में इस्तेमाल करने या नंगे पांव घूमने से बच्चे के पेट में कीड़े पड़ते हैं। वॉशरूम की सफाई और हाइजीन न रखने की वजह से परिवार के बाकी सदस्य इसकी चपेट में आ सकते हैं। यह इन्फेक्शन तेजी से फैलता है। घुटने के बल चलने वाले और नंगे पैर घूमने वाले बच्चे इसकी चपेट में सबसे पहले आते हैं।

नंगे पांव चलने के फायदे, नुकसान और सावधानियां

नंगे पैर चलना तनाव, डिप्रेशन की परेशानी से निजात देता है। अक्सर लोग नंगे पांव चलते हैं, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। डॉ राय कहते हैं कि सावधानी के साथ टहलना फायदेमंद है। ऐसा करने से दिमागी तौर पर सेहतमंद रहते हैं। जानते हैं, ऐसे ही कुछ लाभ के बारे में...

नंगे पांव चलने के फायदे

  • तनाव, डिप्रेशन में फायदा देता है।
  • साइटिका, कमर दर्द में फायदा।
  • खुली हवा में रहने से, पैरों को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है।
  • ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है जि‍ससे थकान नहीं होती है।
  • मसल्स एक्टिव हो जाती हैं।

नंगे पैर चलने के नुकसान

  • पैरों में छाले हो सकते हैं।
  • स्किन में बट्टे पड़ जाते हैं।
  • हील पेन हो सकता है।
  • पैर में चोट लग सकती है।
  • तलवों में बैक्‍टीरिया, वायरस का असर।

इससे जुड़ी सावधानियां

  • नुकीली जगह से बचना चाहिए।
  • बैलेंस सही होना चाहिए।
  • मोच या दर्द जैसी शिकायत नहीं हो।
  • क्षमता से ज्यादा न चलें।
  • तलवों को साफ रखें।
  • मॉइश्चराइजर इस्तेमाल करें।

नंगे पांव जमीन पर चलकर जिंदगी लंबी होती है

जमीन में एक विलक्षण विद्युत शक्ति होती है जो शरीर के अंदर शक्ति का संचार करती है। बिल्कुल उसी तरह जैसे पेड़-पौधों को ऊर्जा देती है। उसी तरह इंसान भी नंगे पांव जमीन पर चलकर आरोग्य और लंबी जिंदगी जी सकता है। नंगे पैर चलने से पैर मजबूत, स्वस्थ, सुडौल और ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होता है।

सुबह घास पर चलने से बीमारियां रहेंगी दूर

सुबह की सैर सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है। हरी घास पर नंगे पैर चलने से बॉडी और ब्रेन से स्ट्रेस दूर होता है। नंगे पैर घास पर चलना सेहत के लिए फायदेमंद है। तो क्‍यों न हर रोज घास पर चलकर इसका फायदा उठाएं।

हरी घास पर चलना

अच्छी सेहत के लिए टहलना बहुत जरूरी है। वॉक के लिए पार्क जाइए और हरियाली देखिए। हरियाली के बीच टहलना तनाव दूर करता है। दिल के मरीज को हरियाली के बीच टहलना चाहिए। घास पर टहलने के और भी कई लाभ होते हैं। आइये जानते हैं उनके बारे में।

तनाव- हरियाली के बीच जितना देर रहेंगे, उतना ही सेहतमंद रहेंगे। हरियाली का असर मसल्स के खिंचाव को कम करता है। ग्रीन थेरेपी दिमाग को मजबूत करती है।

डायबिटीज- डायबिटीज के मरीज ग्रीनरी के बीच रहकर रोजाना गहरी सांस लेते हुए टहलें तो बॉडी में ऑक्सीजन की की समस्या से निजात मिलती है।

छींक, एलर्जी- ग्रीन थेरेपी का मुख्य अंग है हरी-भरी घास पर नंगे पैर चलना। सुबह ओस में भीगी घास पर चलना बहुत अच्छा है।

आंखों की रोशनी- ओस में भीगी घास पर चलने से आंखों की रोशनी तेज होती है। जो लोग चश्मा लगाते हैं कुछ दिन नंगे पैर हरी घास पर चलने से उनका चश्मा उतर जाता है या चश्मे का नंबर कम हो जाता है।

प्रदूषित हवा- जो लोग देर तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहते हैं, उनमें सांस रोग होने की संभावना ज्यादा होती है, यह हवा उनके दिमाग पर भी असर डालती है। ग्रीन थेरेपी याददाश्त को मजबूत करती है।

हाई ब्लड प्रेशर- हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को रोजाना एक घंटे साफ वातावरण में बैठने और ओस पड़ी हरी घास पर कुछ समय नंगे पैर चलने से लाभ मिलता है।

नींद न आना- ठीक से सो नहीं पा रहे हैं तो नींद की गोली लेने की बजाय पार्क में टहलने की कोशिश करें। अच्छी नींद के लिए सुबह 30 मिनट के लिए घास पर नंगे पैर चलें।

सूजन- सुबह की धूप से विटामिन डी मिलता है जो अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। इससे शरीर के अंगों में सूजन कम होती है।

मानसिक स्वास्थ्य- पार्क में टहलने के मनोवैज्ञानिक लाभ भी हैं। यदि आप इसे नंगे पैर करते हैं, तो इसके लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं।

स्वस्थ दिल-घास पर नंगे पैर चलने से दिल की धड़कन सही रहती है। बॉडी टेम्परेचर कंट्रोल होने से हार्मोन बैलेंस रहता है।

बच्चा नंगे पैर चलना सीखता है

बच्चा चलना सीखता है तो पैरों की मसल्स और हड्डियों का इस्तेमाल करता है। नंगे पांव चलने पर बच्चों को जमीन से फीडबैक मिलता है। यह समझने में मदद करता है कि पैर कहां रखने चाहिए और कहां नहीं। नंगे पांव चलने का फायदा ये है कि सही तरीके से चलना आ जाए। पैर अपने आप समझ पाते हैं कि जमीन की कौन सी सतह चलने के लिए सही है और कहां पैर नहीं रखने हैं। इससे पैरों के साथ पिंडलियों और बॉडी की मसल्स मजबूत होती हैं। नंगे पैर चलने से सेहत अच्छी रहती है जैसे एंटीऑक्सीडेंट बढ़ाना, सूजन कम आना और नींद में सुधार होना।

सुबह कितने बजे घूमना चाहिए

मॉर्निंग वॉक करना सेहत के लिए फायदेमंद है। लेकिन मॉर्निंग वॉक के असल फायदे आपको तभी मिलते हैं जब आप सही समय पर और सही तरीके से वॉक करते हैं। सुबह 4 या 5 बजे उठकर मॉर्निंग वॉक करते हैं, तो इसका फायदा उन लोगों की अपेक्षा कम मिलता है, जो सुबह सूरज निकलते समय मॉर्निंग वॉक करते हैं।

एरोबिक एक्सरसाइज- पैदल चलना एक एरोबिक एक्सरसाइज है, जो ब्लड में ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाता है। यह बॉडी को डिटॉक्स करने के साथ ही फेफड़ों को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है। पैदल चलने के दौरान बेहतर और गहरी सांस लेने के कारण फेफड़ों की बीमारी से जुड़े लक्षणों को भी कम किया जा सकता है।

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