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ऐप तय कर रहा कि कब बनें मां:आंख मूंदकर न करें भरोसा, अनियमित पीरियड्स, शुगर-बीपी या ब्लीडिंग डिसऑर्डर हो तो अपनी बॉडी को समझें

नई दिल्ली13 दिन पहलेलेखक: ऐश्वर्या शर्मा
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मां बनना हर औरत के लिए खूबसूरत एहसास होता है। कई महिलाएं अब टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं। दरअसल, आजकल कई ओव्यूलेशन ट्रैकर ऐप हैं जो मां बनने के लिए सही समय बता रहे हैं। इसके आधार पर अब कपल संबंध बनाते हैं ताकि वह मम्मी-पापा बन सकें।

ऐप में रहता है पीरियड्स का रिकॉर्ड

आजकल अधिकतर कपल वर्किंग या अन्य कामों में बिजी रहते हैं। ऐसे में महिलाएं मां बनने के लिए ऐप के साथ टेस्ट किट भी इस्तेमाल कर रही हैं ताकि उन्हें पता चल सके कि कब ओव्यूलेशन होगा। ऐप में कैलेन्डर होता है जिस पर पीरियड्स के दिन रिकॉर्ड होते हैं। इसके सहारे महिला को ओव्यूलेशन का टाइम पता करने में आसानी हो जाती है। इन्हें फर्टाइल दिन भी कहते हैं। दरअसल, इस दौरान गर्भाशय में अंडे बनने लगते हैं जिससे महिला मां बन सकती है।

पीरियड्स रेगुलर हैं तभी ऐप मददगार

दिल्ली स्थित सर गंगाराम हॉस्पिटल की गायनोकॉलोजिस्ट डॉक्टर रूमा सात्विक ने वुमन भास्कर को बताया कि ओव्यूलेशन के लिए ऐप पर भरोसा करना ठीक नहीं है। जिन महिलाओं को पीरियड्स रेगुलर हैं, उनके लिए तो ऐप ठीक है लेकिन कई महिलाओं को पीरियड्स रेगुलर नहीं होते। कुछ इसके लिए दवाई भी लेती हैं। ऐसे में ओव्यूलेशन ट्रैकर ऐप का सहारा नहीं लिया जा सकता। अगर किसी की मेंस्ट्रुअल साइकिल को 35 दिन से ज्यादा का समय लग रहा है तो उन्हें समझ जाना चाहिए कि उनके पीरियड नॉर्मल नहीं हैं।

शोध में खरी नहीं उतरीं इस तरह की ऐप

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने 36 फर्टिलिटी ऐप पर शोध किया। इसमें 42.7% ऐप ही सही ओव्यूलेशन डेट को बता पाईं। वहीं, अमेरिका स्थित वॉशिंगटन में जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 30 ऐप्स का अध्ययन किया जिसमें से 24 ऐप ने गलत फर्टाइल दिनों को बताया।

कब होता है ओव्यूलेशन

डॉक्टर रूमा सात्विक ने बताया कि हर महिला को पीरियड्स 3 से 5 दिन या 7 दिन तक रहते हैं। मेंस्ट्रुअल साइकिल 26 से 35 दिन की होती है। यह हर महिला के साथ अलग होती है। किसी का चक्र 26 दिन, किसी का 28 तो कुछ का 35 दिन का रहता है। महिलाओं में एग मेंस्ट्रुअल साइकिल के बीच में बनता है। यानी अगर किसी का मासिक चक्र 28 दिन का है तो 14वें दिन में एग बनेगा।

जिस दिन एग बनेगा उसके 3 दिन पहले और उसके 1 दिन बाद तक के समय को फर्टाइल पीरियड या ओव्यूलेशन पीरियड कहते हैं। हर महिला को अपनी मेंस्ट्रुअल साइकिल ट्रैक करनी चाहिए।

सर्विक्स में 3 दिन तक रहता है स्पर्म

महिला के शरीर में स्पर्म 3 दिन तक जिंदा रहता है। अगर किसी स्त्री का ओव्यूलेशन टाइम 3 दिन बाद शुरू हो रहा हाे तो तब भी स्पर्म सर्विक्स यानी गर्भाशय ग्रीवा में रहता है। ऐसे में भी महिला प्रेग्नेंट हो सकती है। डॉक्टर के अनुसार कपल्स को 48 घंटे में एक बार संबंध बनाना चाहिए।

बॉडी भी देती है ओव्यूलेशन के संकेत !

कुछ महिलाओं में ओव्यूलेशन के लक्षण दिखते हैं। इससे वह अनुमान लगा सकती है कि यह हुआ है या नहीं। कुछ के शरीर में पेट के निचले हिस्से में 1-2 घंटे तक दर्द रह सकता है। कुछ को ब्रेस्ट में भारीपन या दर्द महसूस होता है। मूड स्विंग भी हो सकते हैं या वजाइना डिस्चार्ज गीले की बजाय मोटा हो जाएगा।

‘फेमटेक’ का बाजार

'फेमटेक' शब्द का इस्तेमाल पहली बार 2016 में इडा टिन नाम की एक डेनमार्क की उद्यमी ने किया था। वह एक मेंस्ट्रुअल ट्रैकिंग ऐप की को-फाउंडर और सीईओ हैं। आज यह बाजार खूब फल-फूल रहा है। विश्व में 400 से ज्यादा फर्टिलिटी ऐप इस्तेमाल हो रहे हैं। यह बाजार 2026 तक 550 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होने का अनुमान है।