• Hindi News
  • Women
  • Eating Roti Increases Weight Less Than Rice, What Experts Say

चावल या रोटी, सेहत के लिए क्या बेहतर:चावल के मुकाबले रोटी खाने से वजन कम बढ़ता है, क्‍या कहते हैं एक्सपर्ट

4 महीने पहलेलेखक: मरजिया जाफर
  • कॉपी लिंक

चावल और रोटी हमारे भोजन का अहम हिस्सा है। इन दोनों के बीच जंग काफी पुरानी है। काफी लंबे समय से बहस होती आ रही है कि चावल और रोटी में कौन बेहतर है। हम जो भी खाना खाते हैं उससे ऊर्जा मिलती है। लेकिन जो लोग वजन कम करना चाहते हैं वो तरह-तरह के वेट लॉस प्रयोग करते हैं। इनमें कैलोरी कंट्रोल करना शामिल है। इन्हीं में कुछ लोग इस दुविधा में भी रहते हैं कि उन्हें वजन कम करने के लिए रोटी या चावल में से क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। बहुत से लोग वजन कम करते समय अनाज खाना ही बंद कर देते हैं। ऐसा करना सही नहीं है, क्योंकि जब आप दोबारा खाना शुरू करते हैं तो वजन पहले से भी ज्यादा बढ़ जाएगा। चावल या रोटी क्या खाएं, बता रही हैं डाइटीशियन स्वाति विश्नोई।

चावल खाकर हल्का महसूस होता है

स्वाति कहती हैं कि इन दोनों में से आपको क्या खाना चाहिए यह हर व्यक्ति के लिए अलग अलग हो सकता है। आपको बॉडी का रिएक्शन देखना चाहिए कि वह किस चीज से ज्यादा एनर्जी देती है और किस चीज से हल्का महसूस होता है। कुछ लोगों को चावल खाने के बाद भी भूख लगती है, क्योंकि चावल उनकी भूख को उस तरह शांत नहीं कर पाता जिस तरह रोटी करती है। कुछ लोग चावल खाने से ज्यादा संतुष्ट होते हैं।

ओवर ईटिंग है नुकसानदेह

किसी भी चीज को ज्यादा खाने से वजन बढ़ता है। डाइटीशियन स्वाति के अनुसार, इसमें चावल या रोटी का दोष नहीं है, बल्कि आपका खाने का तरीका गलत हो सकता है। किसी भी आहार की ओवरईटिंग हानिकारक है।

सब्जियां शामिल करें

ऐसा महसूस होता है कि चावल खाने से पेट नहीं भरता तो चावल के साथ सब्जी या दाल की मात्रा थोड़ी ज्यादा कर देनी चाहिए। इससे आपको न्यूट्रिशन भी मिलेगा और पेट भी भर जाएगा और आपका वजन भी ज्यादा नहीं बढ़ेगा।

एसिडिटी की प्रॉब्लम

रोटियां खाने से भी डाईजेशन में थोड़ी दिक्कत होती है क्योंकि रोटियों से ज्यादा गैस बनती है। इसलिए महसूस होता है कि रोटियां खाने से वजन कम हो सकता है। दरअसल कम रोटी खाने से ही पेट भरा-भरा लगता है और इससे आपका वजन चावल के मुकाबले कम बढ़ता है।

रोटी में सोडियम ज्यादा होता है

चावल और रोटी दोनों में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों की कैलोरी वैल्यू और न्यूट्रीशन करीब एक ही हैं। दोनों के पोषक तत्वों को देखा जाए तो सिर्फ सोडियम की मात्रा का फर्क है। चावल की तुलना रोटी में सोडियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है। 120 ग्राम गेहूं के आटे में 190 मिलीग्राम सोडियम होता है। जबकि, चावल में सोडियम की मात्रा न के बराबर होती है। कोई ऐसी बीमारी है जिसमें सोडियम लेना मना है तो आपको रोटी की बजाय चावल खाना चाहिए।

वेट लॉस में मददगार है रोटी

चावल की तुलना रोटी में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है जिससे पाचन क्रिया मजबूत बनती है। रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यही वजह है कि जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उन्हें रोटी खाने की सलाह दी जाती है।

जल्दी पचता है चावल

रोटी को पचाने में ज्यादा समय लगता है और यह ब्लड-शुगर लेवल को कंट्रोल रखती है। वहीं, चावल में ज्यादा मात्रा में स्टार्च होता है जिसकी वजह से यह पचाने में आसान रहता है। जिन लोगों का पेट ठीक नहीं रहता उनके लिए चावल बेहतर विकल्प है।

सेहत के लिए दोनों है जरूरी

चावल और रोटी दोनों ही सेहत के लिए अच्छे हैं। चावल के मुकाबले रोटी में ज्यादा न्यूट्रीशन पाए जाते हैं जो बेहतर विकल्प है। वहीं, चावल खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है जबकि रोटी खाने से ऐसा नहीं होता। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए चावल की तुलना में रोटी ही सही ऑप्शन है। रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और भूख भी कम लगती है जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है। लेकिन जिन लोगों को डाइजेशन की प्रॉब्लम होती है उन्हें चावल खाने की सलाह दी जाती है।

कार्ब्स डाइजेशन में मदद करता है

कार्ब्स एनर्जी देने के साथ फैट को डाइजेस्ट करता है। होल ग्रेन, ब्राउन राइस और दाल जैसे अनाज वजन कम करने और फैट को कम करने में मददगार होते हैं। इनमें कॉम्प्लेक्स कार्ब्स होता है जो खाने में कम से कम 60% तक होने चाहिए। सही मात्रा में कार्ब्स नहीं खा रहे हैं, तो वजन कम नहीं कर पाएंगे। इसलिए डाइट में कार्ब्स की मात्रा बढ़ाने के साथ ही कैलोरी इनटेक भी कंट्रोल करने की जरूरत पड़ती है।

गुड कार्ब्स और बैड कार्ब्स

कार्बोहाइड्रेट या कार्ब्स बॉडी में एनर्जी का मुख्य स्रोत हैं। कार्ब्स दो तरह के होते हैं। गुड कार्ब्स और बैड कार्ब्स। अच्छे कार्ब्स में अनाज, सेम, फल और सब्जियां आते हैं। यह ऐसे कार्ब्स हैं जो पचने में समय लेते हैं, जिससे देर तक पेट भरे होने का अहसास होता है। यह ब्लड शुगर और इंसुलिन को एकदम से स्पाइक करने से नहीं होने देते। खराब कार्ब्स पोलिश किए गए अनाज से तैयार चीजें हैं। इसमें से सभी न्यूट्रीशन निकल जाते हैं। खराब कार्ब्स जल्दी पच जाता है। रोटी और चावल में गुड और बैड कार्ब्स की बात की जाए, तो मिलिंग के दौरान पॉलिशिंग से फाइबर चावल से दूर हो जाता है। इसमें कार्ब्स ज्यादा होता है, जो खाने के बाद की शुगर और ब्लड में ज्यादा इंसुलिन बनाता और डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है। एक बार जब कार्ब्स को मेटाबोलाइज्ड किया जाता है, तो इंसुलिन भूख को बढ़ावा देने वाली बेस लाइन पर लौटने में ज्यादा समय लेता है और अधिक खाने के लिए आग्रह करता है, जिससे वजन बढ़ सकता है।

फाइबर की कमी से कब्ज की समस्या होती है

घुलने वाला फाइबर कोलेस्टेरॉल बनने से रोकता है और पेट आसानी से साफ करता है। डाइट में फाइबर नहीं लेते हैं, तो कब्ज हो सकता है। रोटी में फास्फोरस बॉडी सेल में पाया जाता है। हड्डियों गुर्दे को मजबूत करता है।

सही विकल्प चुनें

इस बात पर भी ध्यान दें कि आपका पेट किस चीज को खाकर अच्छे से भरता है या किसे ज्यादा खाकर आपको लगता है कि कुछ खाया ही नहीं है। अगर चावल से भूख मिटती है तो आप चावल डाइट में शामिल कर सकते हैं, वरना रोटी भी खा सकते हैं।