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हिमाचल की राजकुमारी से हुआ था फ्रांसीसी जनरल को इश्क:आज भी फ्रांस के लोग याद करते हैं प्रेम कहानी को, लगी है दोनों की मूर्ति

पेरिस4 महीने पहले
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पिछले दिनों केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर फ्रांस के दौरे पर थे। जहां उन्होंने चंबा की राजकुमारी रहीं बन्नु पान देई और उनके फ्रांसीसी पति जनरल एलार्ड को श्रद्धांजलि दी। अनुराग ठाकुर फ्रांस में आयोजित 75वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने गए थे। जहां उन्होंने भारत में आकर महाराजा रणजीत सिंह की सेना में काम करने वाले जनरल एलार्ड और उनकी भारतीय पत्नी बन्नु पान देई की मूर्ति पर फूल चढ़ाए।

अनुराग ठाकुर के इस दौरे के बाद एक बार फिर बन्नु पान देई और जनरल एलार्ड की ऐतिहासिक प्रेम कहानी की याद ताजा हो गई।

नेपोलिन के अफसर थे, भारत आकर बनाया ‘फौज-ए-खास’

जनरल एलार्ड फ्रांसीसी शासक नेपोलियन बोनापार्ट के दरबारी अफसर थे। बाद में वो भारत आ गए और पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह की सेना में जनरल के रूप में काम करने लगे। अपने फ्रांस के अनुभव को उन्होंने पंजाब में भुनाया। नेपोलियन की सेना की तर्ज पर उन्होंने महाराजा के लिए ‘फौज-ए-खास’ बनाया था।

पंजाब में रहते हुए चंबा की राजकुमारी को दे बैठे थे दिल

पंजाब में रहकर महाराजा रणजीत सिंह की सेना में काम करते हुए जनरल एलार्ड चंबा की राजकुमारी को पसंद करने लगे थे। बाद में दोनों ने शादी भी की। शादी के बाद 1834 में राजकुमारी बन्नु पान देई जनरल एलार्ड के साथ उनके घर फ्रांस के शहर सेंट ट्रोपेज चली गईं।

पति की मृत्यु के बाद भी फ्रांस में हीं रहीं चंबा की राजकुमारी

राजकुमारी के फ्रांस जाने के कुछ साल बाद ही जनरल एलार्ड की मौत हो गई। जिसके बाद लगभग 45 साल तक राजकुमारी जनरल एलार्ड की यादों के सहारे उनके बनाए घर में रहीं। 1884 में उनकी भी मृत्यु हो गई।

फ्रांस में प्यार का प्रतीक माना जाता है यह जोड़ा

फ्रांस में विशेषकर सेंट ट्रोपेज के लोग राजकुमारी और जनरल को प्यार का प्रतीक मानते हैं। 2016 में इस फ्रांसीसी शहर में दोनों की मूर्ति लगाई गई। साथ ही यहां पर महाराजा रणजीत सिंह की भी मूर्ति लगाई गई है।