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हर 11 मिनट में महिलाओं की जान ले रहे घरवाले:श्रद्धा-आरुषि को अपनों ने मारा, दुनिया में 38% लड़कियों का मर्डर पार्टनर करते हैं

नई दिल्ली16 दिन पहले
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मुंबई की श्रद्धा वॉकर के लिव इन पार्टनर आफताब ने उसकी हत्या कर 35 टुकड़ों में काट दिया। यूपी की 22 साल की आयुषी को उसके पिता ने ही मार डाला, क्योंकि उसने अपनी पसंद से शादी की थी। इनदोनों ही केस में कॉमन बात यह है कि दोनों की हत्या उनके अपनों ने की थी। पूरी दुनिया में महिलाओं को उनके अपनों से खतरा है। हर 11 मिनट में एक महिला को उसके अपने ही मार देते हैं।

यह बात यूएन सेक्रेटरी जनरल एंटियो गुटेरस ने कही है। उन्होंने यह बात 25 नवंबर को होने वाले ‘इंटरनेशनल डे फॉर द एलिमिनेशन ऑफ वायलेंस अगेंस्ट वुमन’ से ठीक पहले कही है।

यूएन सेक्रेटरी ने यह भी कहा कि दुनिया भर में महिलाओं के साथ हिंसा एक चिंताजनक बात है। ऐसे में सरकारों को महिला संगठनों या आंदोलन के लिए फंड में 50% की बढ़ोतरी करनी चाहिए।

फैमिली मेंबर या पार्टनर मार देते हैं लड़की को

हर 11 मिनट में एक लड़की का मर्डर उसके घरवाले या पार्टनर कर देते हैं। 'प्रोग्रेस ऑन द सस्टेनबल डेवलपमेंट गोल: द जेंडर स्नैपशॉर्ट्स 2022' की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है। इस रिपोर्ट को यूएन वुमन और यूएन स्टैटिक्स डिवीजन ने साथ मिलकर जारी किया है। कई देशों और अलग क्षेत्रों में रिसर्च के दौरान ये बात सामने आई कि घरेलू हिंसा एक गंभीर मुद्दा है।

कोविड के दौरान महिलाओं के साथ हिंसा ज्यादा

रिपोर्ट में ये कहा गया है कि पूरी दुनिया में 15-49 साल की लड़कियों और महिलाएं सबसे ज्यादा हिंसा की शिकार होती हैं। इस एज ग्रुप की हर 10 में से एक महिला यौन, शारीरिक और मौखिक तौर पर हिंसा की शिकार हुई है। उनके साथ ऐसा करने वाला कोई बाहरी नहीं बल्कि उनका पार्टनर रहा। साथ ही पैंडेमिक के दौरान चार में से एक महिला ने लगातार घर में हिंसा झेली है।

मिराबल सिस्टर्स के सम्मान में किया जाता है सेलिब्रेट

साल 1981 में कुछ वुमन राइट्स एक्टिविस्टों ने 25 नवंबर को जेंडर बेस्ड वायलेंस के रूप में मनाया। यह दिन मिराबल सिस्टर्स के सम्मान में मनाया गया था। डोमिनिकन गणराज्य में मिराबल सिस्टर्स राजनीतिक कार्यकर्ता थीं। साल 1960 में देश शासक राफेल ट्रूजिलो के आदेश पर चार बहनों में से तीन बहनों की बर्बरता से हत्या कर दी गई। ये तीन बहनें राफेल के खिलाफ क्रांति का चेहरा थीं। 20 दिसंबर 1993 को जनरल एसेंबली ने रेज्योलूशन के जरिए महिलाओं के खिलाफ हिंसा खत्म करने का लक्ष्य तय किया।

फिर साल 2000 में 7 फरवरी को जनरल एसेंबली ने एक और रेज्योलूशन को अपनाया। इसमें आधिकारिक तौर पर 25 नवंबर को महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में चुना। साथ ही, सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों को एक साथ जुड़ने और संगठित करने के लिए आमंत्रित किया। इस मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दुनिया भर में कार्यक्रम किए जाते हैं।