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बच्ची के हत्यारे का ब्रिटिश अंडरवर्ल्ड में बायकॉट:भारत में निर्भया के दोषी की जेल में पिटाई, चंबल के डकैत पूजा के बाद डालते थे डाका

नई दिल्ली6 दिन पहले
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पिछले महीने ब्रिटेन में एक पेशेवर अपराधी ने 9 साल की मासूम बच्ची की घर में घुस कर हत्या कर दी। पुलिस हत्यारे को ढूंढ रही है। वहीं अपराधियों के गुट ने बच्ची के हत्या को गलत ठहराते हुए हत्यारे का बायकॉट कर दिया है। यह अपने-आप में अनोखा मामला है, जहां अंडरवर्ल्ड ने किसी अपराध के लिए अपने ही एक साथी को सजा दी है।

मासूम की हत्या को गलत मान रहा है अंडरवर्ल्ड

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि उस हत्यारे के साथी क्रिमिनल्स ने उसका बायकॉट कर दिया है। अंडरवर्ल्ड के अपराधी भी मासूम की हत्या को गलत मान रहे हैं। यही वजह है कि अब अपराधियों में भी उस हत्यारे का बायकॉट किया जा रहा है।

दूसरे अपराधी का पीछा करते हुआ हत्यारा बच्ची के घर में घुसा था

असल में, 22 अगस्त 2022 को ब्रिटेन के लिवरपुल में 9 साल की ऑलिविया अपनी मां के साथ थी। इसी दौरान एक दूसरे अपराधी का पीछा करते हुए हत्यारा उनके घर में घुस आया।

जब ऑलिविया की मां ने दरवाजा बंद करना चाहा तो उसने उनके हाथ में गोली मार दी। फिर उसने वहीं मौजूद मासूम के सीने पर भी गोली दाग दी और भाग खड़ा हुआ। बच्ची को मां ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई।

निर्दोष मासूम की हत्या से अंडरवर्ल्ड भी खफा

लंदन से प्रकाशित अखबार ‘द संड टाइम्स’ की ने खुफिया विभाग के एक अफसर के हवाले से बताया है कि ‘अपराधियों में आपस में हत्याएं नई बात नहीं है, लेकिन निर्दोष और मासूम बच्ची की घर में घुस कर हत्या करना क्रिमिनल्स के भी गले नहीं उतर रही है।’ इसके चलते उस हत्यारे के बायकॉट की बात कही जा रही है।

पुलिस इस मामले में अब तक दर्जन भर से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले चुकी है, लेकिन असली अपराधी को अब तक पकड़ा नहीं जा सकता है। पुलिस ने वीडियो जारी कर आम लोगों से अपराधी को पकड़ने में मदद मांगी है।

बच्ची के पसंदीदा पिंक ड्रेस पहन अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोग

पिछले सप्ताह ऑलिविया का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान चर्च में प्रार्थना के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। परिवार वालों की अपील पर सभी ऑलिविया के पसंदीदा ‘पिंक’ कलर के कपड़े पहन कर आए थे।

ऑलिविया की हत्या का पूरे ब्रिटेन में काफी विरोध हो रहा है। जगह-जगह लोगों ने बच्ची की याद में खिलौने और फूल रखे।
ऑलिविया की हत्या का पूरे ब्रिटेन में काफी विरोध हो रहा है। जगह-जगह लोगों ने बच्ची की याद में खिलौने और फूल रखे।

अपराधियों में भी होती है न्याय की भावना, निर्भया के दोषी को जेल में पीटा गया

ब्रिटेन ही नहीं भारत में भी कई मामले ऐसे हुए हैं जब जेल में सजा काट रहे सामान्य कैदियों ने निर्दयी अपराधियों का बॉयकॉट किया है। दिल्ली के निर्भया रेप कांड के आरोपियों की दिल्ली की तिहाड़ जेल में कई बार कैदियों ने पिटाई की, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उनको सामान्य कैदियों से दूर अलग बैरक में रखा।

अपराधियों के भी होते हैं अपने नियम-कायदे, तोड़ने पर मिलती है मौत

पॉपुलर हॉलीवुड फिल्म ‘पाइरेट्स ऑफ कैरिबियन’ का एक मशहूर डायलॉग है, जिसमें समुद्री लुटेरों का सरदार अपने साथियों से कहता है ‘ नियम तो नियम (Code is law) है’। यहां उन्होंने समुद्र में लूट-पाट के लिए भी नियम-कायदे बना रखे थे। ये तो फिल्मों की बात हुई, लेकिन रियल लाइफ के पेशेवर अपराधी भी कुछ नियम-कायदों से बंधे होते हैं। खास कर के गैंग्स के मामले में ऐसा होता है।

चंबल के डाकुओं का भी था नियम, पूजा के बाद ही डकैती करते थे

एक वक्त था जब चंबल में डकैतों का राज चलता था। मानसिंह से लेकर, मोहर सिंह, पान सिंह तोमर और फूलन देवी जैसे डकैत समानांतर सरकार चलाया करते थे। उन सभी के भी कुछ नियम थे। मान सिंह को चंबल का सबसे बड़ा डकैत कहा जाता है।

कहते हैं कि उसके गैंग के लोग केवल बड़े अमीरों को ही लूटा करते थे। वे राहगीरों और गरीबों को परेशान नहीं करते थे। गैंग का कोई सदस्य अगर सरदार के बनाए नियमों का उल्लंघन करता तो उसे मौत की सजा दी जाती थी।

इसी तरह चंबल के ज्यादातर डकैत मिशन पर जाने से पहले देवी की पूजा किया करते और डकैती सफल होने के बाद बलि चढ़ाते थे।