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एंजेलिना जोली-अनुष्का शंकर ने रिमूव कराया यूट्रस:विदेशी महिलाएं सर्जरी में आगे, आंध्र प्रदेश-पंजाब में 5 में से 1 औरत कराती है ऑपरेशन

नई दिल्ली5 महीने पहलेलेखक: ऐश्वर्या शर्मा
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एक औरत को पूरा तभी माना जाता है जब वह मां बनती है। ऐसे में महिला के शरीर में यूट्रस कितना जरूरी है, यह बताने की जरूरत नहीं। लेकिन जब यह दर्द और तड़पने का कारण बन जाए तो इसे निकलवा देना ही बेहतर होता है। इसे हिस्टेरेक्टॉमी कहा जाता है। कई महिलाएं ऐसा करने से घबराती हैं।

लेकिन विदेशों में महिलाएं यूट्रस में दिक्कत पता चलते ही सर्जरी करा लेती हैं। हालांकि भारत में भी अब महिलाएं आगे बढ़कर अपना गर्भाशय निकलवा रही हैं। हॉलीवुड एक्ट्रेस एंजेलीना जोली और मशहूर सितार वादक अनुष्का शंकर भी अपना यूट्रस रिमूव करा चुकी हैं।

सबसे पहले बात उन महिलाओं की जिन्होंने यूट्रस निकलवाया।

हॉलीवुड एक्ट्रेस एंजेलीना जोली ने गर्भाशय के कैंसर से बचने के लिए यूट्रस और फेलोपियन ट्यूब निकलवा ली थी।
हॉलीवुड एक्ट्रेस एंजेलीना जोली ने गर्भाशय के कैंसर से बचने के लिए यूट्रस और फेलोपियन ट्यूब निकलवा ली थी।

केस 1: सास-पति को बिना बताए निकलवा दिया यूट्रस

मैं 40 साल की रीमा सिंह (बदला हुआ नाम) दिल्ली में रहती हूं। मेरे 3 बच्चे हैं। पीरियड्स के दौरान बहुत ब्लीडिंग और दर्द रहता था। सास को लगता कि काम से बचने के लिए बीमारी का बहाना कर रही हूं। बहन को अपना हाल बताया तो वह मुझे डॉक्टर के पास ले गई।

वहां पता चला कि यूट्रस में गांठ (फाइब्रॉयड) है। मैं बहाने से मायके रहने चली गई और वहां ऑपरेशन करवा लिया। डर से मैंने यह बात अभी तक पति और सास काे नहीं बताई है।

केस 2: पति के साथ से ले पाई इतना बड़ा फैसला

मैं रचना कपूर 38 साल की हूं। मेरा एक बेटा है। मुझे बार-बार टॉयलेट जाने का प्रेशर महसूस होता था लेकिन यूरिन नहीं आता था। प्राइवेट पार्ट में जलन रहती थी।

पति के साथ डॉक्टर को दिखाया तो ओवेरियन कैंसर निकला। तब मैं 35 साल की थी। मैं दोबारा मां बनाना चाहती थी लेकिन इस बीमारी ने मेरे सपनों पर पानी फेर दिया। मैं अपना यूट्रस नहीं निकलवाना चाहती थी। मैं अंदर से टूट चुकी थी लेकिन हसबैंड के साथ ने मुझे यूट्रस रिमूव करवाने की हिम्मत मिली।

यूट्स को किन हालातों में निकलवा देना चाहिए, आइए आपको बताते हैं।

मशहूर सितार वादक अनुष्का शंकर के यूट्रस में कई फाइब्रॉइड्स (गांठ) थे। इस वजह से उनका यूट्रस 6 महीने की गर्भवती के जितना बड़ा हो गया था। इसके बाद उन्होंने ऑपरेशन करवा लिया।
मशहूर सितार वादक अनुष्का शंकर के यूट्रस में कई फाइब्रॉइड्स (गांठ) थे। इस वजह से उनका यूट्रस 6 महीने की गर्भवती के जितना बड़ा हो गया था। इसके बाद उन्होंने ऑपरेशन करवा लिया।

इसलिए यूट्रस रिमूव करने में समझदारी

दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में गायनाकोलॉजिस्ट डॉक्टर माला श्रीवास्तव ने बताया कि जब बच्चेदानी का आकार बढ़ने लगे, पीरियड्स में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग रहती हो, रसौली हो, ओवरी सिस्ट या कैंसर हो तभी यूट्रस रिमूव किया जाता है। अगर शरीर में यह अंग ही बीमारी की जड़ हो तो उसे निकाल देना बेहतर होता है।

हालांकि मरीज को पहले दवा दी जाती है। अगर उससे हल नहीं निकलता तभी सर्जरी की जाती है। इसके बाद 3 महीने का परहेज होता है। इस दौरान भारी वजन नहीं उठाना चाहिए।

इसमें 3 तरह के ऑपरेशन होते हैं। पहला ऑपरेशन होता है हिस्टेरेक्टॉमी। इसमें पूरे यूट्रस को निकाला जाता है। ओवरी और फेलोपियन ट्यूब भी रिमूव होती है। दूसरा होता है सुपरासर्विकल। इसमें यूट्रस के ऊपरी भाग को रिमूव किया जाता है। जबकि सर्विक्स यानी गर्भाशय ग्रीवा को शरीर में छोड़ दिया जाता है। तीसरी सर्जरी रेडिकल हिस्टेरेक्टॉमी कहलाती है। इसमें यूट्रस के साथ सर्विक्स और वजाइना का ऊपरी भाग निकाला जाता है।

सेक्स लाइफ रहती है नॉर्मल

डॉक्टर माला श्रीवास्तव के अनुसार सर्जरी से पहले महिलाओं की काउंसिलिंग करनी पड़ती है। उन्हें समझाना पड़ता है कि बीमारी को शरीर में नहीं रखना चाहिए। दर्द हो रहा है या खून निकल रहा है तो ऐसे में यूट्रस काे रखने का कोई फायदा नहीं।

इसे रिमूव करने के बाद भी महिला सामान्य जिंदगी जी सकती है। वह मां नहीं बन सकती लेकिन उनकी सेक्स लाइफ पर कोई असर नहीं पड़ता।

हो सकते हैं कुछ बदलाव

यूट्रस निकालने के बाद भी प्राइवेट पार्ट में सेंसेशन रहती है। लेकिन ओवरी निकलने से मेनोपॉज हो जाता है जिससे प्राइवेट पार्ट सूखा रहता है। संबंध बनाते समय इस कारण से दर्द हो सकता है। वहीं, अगर महिला को कैंसर हुआ हो तो रेडिकल हिस्टेरेक्टॉमी सर्जरी होती है। इसमें यूट्रस के साथ सर्विक्स को निकाल दिया जाता है।

सर्विक्स में एक नस होती है जो महिलाओं में कामोत्तेजना बढ़ाती है। इसके निकलने से वह क्लाइमेंक्स तक नहीं पहुंच पातीं।

बिना बीमारी के भी महिलाएं चाहती हैं यूट्रस निकलवाना

यूट्रस निकलवाने को लेकर महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ी है। लेकिन बिना बीमारी इसे नहीं निकाला जाता। यह बात डॉक्टर माला ने कही। उन्होंने बताया कि उनके पास 28-30 साल की महिलाएं यूट्रस निकलवाने की चाहत से आती हैं। महिलाओं का कहती हैं कि अब बच्चे हो गए, उन्हें यूट्रस की जरूरत नहीं। डॉक्टर को उन्हें वापस भेजना पड़ता है क्योंकि अगर शरीर में अंग ठीक है, कोई बीमारी नहीं तो उसे नहीं निकाला जाता।

अमेरिका और ब्रिटेन की महिलाएं सर्जरी में आगे

आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो विदेशी महिलाएं भारत के मुकाबले यूट्रस निकलवाने में काफी पीछे हैं। भारत में 45 साल से ज्यादा उम्र की 11% महिलाएं अपना यूट्रस रिमूव करा लेती है। केंद्रीय परिवार और स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय ने साल 2017-18 में 72 हजार महिलाओं के बीच सर्वे किया।

वहीं, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार अमेरिका में 40-44 साल की उम्र में 11.7% महिलाओं ने अपना गर्भाशय निकलवाया। ब्रिटेन में 20% महिलाएं इस सर्जरी से गुजरती हैं।

आंध्र प्रदेश में 23.1% बुजुर्ग महिलाओं ने कराया ऑपरेशन

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 के अनुसार 15 से 49 साल की उम्र की महिलाओं में यह सबसे कम 3.2% रहा। सबसे ज्यादा यूट्रस आंध्र प्रदेश (23.1% ) और पंजाब (21.2%) की बुजुर्ग महिलाओं ने निकलवाए। इन दोनों राज्यों में 5 में से 1 महिला ने किसी कारण से सर्जरी करवाई।

डाइट में प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर शामिल करें

डाइटीशियन सतनाम कौर ने बताया कि हिस्टेरेक्टॉमी के बाद महिलाओं को अपनी डाइट में प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर शामिल करने चाहिए। फल, सब्जियां, साबुत अनाज जैसे ओट्स, बाजरा, क्विनोआ और दालें खूब खाएं। सर्जरी के बाद गैस और कब्ज की दिक्कत रहती है। इसलिए फाइबर लें। पेट ना फूले, इसके लिए खूब सारा पानी पिएं।

इसके अलावा छाछ, सूप, नारियल पानी भी पिएं। लेकिन मुनक्का, किशमिश, अंजीर और खूबानी जैसे ड्राई फ्रूट, मटर, बीन्स, मैदा, फास्ट फूड, हाई फैट, ट्रांस फैट जैसे फूड आइटम खाने से बचें।