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मर्दों के बीच पाकिस्तानी म्यूजिक इंडस्ट्री में नाम बनातीं ज़हरा:एंग्जायटी दूर करने के लिए उठाया था गिटार, अब फोर्ब्स में छपीं

नई दिल्ली7 महीने पहले
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‘आप महिला हैं तो खुद को पुरुषों के बराबर साबित करने के लिए आपको उनसे दोगुनी मेहनत करनी होती है’। ये बात ज़हरा पराचा फोर्ब्स से बात करते हुए कहती हैं। ज़हरा पाकिस्तानी सिंगर, म्यूजिशियन, म्यूजिक प्रोड्यूसर हैं। पाकिस्तान में अब भी औरतों के लिए बहुत बंदिश है। ज़हरा ने अपनी पहचान बनाने के लिए काफी संघर्ष किया और उनकी मेहनत रंग लाई। अब वो पाकिस्तान म्यूजिक इंडस्ट्री का जाना-माना नाम हैं।

मर्दों की अपनी दुनिया थी, वहां मैं अकेली

अपने इंटरव्यू में वो बताती हैं- मुझे याद है कि जब मैंने शुरू किया था, तब मैं सोलो प्रोड्यूसर थी। मुझे एहसास हुआ कि मर्द कलाकारों का अपना छोटा क्लब है। वो एक-दूसरे को कहते भाई तू ये सुन ले या भाई जरा ये देख ले। लेकिन मेरे पास कोई नहीं था। ज़हरा सिंगर होने के साथ गाने लिखती हैं। गिटार, ड्रम, की और मैंडोलिन बजाती हैं। वो टकाटक की टेक इंजीनियर भी रही हैं। साथ ही सिकंदर का मंदार, बिरयानी ब्रदर्स और डोल्से और घबराना बैंड के साथ काम कर चुकी हैं। इनके कॉलैबेरेशन की लिस्ट में मोजी, रोज़ियो, मानू, शाही किलास और ईवा बी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

महिला के बनाए संगीत को औसत माना जाता है

ज़हरा कराची में पली-बढ़ी और गर्ल्स स्कूल से पढ़ाई की। वो कहती हैं टीन ऐज में जब कुछ भी कंट्रोल नहीं होता, तब मेरा पाला म्यूज़िक इंस्ट्रूमेंट से पड़ा। मुझे एहसास हुआ कि इन्हें जैसे चाहो वैसे कंट्रोल कर सकते हैं। इस तरह म्यूज़िक में दिलचस्पी बढ़ती गई। मैंने 14 साल की उम्र में पहली बार गिटार बजाना शुरू किया। बाद में अपना प्रोडक्शन हाउस शुरू किया। गिटार बजने से मेरी एंग्जाइटी दूर होती है। हमारा समाज म्यूजिक को करियर के रूप में नहीं देखता। इसमें एक धार्मिक दृष्टिकोण भी है। साथ ही जेंडर को लेकर भी सोसाइटी में काफ़ी दोहरापन है। महिला के बनाए संगीत को औसत माना जाता है।

अपनी कई साउंड डिज़ाइन प्रोजेक्ट के अलावा ज़हरा ने हाल ही में रेड बुल के साथ 60 सेकेंड के सोलो के लिए भी काम किया है। ज़हरा को रेड बुल का प्रोजेक्ट सोशल मीडिया से मिला।
अपनी कई साउंड डिज़ाइन प्रोजेक्ट के अलावा ज़हरा ने हाल ही में रेड बुल के साथ 60 सेकेंड के सोलो के लिए भी काम किया है। ज़हरा को रेड बुल का प्रोजेक्ट सोशल मीडिया से मिला।

गाने सुन सोचती ऐसा क्या है इसमें जो मुझे बांध रहा

हमारे पास एक पुराना कंप्यूटर था, जिस पर मैं ढेर सारा संगीत सुनती थी। फिर मैं सोचती इस गाने में ऐसा क्या है जो मुझे इतना पसंद है? मैं स्क्रैच से फिर उन बीट्स को बनाने की कोशिश करती। ज़हरा कहती हैं मुझे लगता है ये ऐसा कुछ था जो मेरे कंट्रोल में है। मेरे हाथ में गिटार है और मैं इससे कुछ बना सकती हूं।

सोशल मीडिया से मिला रेड बुल के साथ काम करने का मौक़ा

ज़हरा फिलहाल कुछ गानों पर काम कर रही हैं, जिनमें से एक बिलाल शाह के साथ और एक हिप-हॉप ट्रैक कराची के रैपर के साथ है। वो कहती हैं- मैंने अपने गिटार वीडियो को ऑनलाइन अपलोड करना शुरू कर दिया था। जल्द ही रेड बुल ने 60-सेकेंड की सीरीज़ के लिए मुझसे संपर्क किया। इस काम को लेकर वो काफ़ी उत्साहित हैं।