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पहली बार एक महिला बनी CSIR की डायरेक्टर जनरल:साइंस में बढ़ रहा है आधी आबादी का दखल, स्पेस-मिशन की अहम जिम्मेदारी निभा चुकी हैं फीमेल साइंटिस्ट

नई दिल्ली2 महीने पहले
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नल्लाथम्बी कलाइसेल्वी CSIR यानी वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की पहली महिला डायरेक्टर जनरल बनी हैं। देश के 38 सबसे अहम अनुसंधान संस्थानों के सर्वोच्च पद पर पहुंचने वाली नल्लाथम्बी, शेखर मांडे का स्थान लेंगी; जो अप्रैल में रिटायर हुए थे।

बता दें कि नल्लाथम्बी कलाइसेल्वी देश की जानी मानी महिला वैज्ञानिक हैं। हाल के वर्षों में नल्लाथम्बी कलाइसेल्वी से पहले भी कई महिला वैज्ञानिकों में साइंस जगत में अपना परचम लहराया है।

125 से ज्यादा रिसर्च पेपर और 6 पेटेंट हैं नल्लाथम्बी के नाम

मूल रूप से तमिलनाडु के तिरुनेलवेल्ली जिले की रहने वाली नल्लाथम्बी कलाइसेल्वी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई तमिल माध्यम से की है। फरवरी 2019 में उन्हें CSIR-CECRI का नेतृत्व मिला था। नल्लाथम्बी कलाइसेल्वी ने पिछले 25 सालों में कई महत्वपूर्ण शोध किए हैं। उन्होंने अब तक 125 से ज्यादा रिसर्च पेपर लिखे हैं। साथ ही उनके नाम 6 पेटेंट भी दर्ज हैं।

नल्लाथम्बी कलाइसेल्वी फिलहाल लिथियम आयन बैटरी पर शोध कर रही हैं।

रितु करिढाल चंद्रयान-2 की मिशन डायरेक्टर थीं।
रितु करिढाल चंद्रयान-2 की मिशन डायरेक्टर थीं।

दो महिलाओं ने किया था चंद्रयान-2 का नेतृत्व

साइंस के क्षेत्र में महिलाओं का दखल किस प्रकार से बढ़ा है, इसकी बानगी इसरो के हालिया प्रोजेक्ट्स में देखने को मिलती है। इसरो के अति महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चंद्रयान-2 के नेतृत्व की जिम्मेदारी दो महिलाओं के कंधे पर थी। वनिथा मुथैया ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर तो रितु करिढाल ने मिशन डायरेक्टर के रूप में भारत के मून मिशन की अगुआई की थी। वनिथा और रितु के अलावा चंद्रयान-2 पर काम करने वाले स्टाफ में 30% से ज्यादा महिलाएं शामिल थीं।

मिशन मंगल को महिलाओं ने किया था सफल

भारत के अब तक के सबसे सफल स्पेस प्रोजेक्ट में से एक ‘मिशन मंगल’ को भी महिलाओं ने ही सफल बनाया था। इसको लीड करने वाली मेन टीम में 5 महिला वैज्ञानिक शामिल थीं। मिशन मंगल इसरो का पहला ऐसा प्रोजेक्ट था, जिसमें बड़ी संख्या में महिला वैज्ञानिकों को शामिल किया गया था। मंगल मिशन की लगभग 27% वैज्ञानिक महिलाएं थीं।

मीनल संपत, मौमिता दत्ता, अनुराधा टी के, रितु करिढाल और नंदिनी हरिनाथ ने मिशन मंगल में अहम भूमिका निभाई थी। बाद में अक्षय कुमार की फिल्म ‘मिशन मंगल’ में भी इन महिला वैज्ञानिकों के संघर्ष को दिखाया गया। फिल्म में विद्या बालन, तापसी पन्नू, सोनाक्षी सिन्हा, कीर्ति कुलहड़ी और नित्या मेनन ने इन महिला वैज्ञानिकों को रोल अदा किया था।