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महारानी 222 साल पुराने बर्तनों में बना खाना खाती थीं:60 साल से नहीं बदली डाइट, असम की चाय थी पसंद

नई दिल्ली3 महीने पहलेलेखक: मनीष तिवारी

बात करीब 10 महीने पहले की है, ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय अपना 95वां जन्मदिन मना चुकी थीं और 6 फरवरी 2022 में उनके शासन के 70 साल पूरे होने वाले थे। महारानी की ताजपोशी की प्लेटिनम जुबली मनाने की तैयारियां चल रही थीं। तभी रॉयल पैलेस से खबर आई। महारानी के शाही डॉक्टरों ने उन्हें वाइन न पीने की सलाह दी थी।

15 साल तक क्वीन एलिजाबेथ-II के पर्सनल शेफ रहे डेरेन मैग्रेडी ने 2007 में एक किताब लिखी- 'ईटिंग रॉयली: रेसिपीज एंड रिमेंब्रेंस'। इसमें उन्होंने महारानी के खानपान के बारे में खुलकर बात की है। डेरेन के मुताबिक 95 साल की होने के बाद भी क्वीन के हेल्दी और एक्टिव रहने के पीछे उनका खानपान और अनुशासित जीवन था। वह फूडी नहीं थीं। उन्होंने खाने-पीने के लिए उन्होंने सख्त नियम तय कर रखे थे। पिछले 60 साल से उनकी डाइट में कोई खास बदलाव नहीं आया था। वह हेल्दी डाइट लेती थीं। बस उतना ही खातीं, जितना जीने के लिए जरूरी था। 70 साल, 214 दिन तक ब्रिटेन की महारानी रहीं एलिजाबेथ की लंबी उम्र, खूबसूरती और उनकी सेहत का राज भी इसी फूड हैबिट्स में छिपा था।

1800 ईस्वी के बर्तनों में बनता है खाना

महारानी का खाना बनाने के लिए शाही रसोई में 20 शेफ तैनात थे। मेन्यू की लिस्ट चीफ शेफ तैयार करते थे। जिसमें दिन के हर खाने के लिए 3 सजेशन होते थे। महारानी इनमें से एक डिश चुनकर बाकी डिशेज के नाम काट देतीं। एलिजाबेथ से पहले ब्रिटेन की महारानी रहीं क्वीन विक्टोरिया के समय उनके चीफ शेफ ने हाथ से फ्रेंच भाषा में मेन्यू लिखने की शुरुआत की थी। तबसे यह परंपरा चली आ रही है। डेरेन मैग्रेडी बताते हैं कि शाही परिवार की रसोई में अब भी 1800 ईस्वी के बर्तनों का इस्तेमाल हो रहा है।

खानपान के लिए दिवंगत महारानी के कुछ खास तौर-तरीके और नियम भी थे...

प्री-ब्रेकफास्ट में बिना चीनी की चाय और बिस्किट

महारानी एलिजाबेथ अपनी सुबह की शुरुआत चाय और बिस्किट के साथ करती थीं। उनकी चाय भी बेहद खास होती थी। जिसे ‘अर्ल ग्रे’ के नाम से जाना जाता है। इस चायपत्ती को बरगामोट ऑरेंज के छिलके का तेल डालकर तैयार किया जाता है। इसमें दूध तो डाला जाता था, लेकिन चीनी बिल्कुल नहीं। क्वीन को चॉकलेट ओलिवर्स बिस्किट पसंद थे। उन्हें असम की ‘सिल्वर टिप्स चाय’ भी काफी पसंद थी।

सुबह 7:30 बजे चांदी के टी-पॉट में आती अर्ल ग्रे चाय

ठीक सुबह 7:30 बजे मेड एक ट्रे में चांदी के 2 टी-पॉट के साथ उनके बेडरूम में पहुंचती थी। एक पॉट में अर्ल ग्रे चाय होती थी, तो दूसरे में गर्म पानी। इसके साथ ही बोन चाइना कप, छोटी प्लेट और लिनेन नैपकिन भी ट्रे में होता। नैपकिन पर महारानी के शाही निशान की कढ़ाई रहती थी।

नाश्ते में फल, सीरिअल और मामलेट था पसंद

तैयार होने के बाद वह 8:30 बजे अपने प्राइवेट डाइनिंग रूम में ब्रेकफास्ट के लिए आतीं। सीरिअल और फल उनके सुबह के खाने का सबसे जरूरी हिस्सा था। मामलेट (संतरे का मुरब्बा) और टोस्ट भी उन्हें पसंद था। कुछ खास मौकों पर उनके नाश्ते में कभी-कभी स्मोक्ड सैलमन फिश और अंडे भी होते थे। महारानी को ब्राउन एग्स ज्यादा पसंद थे।

लंच में हाई प्रोटीन-लो कार्ब्स, जीरो स्टार्च

क्वीन का लंच हाई प्रोटीन-लो कार्ब्स के नियम पर प्लान किया जाता। मछली और सब्जियां उनकी डाइट का सबसे जरूरी हिस्सा थीं। क्वीन एलिजाबेथ का फेवरेट लंच पालक और जुकिनी के साथ ग्रिल्ड डोवर सोल या स्कॉटिश सैलमन था। उन्हें सलाद के साथ ग्रिल्ड चिकन भी पसंद था। वह जीरो स्टार्च वाली डाइट लेतीं। इसलिए उनका खाना तैयार करते समय सख्ती के साथ इन सभी नियमों का पालन किया जाता।

हल्का मक्खन और स्ट्रॉबेरी जैम के साथ खातीं सादा सैंडविच

दोपहर बाद वह एक बार फिर से अर्ल ग्रे टी पीतीं। इस दौरान उन्हें खीरे का सैंडविच और फ्रूट केक खाना पसंद था। टोमैटो सैंडविच और जैम पेनी सैंडविच 5 साल की उम्र से ही उनके फेवरेट थे। उनका सैंडविच भी बेहद सादा होता, जिसमें ब्रेड में सिर्फ हल्का मक्खन और स्ट्रॉबेरी जैम लगता था।

डिनर में मछली, सलाद और सब्जियां

महारानी के डिनर में भी 'नो स्टार्च' के नियम का पालन किया जाता था। रात के खाने में भी वह मछली, सब्जियां और सलाद ही लेतीं।

शाही बगीचे से आते थे महारानी के लिए फल

महारानी एलिजाबेथ के लिए हमेशा उनके बगीचों से ही ताजे फल आते थे। स्ट्रॉबेरी बाल्मोरल के महल से आती थी, तो विंडसर पैलेस के ग्रीनहाउस से पीच (आड़ू) मंगाए जाते थे।

मीठे में पसंद थी चॉकलेट

महारानी का कभी-कभी मीठा खाने का भी मन करता। इसके लिए डार्क चॉकलेट उनकी पहली पसंद थी। हालांकि, वह चॉकलेट का छोटा सा टुकड़ा ही खातीं। मिल्क चॉकलेट उन्हें पसंद नहीं थी। सफर के दौरान वह हमेशा चॉकलेट बिस्किट और केक साथ में रखतीं।

फास्ट फूड को नहीं लगाया हाथ

क्वीन एलिजाबेथ को खाने में अगर कोई चीज सबसे नापसंद थी, तो वह था लहसुन। आज भले ही दुनिया फास्ट फूड की दीवानी हो, लेकिन महारानी ने कभी भी फास्ट फूड खाने की फरमाइश नहीं की। वह जो चाहतीं, खा सकती थीं, लेकिन उन्होंने हमेशा अपनी सेहत को ध्यान में रखा और हेल्दी खाना खाया। डेरेन मैग्रेडी मजाकिया अंदाज में लिखते हैं कि महारानी को डॉग्स और हॉर्सेज से प्यार था। शेफ, खाना और किचन उनके लिए आखिर में आते थे।

95 साल की उम्र तक पीती रहीं वाइन

मीडिया रिपोर्ट्स में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के एल्कोहल की पसंद-नापसंद पर कई रिपोर्ट आती रहीं। उनकी ड्रिंकिंग हैबिट्स चर्चा में भी रहीं। यह भी कहा गया कि वह 91 साल की उम्र में 4 गिलास कॉकटेल पी लेती हैं। लेकिन, उनके निजी शेफ के तौर पर काम कर चुके डेरेन मैग्रेडी ने इसे गलत बताया। हां, उन्हें वाइन जरूर पसंद थी और वह 95 की उम्र तक इसे पीती रहीं, जब कि डॉक्टरों ने उन्हें वाइन पीने से मना नहीं कर दिया।

शाही महल से बगीचे के फलों से ही बनती है शाही परिवार के लिए वाइन

वह शाम या फिर डिनर के वक्त स्वीट वाइन पीना पसंद करती थीं। जिन और डुबॉनेट (Gin and Dubonnet) उन्हें सबसे ज्यादा पसंद थी। महारानी और शाही परिवार के लिए बकिंघम पैलैस में ही जिन तैयार की जाती थी। इस शाही शराब को 'बकिंघम पैलेस जिन' का नाम दिया गया था। बकिंघम महल में 16 हेक्टेयर में फैले शाही बागीचे में पैदा होने वाले नींबू, बेरीज समेत 12 तरह की वनस्पतियों से यह खास शराब बनाई जाती है। रॉयल कलेक्शन ट्रस्ट ने यह शराब जुलाई 2020 में लॉन्च की थी।

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ग्राफिक्स: सत्यम परिडा