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6 महिला अफसरों ने क्लियर किया DSSC एग्जाम:सेना के इतिहास में पहली बार पति-पत्नी साथ करेंगे ट्रेनिंग

नई दिल्ली21 दिन पहले
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पहली बार छह महिला अफसरों ने डिफेंस सर्विसेंज स्टाफ कोर्स (DSSC) और डिफेंस सर्विस टेक्निकल स्टाफ कोर्स (DSTSC) का एंट्रेंस एग्जाम क्लियर किया है। ये परीक्षा हर साल सितंबर में आयोजित की जाती है। छह में से चार महिला अफसरों को तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में स्थित वेलिंगटन में डिफेंस सर्विसेंज स्टाफ कोर्स में एक साल की ट्रेनिंग दी जाएगी। यहां पर ये चारों महिला अफसर पुरूष साथियों के साथ ट्रेनिंग लेंगी।

ऑपरेशनल, मिलिट्री इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग मिलेगी

एक साल की ट्रेनिंग के लिए चुनी गई चार महिला अफसरों को कई जरूरी ट्रेनिंग का हिस्सा बनाया जाएगा। एक आर्मी अफसर के मुताबिक महिला अफसरों को मिलिट्री इंटेलिजेंस, ऑपरेशनल, लॉजिस्टिक और स्टाफ अप्वाइटमेंट के एडिमिनिस्ट्रेशन के पहलुओं की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग का फायदा नियुक्ति के समय भी मिलता है। ट्रेनिंग किए हुए अफसरों को इस दौरान प्राथमिकता दी जाती है। अन्य दो महिला अधिकारियों में से एक DSTSC की आरक्षित सूची में है, जबकि दूसरी को एडमिनिस्ट्रेशन एंड लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट कोर्स (एएलएमसी) और इंटेलिजेंस स्टाफ कोर्स (आईएससी) के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।

260 सीट के लिए 1500 से ज्यादा उम्मीदवार

DSSC/DSTSC एंट्रेंस एग्जाम के 260 सीटों के लिए 15 सौ से अधिक पुरूष अधिकारियों ने अप्लाई किया था। वहीं 15 महिला अधिकारियों ने एग्जाम के लिए फॉर्म भरा था। 15 से 6 महिला अफसर एग्जाम में सफल हो पाई हैं।

पहली बार होगा जब पति-पत्नी साथ करेंगे ट्रेनिंग

ट्रेनिंग के लिए चुनी गई चार महिला अफसरों में से एक महिला अफसर DSSC परीक्षा पास करने वाले एक अधिकारी की पत्नी हैं। ऐसे में कहा जा रहा ये सेना के इतिहास में पहली बार होगा, जब पति-पत्नी साथ में ट्रेनिंग करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राह बनाई आसान

भारतीय सेना में अब तक महिला अफसरों को स्थायी कमीशन नहीं मिलता था। लेकिन पिछले साल 17 साल की लंबी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 39 महिला अफसरों के पक्ष में फैसला सुनाया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि वो इन महिला अफसरों को स्थायी कमीशन देने के लिए आदेश जारी करे। साथ ही 25 महिला अफसरों को स्थायी कमीशन क्यों नहीं दिया जा रहा है, उसका कारण बताए।

पहले आर्मी में सिर्फ मेडिकल कोर, लीगल और एजुकेशन कोर में ही महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमिशन था। लेकिन अब सेना में आर्मी एयर डिफेंस, सिग्नल्स, इंजीनियर्स, आर्मी एविएशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स, आर्मी सर्विस कोर, आर्मी ऑर्डिनेंस कोर और इंटेलिजेंस कोर में परमानेंट कमीशन में भी महिलाओं को वरीयता दी जा रही है।