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बिस्माह को दोबारा मिली पाकिस्तान क्रिकेट टीम की कप्तानी:बोलीं-मैं बल्ला चलाती हूं, मेरी मां बेटी संभालती हैं, भारत से है नाता

नई दिल्ली7 दिन पहले
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बेटी को जन्म देने के मात्र 6 महीने बाद ही वर्ल्ड कप खेलने मैदान में उतरी यह महिला है पाकिस्तान की क्रिकेट टीम की कप्तान बिस्माह मारूफ। जिनकी कप्तानी की पारी अब एक साल के लिए और बढ़ा दी गई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने गुरुवार को महिला टीम की सीनियर खिलाड़ी बिस्माह मारूफ को 2022 से 2023 तक के लिए महिला टीम का कप्तान नियुक्त करने का फैसला लिया है।

इनके नेतृत्व में पाकिस्तान की टीम ने हाल ही में टी-20 वर्ल्ड कप खेला था, हालांकि इन मुकाबलों में पाकिस्तान की टीम कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी। मगर भारत में पाकिस्तान की यह खिलाड़ी हाल ही में काफी पसंद की जा रही हैं।

मार्च में हुए आईसीसी वर्ल्ड कप के मुकाबले में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने आई थी। इस मैच के बाद भारतीय टीम की खिलाड़ी पाकिस्तान कप्तान की बेटी के साथ खेलती हुई नजर आई थी। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी। जिसे दोनों ही देशों में काफी पसंद किया गया।

भारत-पाक मैच हो ताकि लड़कियों को खेलने का मौका मिले
हाल ही में बिस्माह ने एक इंटरव्यू में बोला है कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले होते रहने चाहिए। इसके बाद भी वह खबरों में बनी हुई हैं। बिस्माह कहती हैं कि 'महिला क्रिकेट में निश्चित तौर पर सुधार आ रहा है। लोग अब महिला क्रिकेट में निवेश करने के लिए तैयार हैं। टी-20 लीग और इस तरह की अन्य लीगों से जुड़े देश के खिलाड़ियों को काफी एक्सपोजर मिलता है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिल रहा है। हमें इसकी तारीफ करनी चाहिए कि ऐसी लीग होती हो रही हैं, जिससे कि नए खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों से काफी कुछ सीखने को मिल रहा है।'

मैच जैसे ही खत्म होता है मैं टीम के साथ मीटिंग खत्म करने के बाद सीधे फातिमा के पास आती हूं उसे गोद में ले लेती हूं और उसके साथ खेलती हूं।
मैच जैसे ही खत्म होता है मैं टीम के साथ मीटिंग खत्म करने के बाद सीधे फातिमा के पास आती हूं उसे गोद में ले लेती हूं और उसके साथ खेलती हूं।

एक हाथ में बेटी, दूसरे में क्रिकेट किट पकड़कर पेश की मिसाल
मैच से पहले बिस्माह स्टेडियम में पहुंची तो उनके एक हाथ में बेटी फातिमा थी और दूसरे हाथ में क्रिकेट किट थी। इस एक फोटो में वह दोनों अहम जिम्मेदारियां निभाती नजर आ रही हैं। यह फोटो भी मीडिया में काफी समय के लिए छाई रही थी। यह कई महिला खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल बनकर उभरी हैं।

बिस्माह ने टूर्नामेंट से पहले कहा था कि खेल में वापसी के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है। पिछले साल अप्रैल में बिस्माह ने क्रिकेट से अनिश्चित समय के लिए ब्रेक लिया था। इसके बाद अगस्त में उन्होंने बेटी फातिमा को जन्म दिया। उस समय पाकिस्तान में यह भी खबरें आ रही हैं कि बिस्माह के मां बनने के बाद उनके करियर का अंत हो गया है। मगर उन्होंने वर्ल्ड कप की कप्तानी हासिल कर तमाम लोगों का मुह बंद कर दिया।

मां बनने के बाद क्रिकेट छोड़ने का आया था ख्याल
दोबारा टीम की कप्तानी संभालने पर बिस्माह मारूफ का कहना है कि 'किसी भी क्रिकेटर के लिए देश की कप्तानी करना वास्तव में सम्मान की बात है। मेरे लिए इस भूमिका को जारी रखना सौभाग्य की बात है 2022-23 का क्रिकेट सीजन पाकिस्तान महिला टीम के लिए सबसे व्यस्त है। हम इसके लिए चुनौतियों का सामना करने के लिए उत्साहित और तैयार हैं।'

मां बनने के बाद खेल में वापसी पर बिस्माह कहती हैं कि 'एक वक्त ऐसा आया जब मैंने क्रिकेट खेलने के जुनून को छोड़ने पर विचार किया था, लेकिन पीसीबी ने अपनी मातृत्व नीति के चलते ऐसा नहीं होने दिया। पीसीबी ने खेल को उतना ही समावेशी बनाया जितना हमारे देश में महिलाओं के लिए हो सकता है। मैं अपने परिवार और खासकर पति को धन्यवाद देना चाहती हूं।'

मैं बल्ला चलाती हूं तब मेरी मां बच्ची को संभालती हैं
मां बनने के बाद पहली बार टूर्नामेंट खेलने पर बिस्माह कहती हैं कि यह बिलकुल भी आसान नहीं था। मेरी बेटी फातिमा टूर पर मेरे साथ आई थी। हालांकि क्रिकेट और बच्ची दोनों को बैलेंस करना काफी मुश्किल था। मेरे लिए फिर भी यह इसलिए आसान हो पाया क्योंकि मेरी मां मेरे साथ थीं। मैं जब मैदान में बल्ला चलाती थी तब मुझे पता होता था कि मेरी बच्ची अच्छे हाथों में है। मेरी मां बच्ची का अच्छे से ख्याल रखती हैं। ये काफी चुनौतीपूर्ण था और इससे मैंने काफी कुछ सीखा भी है।

साल 2006 में पहली बार भारत के खिलाफ जयपुर में अपना पहला वनडे मैच खेला था।
साल 2006 में पहली बार भारत के खिलाफ जयपुर में अपना पहला वनडे मैच खेला था।

कश्मीर में पैदा हुई, परिवार चाहता था नर्स बने
30 वर्षीय बिस्माह का जन्म एक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीरी परिवार में हुआ था। उनका परिवार चाहता था कि वह नर्सिंग की पढ़ाई करें मगर बिस्माह को कुछ और ही मंजूर था। उन्हें क्रिकेट में दिलचस्पी खी और ट्रेनिंग लेना शुरू किया। मात्र 15 साल की उम्र में उन्होंने पाकिस्तान की टीम जगह बना ली।

मारूफ की वजह से ही पाक को मिली थी वर्ल्ड कप में जगह
बिस्माह मारूफ का खेल इतना शानदार था कि वह पहली ऐसी महिला खिलाड़ी थी जो पाकिस्तान के लिए 1000 रन बना पाई थी। उनके खेल के कारण ही पाकिस्तान को 12 साल के इंतजार के बाद ही महिला वर्ल्ड कप में पाकिस्तानी टीम की जगह पक्की हो पाई थी।

साल 2016 में उन्हें टी-20 का कप्तान बनाया गया था। 2017 में वनडे की भी कप्तानी मिल गई। वह बहुत जल्द ही टीम की कप्तान बन गई। उसके बाद वह मातृत्व अवकाश के चलते काफी समय तक क्रिकेट से दूर रहीं।

109 वनडे में बनाए 2617 रन, 36 विकेट लिए
क्रिकेट के 15 साल के करियर में बिस्माह अब तक कुल 109 वनडे मुकाबले खेल चुकी हैं। जिसमें उन्होंने 2617 रन बनाए हैं। 15 अर्धशतक लगाए हैं। 108 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया। जिनमें बिस्माह ने 2225 रन बनाए हैं। टी-20 इंटरनेशनल में उनके नाम 36 विकेट भी दर्ज हैं।