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IMF एमडी पर गड़बड़ी के आरोप:क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने पूरी दुनिया को लोन देने वाले वर्ल्ड बैंक में टॉप पदों पर रखी 50 फीसदी महिलाएं, कहती थीं- महिलाएं दुनिया को सुंदर बनाएंगी

नई दिल्ली3 दिन पहले
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) प्रबंध निदेशक (MD) क्रिस्टलीना जॉर्जीवा पर चीन के पक्ष में विश्व बैंक के कर्मचारियों पर चीन की खातिर कारोबार रैंकिंग बदलने के लिए दबाव डालने के आरोप हैं। उनसे इस्तीफा भी मांगा जा रहा है। हालांकि, अब आईएमएफ ने अपनी एमडी पर पूरा भरोसा जताया है। भले ही जॉर्जीवा पर ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की रैंकिंग को लेकर आरोप लगे हों, मगर पूरी दुनिया में उनकी ईमानदारी की मिसाल दी जाती रही है। उन्हें बुल्गारिया सरकार ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पद के लिए भी नामित किया था। दुनिया को लोन देने वाले वर्ल्ड बैंक में टॉप पदों पर महिलाओं को काबिज किए जाने की वकालत करने वालीं जॉर्जीवा कहती हैं कि महिलाएं दुनिया को सुंदर बनाएंगी। आइए जानते हैं कि कौन हैं जॉर्जीवा और अपनी जिंदगी में कौन से अहम मुकाम हासिल किए हैं।

जानी मानी बुल्गारियाई इकोनॉमिस्ट से लेकर वर्ल्ड बैंक तक रहा शानदार सफर
यूरोपीय देश बुल्गारिया निवासी जॉर्जीवा वैसे तो जानी मानी इकोनॉमिस्ट हैं। वह वर्ल्ड बैंक में 2017 की शुरुआत से लेकर 2019 के आखिर तक चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रह चुकी हैं। वह वर्ल्ड बैंक की पहली सीईओ रही हैं। वह वर्ल्ड बैंक समूह की जनवरी से लेकर अप्रैल, 2019 तक अस्थायी प्रेसीडेंट भी रही हैं। 2014 से 2016 के बीच वह यूरोपीय कमीशन में वाइस प्रेसीडेंट भी रही हैं। इससे पहले भी जॉर्जीवा 1993 से 2010 तक वर्ल्ड बैंक में कई पदों पर रहीं।

हैती का भूकंप हो या पाकिस्तान की बाढ़, हर जगह बढ़ाया मदद का हाथ
जॉर्जीवा ने 9 फरवरी, 2010 को जब मानवीय मदद के लिए यूरोपीय कमिश्नर बनीं तो उन्होंने हैती और चिली में 2010 में आए भूकंप और पाकिस्तान की भीषण बाढ़ से निपटने के लिए मदद के हाथ बढ़ाए। इसके लिए उन्होंने खूब वाहवाही भी बटोरी।
वर्ल्ड बैंक में सीनियर पदों में 50 फीसदी महिलाओं को काबिज किया
जॉर्जीवा जब वर्ल्ड बैंक में आईं तो उन्होंने तय किया कि इस बड़ी संस्था में जेंडर गैप को कम किया जाए। उन्होंने तय किया कि 2020 तक सीनियर मैनेजमेंट पदों पर 50 फीसदी महिलाएं हों। हालांकि, उन्होंने यह लक्ष्य अक्टूबर, 2018 में ही हासिल कर लिया।

13 बिलियन डॉलर सिर्फ वर्ल्ड बैंक में आंतरिक सुधार के लिए जारी करवाए
जॉर्जीवा ने दुनिया के सबसे बड़े बैंक वर्ल्ड बैंक में सुधार लाने के लिए 13 बिलियन डॉलर की रकम (पेड-इन कैपिटल) जारी करवाई। यह रकम विश्व बैंक के इतिहास में जारी की जाने वाली अब तक की सबसे बड़ी रकम है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट जारी करने पर लगी रोक, भारत 63वें पायदान पर था
जॉर्जीवा ने चीन और बाकी देशों की व्यापार में ईज ऑफ डुइंग बिजनेस (कारोबारी सुगमता) सुगमता से जुड़ी रैंकिंग प्रभावित करने वाले डेटा में बदलाव करने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाने में भूमिका निभाने के आरोपों से इनकार किया था। हालांकि, इस मामले की जांच की वजह से वर्ल्ड बैंक ने सालाना डूइंग बिजनेस रिपोर्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। इससे पहले कारोबार सुगमता रैंकिंग, 2020 में भारत 14 स्थानों की छलांग से 63वें पायदान पर पहुंचा था।