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हमारी बेटियां किसी से कम नहीं:पॉजिटिव अप्रोच और कॉन्फिडेंस के मामले में सबसे आगे हैं भारतीय महिलाएं

नई दिल्ली5 दिन पहले
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एक वक्त था, जब महिलाओं को शर्मीली और दब्बू माना जाता था, लेकिन अब सोच बदलने का समय आ गया है। भारतीय महिलाएं कॉन्फिडेंस के मामले दुनिया में सबसे आगे हैं। यह दावा ​एक स्टडी में किया गया है। भारत की महिलाएं दुनिया के दूसरे विकसित देशों से भी ज्यादा खुली सोच रखती हैं और मौका मिलने पर अपनी बात को साबित भी करती हैं।

फिलिप्स ग्लोबल ब्यूटी इंडेक्स के मुताबिक, भारतीय महिलाएं दुनिया में सबसे अधिक कॉन्फिडेंट होती हैं। इतना ही नहीं 91 फीसदी महिलाएं खुद को खूबसूरत भी मानती हैं। वे घर-ऑफिस की दोहरी जिम्मेदारी उठाती हैं। अपनी खुशियों के लिए वक्त निकालती और नए-नए हुनर सीखती हैं। वे सौंदर्य प्रतियोगिताओं में न केवल हिस्सा लेती हैं, बल्कि जीत भी हासिल करती हैं। बता दें कि साल 1994 में मिस यूनिवर्स का ताज जीता था, तब से लगातार सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भारतीय युवतियां आगे आ रही हैं।

वर्किंग वुमन और हाउसवाइफ भी कर रहीं खुद को ग्रूम
मिसेज इंडिया वर्ल्डवाइड 2018 का खिताब जीत चुकी कीर्ति मिश्रा कहती हैं कि भारत ही नहीं दुनिया के हर देश की महिलाएं आगे आ रही हैं। वे बड़ी से बड़ी चुनौतियों को मात देकर अपना मुकाम हासिल कर रही हैं। ग्रूमिंग अकेडमी केटालिस्टिस की पर्सनैलिटी ग्रूमिंग ट्रेनर कीर्ति मिश्रा बताती हैं, 'हमारे यहां ब्यूटी कॉन्टेस्ट की तैयारी करने वाली लड़कियां, वर्किंग वुमन और हाउस-वाइफ खुद की पर्सनैलिटी निखाने के लिए आती हैं। खास बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर के अलावा बरेली, हैदराबाद और करनाल के छोटे-छोटे शहरों व गांव से लड़कियां आती हैं, जो खुद की कमियों को दूर कर ब्यूटी कॉन्टेस्ट, एयरलाइन व मल्टीनेशन कंपनियों में अपना करियर बनाती हैं।

दुनियाभर के मामलों पर रखती हैं पकड़
महिलाओं में आत्मविश्वास को जांचने के लिए 'द सेकंड ग्लोबल ब्यूटी स्टडी' ने 11 हजार से अधिक भारतीय महिलाओं से बात की। इसमें पाया गया कि महिलाएं न केवल अपने हुनर को लेकर कॉन्फिडेंट होती हैं, बल्कि दुनियाभर के मामलों में भी उनकी पक्की सोच होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका थोड़ा श्रेय भारतीय परिवारों के स्ट्रक्चर को भी जाता है, जहां मां अपनी बेटी को पढ़ाई-लिखाई के साथ ही चुनौतियों का सामना करना भी सिखाती है।

बदल रहा है ट्रेंड, कॉलेज कराते हैं ग्रूमिंग वर्कशॉप
पर्सनैलिटी ग्रूमिंग ट्रेनर कीर्ति के मुताबिक, शुरुआत में महिलाएं आती हैं, तब उन्हें अपनी खूबियां और कमियां भी पता नहीं होती हैं, लेकिन कुछ वक्त बाद वे ब्यूटी कॉन्टेस्ट में बड़े ही कॉन्फिडेंट होकर पार्टिसिपेट करती हैं। इतना ही नहीं वे खिताब भी जीतती हैं। कीर्ति कहती हैं कि पर्सनल ग्रूमिंग के लिए महिलाओं के साथ ही पुरुष भी आते हैं। इसके अलावा, कॉलेज और यूनिवर्सिटी वाले प्लेसमेंट से पहले पर्सनैलिटी ग्रूमिंग के लिए अपने यहां वर्कशॉप कराते हैं। अब तक मैं कई कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जाकर वर्कशॉप कर चुकी हूं।

खुद को ऐसे निखारें -

  • कॉन्फिडेंस - खुद को कॉन्फिडेंटली प्रेजेंट करें। अपनी बात आत्मविश्वास के साथ रखें, घबराएं नहीं।
  • सेल्फ एक्सेप्टेन्स - कद, वजन और रंग पर ध्यान न देकर खुद को स्वीकार करें।
  • नॉलेज बढ़ाएं - देश से लेकर दुनिया भर के बारे में जानना शुरू करें। छोटी-छोटी चीजों की अहमियत समझें।
  • कम्युनिकेशन - अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स को निखारें ताकि आपकी बातों पर लोगों पर प्रभाव पड़े।
  • कमियों और खूबियों पर करें काम - हर इंसान को अपनी कमियां और खूबियां पता होती हैं। जरूरी है कि कमियों को दूर कर खूबियों को निखारें।