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8-9 घंटे सोने से फायदेमंद कुछ मिनट की नींद:संबंध बनाने में 3 से 15 दिन का गैप रखने से बच्चे की उम्मीद बढ़ती है

नई दिल्ली3 महीने पहले
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नमस्कार,

आप अपनी और अपने परिवार की सेहत का ध्यान बेहतर ढंग से रख सकें, इसके लिए हम ‘वीकली हेल्थ ब्रीफ’ लाए हैं। इसमें आपको मिलेंगे प्रमुख हेल्थ अपडेट्स, महत्वपूर्ण रिसर्च से जुड़े आंकड़े और डॉक्टरों की रेलेवेंट सलाह। इसे मात्र 2 मिनट में पढ़कर आपको सेहत से जुड़ी जरूरी जानकारियां मिलेंगी और आप परिवार का बेहतर ख्याल रख पाएंगी।

1. बच्चा चाहते हैं तो 3 से 15 दिन के अंतराल के बाद ही बनाएं संबंध

जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूएनस्टर और भारत के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज के एक साझे रिसर्च में यह बात सामने आई है कि बच्चा चाहने वाले पुरुषों को अपने स्पर्म क्वालिटी के हिसाब से 2 संबंधों के बीच 3 से 15 दिन का फासला रखना चाहिए। रिसर्चर्स का कहना है कि इंटरकोर्स में फासला होने का सीधा असर पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी पर पड़ता है। यही कारण है कि अधिक फासले पर संबंध बनाने से महिला के गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।

2. कम सोएं मगर अच्छी नींद लें, ज्यादा सोने से फायदा नहीं, रिसर्च में दावा

आमतौर पर माना जाता है कि ज्यादा देर तक सोने से हमारे शरीर को ज्यादा आराम मिलता है। जिससे हम अपना काम बेहतर तरीके से कर पाते हैं। लेकिन नए रिसर्च में एक अलग बात सामने आई है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया जैसे कुछ बड़े संस्थानों के रिसर्चर्स ने पाया कि 8-9 घंटे की नींद लेने के बजाय कम लेकिन सुकून से सोना ज्यादा फायदेमंद है। रिसर्चर्स का यहां तक कहना है कि खराब क्वालिटी की लंबी नींद की अपेक्षा कुछ मिनट का पावर नैप ज्यादा फायदेमंद है।

3. एक्ट्रेस ने बताया पोस्टपार्टम एंजाइटी का अनुभव, मां को आते हैं बच्चे को नुकसान पहुंचाने के खयाल

स्लमडॉग मिलियनेयर स्टार फ्रीडा पिंटो ने पोस्टपार्टम एंजाइटी को लेकर एक लंबा और भावुक इंस्टाग्राम पोस्ट लिख कर अपना अनुभव साझा किया है। पोस्टपार्टम एंजाइटी प्रेंग्नेंसी के बाद हार्मोंस असंतुल के चलते होता है। इससे जूझ रहीं महिलाओं में तनाव, चिड़चिड़ापन, थकान और नींद न आने जैसी समस्याएं देखी जाती हैं। गंभीर मामलों में इससे जूझ रही महिलाएं अपने बच्चे को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोचने लगती हैं। डिप्रेशन की स्थिति में कई माएं ऐसे करती भी हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक हर 1000 मांओं में से लगभग 300 में पोस्टपार्टम एंजाइटी के लक्षण देखे जाते हैं, हालांकि ज्यादातर एक सप्ताह में खुद ठीक हो जाती हैं।

4. सप्ताह में 300 ग्राम से ज्यादा मछली खाना खतरनाक, कैंसर का खतरा

मछली प्रोटीन, विटामिन डी और विटामिन बी 2 का अच्छा स्रोत होता है। लोग लंबे समय से अच्छी सेहत के लिए इसे खाते रहे हैं। लेकिन अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च में बताया गया है कि सप्ताह में 300 ग्राम से ज्यादा मछली खाना कैंसर की संभवना को 25% तक बढ़ा देती है। रिसर्च में ज्यादा मछली खाने वाले लोगों में स्किन कैंसर और खतरनाक मेलेनोमा जैसी बीमारियां अधिक पाई गईं। यह रिसर्च लगभग 5 लाख लोगों पर किया गया था।

5. अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत, मेडिकल बोर्ड पर 7 करोड़ का जुर्माना

ब्रिटेन के एक स्थानीय हेल्थ बोर्ड पर लापरवाही के चलते 7 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा है। 2019 में ब्रेन सर्जरी के बाद 74 साल की एक मरीज को डॉक्टरों ने मैदान में टहलने भेज दिया था। जहां गिरने की वजह से उसकी मौत हो गई। मृतक महिला के बेटे ने इसके लिए अस्पताल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था। जांच में अस्पताल के रैवेये को लापरवाह मानते हुए अब उसके मेडिकल बोर्ड पर बड़ा जुर्माना लगाया गया है। यूरोपीय देशों में गलत या लापरवाही से इलाज करने पर अस्पताल और डॉक्टरों पर जुर्माने लगते रहे हैं।

6. अब कोरोना की दूसरी डोज के 6 महीने बाद ही लगेगी बूस्टर डोज, पहले 9 महीने बाद लगनी थी

केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत दूसरी डोज और बूस्टर डोज के फासले को 9 महीने से घटाकर 6 महीने कर दिया है। यानी अब दूसरी डोज के 24 सप्ताह बाद ही लोग बूस्टर डोज लगवा सकेंगे। नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन ने दूसरी और बूस्टर डोज के बीच के अंतर को कम करने की सिफारिश के बाद सरकार ने ये फैसला लिया है। इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को चिट्ठी लिखी है।

7. आंख को रखें स्वस्थ, नहीं तो होगी भूलने की बीमारी

यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के साइकियाट्रिस्ट और डिमेंशिया प्रिवेंशन विभाग के नए रिसर्च में बताया गया है कि भूलने की बीमारी डिमेंशिया का सीधा संबंध आंखों की रोशनी से हो सकता है। इस रिसर्च में पाया गया कि आंखों की खराब रोशनी इंसान को भुलक्कड़ बनाती है। डिमेंशिया के 62% केस आंख की रोशनी के धुंधला पड़ने से जुड़े हैं। रिसर्चर्स ने पाया कि आंखों काे स्वस्थ रखकर हर साल एक लाख लाेगाें काे डिमेंशिया से बचाया जा सकता है।

8. मोनोपॉज के बाद महिलाओं को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा, रहें सावधान

महिलाओं को मोनोपॉज के बाद हार्ट संबंधित बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है। क्योंकि मोनोपॉज के बाद हार्ट को मजबूती देने वाले कुछ हार्मोंस का बनना बंद हो जाता है। जानकारी के आभाव में महिलाएं मोनोपॉज के बाद अपनी सेहत का ख़याल नहीं रख पातीं। यही कारण है कि देश में बड़ी उम्र की महिलाओं में हार्ट अटैक से होने वाली मौत तेजी से बढ़ी है। एक आंकड़े के मुताबिक शहरी महिलाओं की होने वाली कुल मौत में लगभग 17% अकेले हार्ट संबंधी बीमारियों के चलते होती है।

9. बनाना शेक पीती हैं तो सावधान, बिगड़ जाएगी स्किन, गड़बड़ होगा डाइजेशन सिस्टम

काफी समय से लोग दूध और केले के कॉम्बिनेशन को साथ लेते रहे हैं। खासतौर से जिम जाने वाले लोग। कई लोगों का यह भी दावा है कि बनाना शेक से स्किन ग्लो करती है। लेकिन ऐसा नहीं है। हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. नितिका कोहली का कहना है कि दूध और केले का कॉम्बिनेशन सही नहीं है। दो हेवी चीजों को एक साथ लेना डाइजेशन सिस्टम और स्किन दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

10. बच्चा थका-थका रहता है तो हो सकता नेफ्रोटिक सिंड्रोम, पेशाब से जाता है प्रोटीन

बच्चे का हमेशा थका-थका रहना नेफ्रोटिक सिंड्रोम का लक्षण हो सकता है। इससे पीड़ित बच्चों के पेशाब से प्रोटीन जाता है। जिसके चलते वो अंदर से कमजोर होने लगते हैं। उन्हें भूख नहीं लगती और वे थका हुआ महसूस करते हैं। यह बीमारी बड़ों को भी होती है। लेकिन बच्चे इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं। जल्दी डॉक्टरी सलाह लेकर इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है। नजरअंजाद करने पर नेफ्रोटिक सिंड्रोम गंभीर रूप ले सकता है।

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