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मेल न्यूड पेंटिंग खरीदने पर पति हो गए थे हैरान:प्राइवेट आर्ट म्यूजियम की फाउंडर किरण नादर ने खरीदी थी नायाब कलाकृति, कलात्मक चीजों से रहा है पहले से लगाव

नई दिल्ली6 महीने पहले
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साल 2010 में देश का पहला प्राइवेट आर्ट म्यूजियम किसी पुरुष ने नहीं बल्कि एक मशहूर उद्यमी शिव नादर की पत्नी किरण नादर ने स्थापित किया। आजकल वे अपनी पहली खरीदी गई पेंटिंग को लेकर चर्चा में हैं।

यह पेंटिंग मशहूर भारतीय चित्रकार रामेश्वर ब्रूटा ने बनाई है।
यह पेंटिंग मशहूर भारतीय चित्रकार रामेश्वर ब्रूटा ने बनाई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि कलात्मक चीजों को खरीदने की शुरुआत आपने कब शुरू की तो उनके दिमाग में वह वाकया फिर से तरो-ताजा हो गया जिससे उनके पति हैरान हो गए थे।

एचसीएल टेक्नोलॉजी के संस्थापक शिव नादर से शादी करने वाली किरण की इकलौती संतान रोशनी नादर हैं जो कि इस समय एचसीएल सहित पूरा बिजनेस संभालती हैं।

ब्रांड प्रोफेशनल के तौर पर शुरू किया था करिअर

किरण नादर ने अपने करिअर की शुरुआत एमसीएम में एडवर्टाइजिंग, कम्युनिकेशन्स और ब्रांड्स प्रोफेशन के तौर पर की थी। यही वह दौर था जब किरण और शिव एक दूसरे के नजदीक आए। कलात्मक चीजों को संग्रहित करने का शौक किरण को बहुत पहले से था। उन्होंने साल 1988 में घर में बेहतरीन कलेक्शन करना शुरू किया और फिर बाद में यह बड़े संग्रहालय के रूप में बदलने लगा।

फोर्ब्स मैगजीन ने बताया 'परोपकारिता की मिशाल'

साल 2010 में किरण शिव नादर को फोर्ब्स एशियन मैगजीन ने सम्मान दिया। भारत के पहले प्राइवेट आर्ट म्यूजियम को लांच करने के लिए किरण को मैगजीन ने 'हीरो ऑफ फिलांथ्रोपी' की संज्ञा दी।

इंडियन आर्ट वर्ल्ड की महारानी

एलीट आर्ट और पब्लिक आर्ट के बीच के दायरे को कम करने वाली किरण नाडर को इंडियन आर्ट वर्ल्ड की महारानी कहा जाता है। किरण के संग्रहालय में करीब 6000 आर्ट कलेक्शन मौजूद है। इसमें दक्षिणी एशियन आर्ट कलेक्शन भी शामिल है।

केएनएमए के नाम से मशहूर है आर्ट म्यूजियम

मॉडर्न और आज के दौर की कला को समर्पित किरण नादर कला संग्रहालय (केएनएमए) को किरण नादर ने 12 साल पहले स्थापित किया था। देश की राजधानी दिल्ली और औद्योगिक शहर नोएडा में इसका सेंटर मौजूद है। यहां 19वीं और 20वीं सदी के चित्रकारों की पेंटिंग और कलाकृतियों की 4500 से ज्यादा संख्या उपलब्ध है। इनमें एम.एफ. हुसैन, राजा रवि वर्मा, अनीश कपूर सहित कई भारतीय कलाकारों की रचनाएं शामिल हैं। हर साल करीब 1 लाख लोग इस म्यूजियम को देखने के लिए आते हैं।