• Hindi News
  • Women
  • Know, How Many Clothes Are There In The Wardrobe Of Girls Crying Due To Lack Of Clothes, A Top Of 2400 Liters Is

फास्ट फैशन:जानिए, कपड़ों की कमी का दुखड़ा रोती लड़कियों के वॉर्डरोब में आखिर कितने कपड़े होते हैं, एक टॉप बनाने में खपता है 2700 लीटर पानी

2 महीने पहलेलेखक: सुनाक्षी गुप्ता
  • कॉपी लिंक
  • भारतीय लड़कियां अलमारी में हमेशा रखती हैं ये ड्रेसेज

फैशनेबल और ट्रेंडी दुनिया में जहां हम रोजाना खुद को अप-टू-डेट रखने के लिए नए-नए कपड़े और फैशनेबल आइटम खरीद रहे हैं ऐसे दौर में इंग्लैंड की एक महिला ने ऐसा काम कर दिखाया जिसकी आज दुनियाभर में मिसाल दी जा रही है। कोरोना महामारी के दौरान दुनियाभर में जब लोग बीमारी से जंग लड़ रहे थे तब एक चैरिटी संस्था संचालक रेचल ने आर्थिक लड़ाई लड़ रहे गरीब परिवारों की मदद करने का बहुत ही अनोखा तरीका निकाला। रेचल ने एक साल तक कोई भी नई ड्रेस नहीं खरीदी और पूरे साल एक डेनिम ड्रेस पहनकर करीब £15000 यानी लगभग 15 लाख रुपये बचाये जिन्हें कोरोना के समय नौकरी गंवाने वाले लोगों को दान में दिया। तो क्या लड़कियां वाकई में सिर्फ एक ड्रेस पहनकर गुजारा कर सकती हैं, या फिर वे हर अवसर के लिए अलग ड्रेस पहनती हैं! आइये, जानते हैं कि आखिर एक आम भारतीय महिला की अलमारी में कितनी ड्रेस होती हैं ?

भारतीय महिला के वार्डरॉब में कौनसी ड्रेस जरूर होती है?
फैशन इंडस्ट्री में काम कर रही स्टाइलिस्ट अनामिका राय बताती हैं कि जब भी महिलाएं अलमारी खोलती हैं तो उन्हें हमेशा यही लगता है कि उनके पास कपड़े ही नहीं है, इसलिए उनकी कपड़ो की लिस्ट कभी पूरी नहीं होती। हालांकि हर महिला अपनी अलमारी में कुछ खास अवसर के लिए ये ड्रेसेज जरूर रखती है।

एथिनिक ड्रेस
घर में कोई पूजा हो या फेस्टिवल के लिए ट्रेडिशनल लुक, इन सभी खास मौकों के लिए महिलाएं साड़ी, सूट, तरह-तरह के डिजाइन की कुर्ती- प्लाजो और आजकल काफतान भी रखने लगी हैं।

ऑफिस ड्रेस
कामकाजी महिलाएं ऑफिस मीटिंग और इंटरव्यू जैसे खास मौकों के लिए प्लीटेड पैंट्स, शर्ट, स्कर्ट और ब्लेजर जरूर अपनी अलमारी में रखती हैं।

वेकेशन और पार्टी ड्रेस
हर महिला खुद को खुलकर एक्सप्रेस करना चाहती है और उसके लिए सबसे अच्छा मौका होता है पार्टी या फिर वैकेशन। इन मौकों के लिए वे हमेशा अपनी अलमारी में अपने पसंद के रंग का एक गाउन या शॉर्ट ड्रेस जरूर रखती हैं। इसके साथ ही डेनिम शॉर्ट्स व ड्रेस भी कंफर्ट ड्रेस के तौर पर शामिल होते हैं।

क्या आपको पता है, एक टॉप बनाने में खर्च होता है 2,700 लीटर पानी
न फैशन कभी खत्म होता है और न ही कपड़ों को लेकर हमारी चाहत लेकिन एक चीज है जो पृथ्वी पर बहुत तेजी से खत्म हो रही है और जिससे हम सभी का जीवन सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, वो है पाने का पानी। वर्ल्ड वाइल्डलाइफ संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक एक कॉटन टी-शर्ट बनाने में करीब 2,700 लीटर साफ पानी का इस्तेमाल होता है। कॉटन उगाने से लेकर, उसे साफ करने और कपड़े को डाई करने में सबसे ज्यादा साफ पानी यूज होता है। जबकि करीब 593 गैलन पानी एक व्यक्ति को दो साल तक जीवित रख सकता है। एक जींस बनाने में करीब 998 गैलन पानी इस्तेमाल होता है, जिसमें एक परिवार तीन दिन में खर्च करता है। एक पेयर लैदर शूज बनाने में करीब 3,626 गैलन पानी इस्तेमाल होता है। जबकि कपड़ों को डीकंपोज (गलने) में 2 से 200 साल तक का वक्त लगता है।

ग्रीन फैशन पर दिया जा रहा जोर
नेशनल जियोग्राफिक की स्टडी के अनुसार दुनिया में 70% पानी है इसमें से केवल 2.5% पानी ही पीने लायक है, शेष समुद्र का खारा पानी है। इसमें भी केवल 1% पानी ऐसा है जो हमें आसानी से मिल सकता है, क्योंकि 1.5% पीने का पानी ग्लेशियर और बर्फ की चट्टानों के रूप में मौजूद है। वहीं दुनियाभर में फैशन इंडस्ट्री सबसे ज्यादा पानी इस्तेमाल करने वाली इंडस्ट्री है। यही कारण है कि आज दुनियाभर में सस्टेनेबल फैशन पर चर्चाएं हो रही है। कई फैशन कंपनियां अब रीसाइक्लिंग पर काम कर रही हैं, और कम पानी खर्च कर कपड़े तैयार करने पर जोर दे रही हैं।

इस तरह आप बचा सकते हैं अपने कपड़े
अगर आप भी पर्यावरण को बचाना चाहती हैं तो एक कपड़े को ज्यादा से ज्यादा बार पहनकर एक अच्छा कदम उठा सकती हैं। इसके लिए आपको कुछ आसान के कदम उठाने होंगे।
- कपड़ों को कम धोएं
- कपड़ों के साथ आने वाले केयर इंस्ट्रक्शंस को ध्यान से पढ़ें और फॉलो करें
- कपड़ों को धोने से पहले उसके दाग अलग से हटाएं
- मशीन में कपड़े धोते समय सावधानी बरतें
- धूप में ज्यादा देर तक कपड़े न सुखाएं, इससे उनका रंग हल्का होता है
- एक हैंगर पर ज्यादा कपड़े न टांगें
- कपड़ों को इस्त्री करते समय विशेष ध्यान दें

खबरें और भी हैं...