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आर्यन के वकील मुकुल:राेहतगी की कामयाबी के पीछे पत्नी वसुधा, पति के लिए छोड़ी वकालत, देश के सबसे बड़े केस के वकील की हैं बेटी

नई दिल्ली3 महीने पहले
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आर्यन खान की पैरवी कर रहे हैं रोहतगी। - Dainik Bhaskar
आर्यन खान की पैरवी कर रहे हैं रोहतगी।

मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में 18 दिन से जेल में बंद अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की जमानत पर आज फैसला आ सकता है। दोपहर बाद इस केस में सुनवाई होनी है। इस मामले में देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी भी जुड़ गए हैं और आर्यन की ओर से पैरवी कर रहे हैं। रोहतगी ने आरोपियों के लिए कहा है कि ये युवा हैं और इन्हें सुधार गृह में भेजा जा सकता है। इन पर मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए। रोहतगी सुप्रीम कोर्ट के इतने कामयाब वकील हैं कि वे एक सुनवाई के लिए अपने क्लाइंट से 10 लाख रुपए से ज्यादा तक फीस लेते हैं। रोहतगी की इस कामयाबी के पीछे उनकी पत्नी वसुधा का हाथ है। आइए, जानते हैं कि कौन हैं राेहतगी की पत्नी वसुधा, जो अपने नामी गिरामी चर्चित वकील पति के लिए मजबूत ढाल बनी रही हैं।

घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए छोड़ी वकालत
वसुधा रोहतगी वैसे तो खुद एक सीनियर का‌उंसिल रही हैं। मगर, उन्होंने कभी वकालत के पेशे को नहीं अपनाया। उन्होंने पति मुकुल रोहतगी की व्यस्तताओं और पारिवारिक जिम्मेदारियों की खातिर अपने पसंदीदा पेशे वकालत को भी छोड़ दिया। दोनों का एक बेटा भी है। आज मुकुल राेहतगी बाहरी कामकाज देखते हैं तो वसुधा घर संभालती हैं।

वसुधा (हरी साड़ी में) की मुकुल रोहतगी और उनके जूनियरों के साथ की यह फोटो बीते साल फरवरी की है, जब उनके बार से जुड़ने के 40 साल पूरे हुए थे।
वसुधा (हरी साड़ी में) की मुकुल रोहतगी और उनके जूनियरों के साथ की यह फोटो बीते साल फरवरी की है, जब उनके बार से जुड़ने के 40 साल पूरे हुए थे।

वसुधा के पिता रहे हैं नामी वकील, केशवानंद भारती केस में कर चुके हैं पैरवी
वसुधा ऐसे परिवार से आई हैं, जिन्होंने वकालत में खास मुकाम बनाया है। उनके पिता जीएल सांघी बेहद नामी गिरामी वकील रहे हैं। उन्होंने देश के सबसे चर्चित केशवानंद भारती केस में कोर्ट की मदद करने में अहम भूमिका निभाई थी। जीएल सांघी वैसे तो मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में जन्मे थे, मगर बाद में वह नागपुर शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कई चर्चित मुकदमों में तारीफ बटोरी थी। केशवानंद भारती केस में सुप्रीम कोर्ट की आज तक की सबसे बड़ी बेंच बनी थी। इस बेंच ने कहा था कि संविधान के मूल ढांचे से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।

अरुण जेटली के दोस्त रहे हैं रोहतगी, 100 करोड़ नेटवर्थ
बताया जाता है कि मुकुल रोहतगी भाजपा के पूर्व नेता और मोदी सरकार में कानून मंत्री अरुण जेटली के दोस्त रहे हैं। रोहतगी ने कई बार जेटली के साथ अपनी दोस्ती और वकीलों के तौर पर साथ में लोधी गार्डन के चक्कर काटने की घटनाओं का भी जिक्र किया है। 100 करोड़ की नेटवर्थ वाले रोहतगी ने कहा था कि वे काफी बार जेटली के साथ तीखी बहस में शामिल रहे। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ कई बार कड़े शब्दों का भी इस्तेमाल कर देते थे, लेकिन अंत में दोनों दोस्त की तरह ही साथ बैठते थे। इन मौकों का गवाह उनकी पत्नी वसुधा भी रही हैं।

रोहतगी पार्क में सुबह के वक्त केंद्र सरकार में वित्त मंत्री रहे दिवंगत अरुण जेटली के साथ। फाइल फोटो
रोहतगी पार्क में सुबह के वक्त केंद्र सरकार में वित्त मंत्री रहे दिवंगत अरुण जेटली के साथ। फाइल फोटो

2014 से 2017 तक भारत के 14वें अटॉर्नी जनरल रहे मुकुल रोहतगी

मुकुल रोहतगी 2014 से 2017 तक भारत के 14वें अटॉर्नी जनरल रह चुके हैं।66 वर्षीय रोहतगी एडिशन सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) भी रह चुके हैं। 2017 में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया था और कहा था कि वह फिर से प्राइवेट प्रैक्टिस करना चाहते हैं। रोहतगी ने 2002 के गुजरात दंगे में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में पैरवी की थी। सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग के केस में भी वकील के तौर पर बहस में शामिल रहने वाले रोहतगी ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से सीबीआई स्पेशल जज लोया की मौत के मामले की जांच में स्पेशल प्रॉसिक्यूटर बनाए गए थे।