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मोती को सिरके में घोलकर किसे-क्यों पिलाती थी क्लियोपेट्रा:विनेगर की बोतल में छिपे हैं ढेरों राज, लाशों की चीर-फाड़ के समय भी होता था इस्तेमाल

नई दिल्ली8 महीने पहलेलेखक: निशा सिन्हा
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  • चिकन और फिश के स्वाद को बढ़ाने के लिए शैम्पेन विनेगर सबसे बेस्ट माना गया है।

सिरका का इस्तेमाल केवल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं होता, बहुत सारे लोग वजन कम करने के लिए भी विनेगर यूज कर रहे हैं लेकिन क्या? छरहरा दिखने की यह चाहत सही है।

बायोकेमिस्ट जेसी को सोशल मीडिया पर ग्लूकोज गॉडेस के नाम से भी जानते हैं। मार्च महीने में ग्लूकोज को लेकर उनके काम को यूके की एक प्रतिष्ठित अखबार के कवर पर फीचर किया गया। जेसी का मानना है कि समझदारी से खाना खाकर ग्लूकोज को कंट्रोल में रखा जा सकता है।
बायोकेमिस्ट जेसी को सोशल मीडिया पर ग्लूकोज गॉडेस के नाम से भी जानते हैं। मार्च महीने में ग्लूकोज को लेकर उनके काम को यूके की एक प्रतिष्ठित अखबार के कवर पर फीचर किया गया। जेसी का मानना है कि समझदारी से खाना खाकर ग्लूकोज को कंट्रोल में रखा जा सकता है।

ग्लूकोज लेवल का उतार-चढ़ाव
यूएसए की बायोकेमिस्ट जेसी ने ‘ग्लूकोज रेवोल्यूशन’ किताब में बताया है कि विनेगर मिक्स पानी को पीने से ग्लूकोज लेवल कंट्रोल में रहता है। नियमित मात्रा में विनेगर को डायट का हिस्सा बनाने पर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है। उन्होंने पाया कि करीब 88%युवाओं का ग्लूकोज लेवल असमान्य होता है जो कई तरह की बीमारियों की वजह बन सकता है।

तो क्या वाकई विनेगर पीने से पतले हो जाते हैं?
साल 2009 में 175 जापानी लोगों पर विनेगर में छिपे पतले होने के गुणाें का ट्रायल किया गया। इन सभी लोगों को रोज एक से दो चम्मच विनेगर पीने को दिया गया। तीन महीने के बाद क्या हुआ ? विनेगर पीने वालों के वजन में नहीं पीने वालों की तुलना में वजन में 2 से 4 पौंड (900 ग्राम से 1.8 किग्रा.) की कमी आई। इसके अलावा भी विनेगर के ढेरों फायदे हैं।

गाजियाबाद स्थित मणिपाल हॉस्पिटल की डायटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. अदिति शर्मा के अनुसार, “शरीर के अंदर नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया भी होते हैं। विनेगर का इस्तेमाल करने से यह नष्ट हो जाते हैं। रिसर्च के मुताबिक इसका उपयोग करने से ग्लासेमिक (शुगर) कंट्रोल होता है। डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए भी अच्छा होने की वजह से पाचन संबंधी दिक्कतें नहीं होती और बीमारियों से बचा जा सकता है। इम्यूनिटी को बेहतर बनाता है।

सोर्स : नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन
सोर्स : नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन

स्टडी तो सही ठहराती है
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में सिरका को लेकर हुए एक अन्य अध्ययन में शामिल लोगों को दो समूहों में बांटा गया। पहले समूह के लोगों को नियत कैलोरी की डायट के साथ सिरका दिया गया। दूसरे समूह के लोगों को केवल नियत कैलोरी की डायट दी गई। ऐसा नियमित रूप से 12 सप्ताह तक ऐसा किया गया। दोनों समूह के लोगाें का वजन कम हुआ लेकिन तुलनात्मक रूप से विनेगर के साथ डायट लेने वालों का वजन कम पाया गया।

ऐसा कहा जाता है कि करीब 41 ई.पू.मिस्र की रानी क्लियोपेट्रा ने अपनी सत्ता बचाने के लिए रोमन जनरल मार्क एंथनी की मदद ली। वहीं एंथनी, इस रानी का इस्तेमाल मिस्र के अमीरों और संसाधनों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए करना चाहता था। राजनीतिक हितों के कारण हुई इनकी मुलाकात दोनों को बेहद करीब ले आई।
ऐसा कहा जाता है कि करीब 41 ई.पू.मिस्र की रानी क्लियोपेट्रा ने अपनी सत्ता बचाने के लिए रोमन जनरल मार्क एंथनी की मदद ली। वहीं एंथनी, इस रानी का इस्तेमाल मिस्र के अमीरों और संसाधनों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए करना चाहता था। राजनीतिक हितों के कारण हुई इनकी मुलाकात दोनों को बेहद करीब ले आई।

क्लियोपेट्रा से जुड़ी विनेगर कथा
हिप्पोक्रेटस ने करीब 420 ई.पू. घावों को साफ करने के लिए विनेगर का इस्तेमाल किया। करीब 200 ई.पू. मशहूर सैनिकों के लीडर हन्नीबल ने अपनी सेना के रास्ते में आने वाले बड़े-बड़े चट्‌टानों को पिघलाने के लिए इसका प्रयोग किया।
10वीं सदी में फॉरेंसिंक मेडिसिन के निर्माता सुंग त्से ने मृत शरीर की ऑटोप्सी के दौरान संक्रमण से बचने के लिए विनेगर और सल्फर से हाथ धोने की वकालत की। लगभग 50 ई.पू. क्लियोपेट्रा ने महंगे मोतियों को विनेगर में घोलकर प्रेम औषधि तैयार की और मार्क एंथनी को पीने को दिया।

आमतौर पर दुनियाभर में एप्पल साइडर विनेगर सेहत से भरपूर गुणों के लिए जाना जाता है। फल से तैयार होने के कारण इससे कुकिंग में अच्छा फ्लेवर आता है। सिरके का इस्तेमाल केचअप, सलाद, सॉस्, अचार, नॉनवेज रेसेपीज में किया जाता है।
आमतौर पर दुनियाभर में एप्पल साइडर विनेगर सेहत से भरपूर गुणों के लिए जाना जाता है। फल से तैयार होने के कारण इससे कुकिंग में अच्छा फ्लेवर आता है। सिरके का इस्तेमाल केचअप, सलाद, सॉस्, अचार, नॉनवेज रेसेपीज में किया जाता है।

इतिहास का विनेगर कनेक्शन
बेबीलोनिया में करीब 5000 ई.पू. वाइन की खोज की गई, इसे अंगूर के रस से तैयार किया गया। इसी के बाद विनेगर बनाने की शुरुआत हुई। विनेगर शब्द फ्रेंच शब्द से बना है जिसका मतलब होता है खट्‌टी वाइन।

कार्बोहाइड्रेट के स्रोत जैसे ज्वार, खजूर, सेब, नाशपाती, अंगूर, बेरीज, बीट, आलू, नारियल, शहद या अनाज जैसी चीजों का फर्मेंटेशन कर अल्कोहल बनाया जाता है। इथेनॉल (अल्कोहल) से बना होने के कारण इसका स्वाद तेज होता है। एसिटोबैक्टर नामक बैक्टीरिया की मदद से यह अल्कोहल, विनेगर में बदल जाता है। विनेगर कई तरह के होते हैं जैसे वाइट विनेगर, राइस विनेगर, माल्ट विनेगर , रेड वाइन विनेगर ।

दूसरे विनेगर की तुलना में बाल्सेमिक विनेगर को अंगूर से डायरेक्ट तैयार होता है। इसे ओक के बैरल में फरमेंट किया जाता है। यह आमतौर पर इटली में बनता है। इसे एक शानो-शौकत वाला उत्पाद माना जाता है। यह मीठा और गाढ़ा होता है। इसे ऑलिव ऑयल के साथ सलाद ड्रेसिंग में यूज करते हैं।
दूसरे विनेगर की तुलना में बाल्सेमिक विनेगर को अंगूर से डायरेक्ट तैयार होता है। इसे ओक के बैरल में फरमेंट किया जाता है। यह आमतौर पर इटली में बनता है। इसे एक शानो-शौकत वाला उत्पाद माना जाता है। यह मीठा और गाढ़ा होता है। इसे ऑलिव ऑयल के साथ सलाद ड्रेसिंग में यूज करते हैं।

जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल खतरनाक
डॉ. अदिति इस बात पर जोर देती है कि किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने का बुरा असर होता है। सिरके के उपयोग के साथ भी यह बात सही है। विनेगर एसिडिक होता है, ऐसे में डायट में ज्यादा लेने पर आंतों में मौजूद माइक्रोफ्लोरा को नुकसान पहुंचता है। माइक्रोफ्लोरा का काम इम्यूनिटी को मजबूती देना होता है। जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से पेप्टिक अल्सर भी हो सकता है। एक गिलास पानी में 5 से 10 मिली. विनेगर का इस्तेमाल ही सही है। ”