ऑनलाइन इश्क में लड़की को 9 लाख की चपत:शादीशुदा बॉयफ्रेंड ने मांगे पैसे, लड़की का फोन नंबर अडल्ट साइट पर शेयर किया

नई दिल्ली4 महीने पहलेलेखक: मरजिया जाफर
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रिलेशनशिप में जानबूझकर गलतफहमी पैदा करने को कैटफिशिंग कहते हैं। ऐसे लोग रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। ऐसे रिश्ते की बुनियाद झूठ पर टिकी होती है। मनो संवाद की साइकोलॉजिस्ट योगिता कादियान की मानें तो किटनफिशिंग में लाइफ या अपीयरेंस को लेकर ऐसे बदलाव किए जाते हैं ताकि डेटिंग एप पर आप खुद को बेहतर प्रेजेंट कर सकें। इसकी बुनियाद झूठ पर टिकी होती है।

ऑनलाइन इश्क के चक्कर में 9 लाख की चपत

योगिता कादियान ने एक केस का जिक्र करते हुए बताया कि मोनिका (बदला हुआ नाम) को डेटिंग एप के जरिए प्यार हुआ। वह लड़के से चैट करने लगी। लड़के ने कहा कि मैं विदेश में सेटल हूं। दो महीने प्यार-मोहब्बत की बातें करते निकल गए। फिर लड़के ने मोनिका से कहा कि उस देश में पीआर (परमानेंट रेसिडेंसी) के लिए उसे कुछ पैसे चाहिए। मोनिका ने धीरे-धीरे करके उस लड़के को करीब 9 लाख रुपए दे दिए। पैसे मिलने के बाद लड़के ने मोनिका के कॉल अटेंड करना बंद कर दिया। बाद में पता चला कि लड़का शादीशुदा था। दोनों की खूब लड़ाई हुई। बात इतनी बढ़ गई कि लड़के ने बदला लेने के लिए मोनिका का फोन नंबर अडल्ट साइट पर डाल दिया, जिसके बाद मोनिका के पास गंदे-गंदे कॉल आने लगे।

कैटफिशिंग और किटनफिशिंग में अंतर

'कैटफिशिंग' में वर्चुअली किसी को भी पसंद कर सकते हैं, इसमें आप बिल्कुल अलग पर्सनालिटी के बन जाते हैं, जिसका कोई वजूद नहीं होता। जबकि किटनफिशिंग में लाइफ या अपीयरेंस को बढ़ा-चढ़कर पेश किया जाता है ताकि डेटिंग एप पर आप खुद को बेहतर तरीके से प्रेजेंट कर सकें।

हाइट या उम्र को छुपाना, फुल फोटो न दिखाना, फिल्टर का इस्तेमाल करके प्रोफाइल फोटो लगाना या पुरानी फोटो अपलोड करना, गंजापन छिपाना जैसी बातें 'किटनफिशिंग' में आम हैं। हाई जॉब प्रोफाइल बताना, हाई-फाई लाइफस्टाइल का शो ऑफ करना भी 'किटनफिशिंग' का हिस्सा है।

डेटिंग एप पर लोग इस डर से किटनफिशिंग करते हैं ताकि उनकी लाइफस्टाइल को कोई भांप न पाए।
डेटिंग एप पर लोग इस डर से किटनफिशिंग करते हैं ताकि उनकी लाइफस्टाइल को कोई भांप न पाए।

क्राइम से कम नहीं है यह काम

'किटनफिशिंग' एक तरह का क्राइम है, लेकिन इसे लोग सीरियसली नहीं लेते। जब वह उस व्यक्ति के साथ डेट पर जाएगा, जो उसके साथ शुरू से ही 'किटनफिशिंग' कर रहा है, तो अगले व्यक्ति को भी यह महसूस होने लगता है कि उसके साथ धोखा हुआ है। कुछ लोग 'किटनफिशिंग' को सही मानते हैं, लेकिन सही मायने में यह दूसरे को धोखा देना है। जब रिश्ते की शुरुआत ही झूठ या दिखावे से शुरू होगी, तो सच्चाई सामने आने पर रिश्ते को आगे बढ़ाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि ऐसे रिश्ते बहुत देर तक नहीं टिक पाते।

यह जानना बहुत मुश्किल है कि कोई ऑनलाइन अपनी हाइट, अपीयरेंस, जॉब और लाइफस्टाइल के बारे में सच बता रहा है या झूठ, जब तक कि आप उस व्यक्ति से पर्सनली न मिलें।

ऑनलाइन डेटिंग एप पर खुद को 'किटनफिशिंग' से बचाने के लिए इन बातों पर ध्यान दें:

'किटनफिशिंग' के बारे में पता करें

'किटनफिशिंग' के बारे में पता करने के लिए जिसे आप ऑनलाइन डेट कर रही हैं, उससे बात करते समय ध्यान दें कि पॉजिटिव वाइब्स आती हैं या नेगेटिव। आमतौर पर 'किटनफिशर्स' अपने बारे में ज्यादा कुछ बताने से हिचकिचाते हैं, आप उनकी ऐसी हरकतों को भांप सकती हैं।

ऑनलाइन डेटिंग प्रोफाइल को फ्रेंड से शेयर करें

किसी से पहली बार मिलने पर लोग इम्प्रेशन बनाने की कोशिश करते हैं, खासकर जब डेटिंग की बात हो। अपने बारे में बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं। ऐसे में सच्चाई जानने या क्रॉस चेक करने के लिए ऑनलाइन डेटिंग प्रोफाइल को एक बार किसी फ्रेंड से जरूर शेयर करें। साथ ही अपने बारे में लिखी बातों को ईमानदारी से प्रेजेंट करें।

लड़कियां डेटिंग के दौरान लड़कों से जल्दी इंप्रेस हो जाती हैं।
लड़कियां डेटिंग के दौरान लड़कों से जल्दी इंप्रेस हो जाती हैं।

फिल्टर वाली फोटो का इस्तेमाल गलत है

'किटनफिशिंग' से बचने के लिए अपनी फोटो भी चेक करें यानी पुरानी फोटो अपलोड न करें। फिल्टर वाली फोटो का इस्तेमाल भी गलत है।

लड़कियां जल्दी इंप्रेस होती हैं

योगिता कादियान कहती हैं कि अक्सर देखा गया है, लड़कियां डेटिंग के दौरान लड़कों से जल्दी इंप्रेस हो जाती हैं। उनके बारे में हद से ज्यादा सोचने लगती हैं। इस स्वभाव के कारण लड़कियों को डेटिंग में ज्यादा स्ट्रगल करना पड़ता है। किसी व्यक्ति को बहुत जल्दी पसंद करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन जल्दबाजी में फैसला लेना ठीक नहीं। उस समय आंखों पर ऐसा पर्दा पड़ा होता है कि लोग असलियत जानकर भी उसे नजरअंदाज करते हैं।

दिमाग पर जुनून सवार रहता है

लड़कियों को लड़कों से बात करने की जल्दी होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि लड़की के दिलों दिमाग पर वह लड़का सवार रहता है। उसके अलावा उसे कुछ और नहीं सूझता। जब कोई व्यक्ति दिमाग पर हावी हो जाता है तो सब कुछ सपने जैसा लगता है। लड़की हमेशा उस लड़के के ख्यालों में रहती है। ऐसे मामलों में ​​​जब तक लड़कियां दिमाग खोल कर नहीं सोचेंगी, तब तक वे 'किटनफिशिंग' का शिकार होती रहेंगी। डेटिंग एप पर लड़कियों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।

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