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  • Meet Simar Sharma, A Student From Kolkata, Who Is Distributing Selfmade Sanitizers To The Needy, Has Donated 150 Bottles So Far

नेकी:घर पर खुद सैनिटाइजर बना कर जरूरतमंदों को बांट रहीं सिमर शर्मा, अब तक 150 बोतलों कर चुकीं हैं दान

2 वर्ष पहले
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पूरे देश को अपनी चपेट में ले चुके कोरोना वायरस के कारण मौजूदा समय में सैनिटाइजर और फेस मास्क की मांग बढ़ रही है। ऐसे में इन उत्पादों की कमी लोगों को इस जरूरी सामान का निर्माण करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके चलते कई लोग अपने- अपने स्तर पर जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। इसी बीच कोलकाता की सिमर शर्मा मौजूदा हालात में सैनिटाइजर की कमी को देखते हुए जरूरतमंद लोगों को खुद सैनिटाइजर बना कर बांट रही हैं। मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन के तीसरे वर्ष में बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही सिमर बेहद अभावग्रस्त पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई हैं।

जरूरतमंदों तक पहुंचाई 150 बोतलें

दरअसल, सैनिटाइजर महंगा होने की वजह से कई लोग इसे खरीद नहीं पा रहे हैं। इसलिए इन लोगों की मदद के लिए सिमर ने आइसोप्रोपिल एल्कोहल, ग्लिसरॉल और आवश्यक तेलों और पानी की मदद से तैयार किए 150 सैनिटाइजर जरूरतमंदों तक पहुंचाएं हैं। सैनिटाइजर बनाते समय वह इस बात का ध्यान में रख रही हैं कि वह विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से उल्लिखित सुरक्षा मानकों का भी पालन करें। 80 फीसदी एल्कोहल बेस्ट यह सैनिटाइजर उचित देखभाल के साथ तैयार किए गए हैं।

पुलिस भी कर रहीं सहयोग

घर पर ही तैयार किए इन सैनिटाइजर्स को सिमर कोलकाता में अपने घर पर काम करने वाले दैनिक वेतन भोगी, सब्जी विक्रेताओं, मछली विक्रेताओं, होम क्वारैंटाइन के साथ ही झुग्गी झोपड़ी में रह रहे लोगों को भी बांट रही हैं। सिमर बताती है कि वहा इन्हें स्लम और जरूरी जगहों पर बांटने के लिए पुलिस का भी सहयोग ले रही हैं। उन्होंने अगले बैच के उत्पादन के लिए केमिकल और बॉटल का ऑर्डर दे दिया है। उनकी इस पहल के बारे में पता लगने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से लोग उन्हें इस कार्य के लिए दान दे रहे हैं, जिसके बाद अब सिमर हैंड सैनिटाइजर का 600 लीटर अधिक उत्पादन करने जा रहे हैं।

डिजिटल पेमेंट के जरिए लोग कर रहे मदद

स्थानीय पुलिस की मदद से सिमर यह सुनिश्चित करती है कि इन बोतलों को ऐसी जगह वितरित किया जाए, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनके दोस्त जो इस काम में विश्वास रखते हैं, उन्होंने डिजिटल पेमेंट के जरिए इस काम में अपनी पॉकेट मनी का योगदान दिया है। वह समाज से बड़े पैमाने पर धन इकट्ठा कर रही हैं और अब इकट्ठा किए इस धन का उपयोग करने में वह पारदर्शिता रखते हुए अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं। फिलहाल सिमर रोजाना ऑनलाइन क्लासेस भी अटेंड कर रही है, लेकिन अपने खाली समय में इंजीनियरिंग के कॉन्सेप्ट्स को इस तरह से प्रैक्टिस कर रही है, जिससे वह समाज की मदद कर सकें।