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हेल्थ ब्रीफ:डरावने फोड़े वाले मंकीपॉक्स का क़हर, गर्मी में कम पानी पीने से किडनी में जमा हुए 206 पत्थर, पढ़ें हफ़्ते भर के हेल्थ अपडेट्स

नई दिल्ली3 महीने पहले
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नमस्कार,
आप अपनी और अपने परिवार की सेहत का ध्यान बेहतर ढंग से रख सकें, इसके लिए हम ‘वीकली हेल्थ ब्रीफ’ लाए हैं। इसमें आपको मिलेंगे प्रमुख हेल्थ अपडेट्स, महत्वपूर्ण रिसर्च से जुड़े आंकड़े और डॉक्टरों की रेलेवेंट सलाह। इसे मात्र 2 मिनट में पढ़कर आपको सेहत से जुड़ी जरूरी जानकारियां मिलेंगी और आप परिवार का बेहतर ख्याल रख पाएंगी।

1. दुनिया भर में फैल रहा मंकीपॉक्स, निकल आते हैं डरावने फोड़े, बच्चों को ज्यादा खतरा

कोरोना की चौथी लहर के शोर के बीच नई महामारी ने दुनिया में दस्तक दी है। मंकीपॉक्स नाम का यह संक्रामक रोग अफ्रीका से निकल कर पूरी दुनिया में फैल रहा है। अमेरिका और ब्रिटेन में इसके सैकड़ों मरीज मिले हैं। इस बीमारी में मरीज के पूरे शरीर पर बड़े और दर्दनाक फोड़े निकल आते हैं। यह बीमारी चिकनपॉक्स की फैमिली की है। यह बीमारी बंदरों से इंसानों में फैली है। फिलहाल चिकनपॉक्स के तरीके से ही इसका इलाज किया जा रहा है।

मंकीपॉक्स 1970 के दशक में बंदरों से इंसानों में फैला। इसमें मृत्युदर 0 से 11% तक होती है। बच्चों के लिए यह बीमारी ज्यादा गंभीर साबित होती है।
मंकीपॉक्स 1970 के दशक में बंदरों से इंसानों में फैला। इसमें मृत्युदर 0 से 11% तक होती है। बच्चों के लिए यह बीमारी ज्यादा गंभीर साबित होती है।

2. ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले हो जाते हैं जल्दी बूढ़े, 1 या 2 बच्चों वाले रहते हैं जवान

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च में दावा किया गया है कि कम बच्चों वाले माता-पिता के मुकाबले ज्यादा बच्चों वाले पेरेंट्स तेजी से बूढ़े हो रहे हैं। रिसर्च में बताया गया है कि 3 या उससे ज्यादा बच्चों वाले परिजन अपनी असल उम्र से करीब 6 साल ज्यादा बूढ़े हो जाते हैं। रिसर्च में तेजी से बूढ़ा होने की वजह बच्चों को पालने की चिंता और घर खर्च का बढ़ना है।

3. कॉस्मैटिक सर्जरी से सावधान, चली गई कन्नड़ एक्ट्रेस की जान

अगर आप भी कॉस्मैटिक सर्जरी कराने की सोच रही हैं तो सावधान हो जाइए। वजन कम करने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराने के चक्कर में कन्नड़ एक्ट्रेस चेतना राज की जान चली गई। सर्जरी के दौरान फेफड़े में पानी भरने और दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चेतना अपनी कमर के फैट को कम करने के लिए सर्जरी कराने गई थीं। लेकिन सर्जरी के 2 घंटे बाद ही उनकी मौत हो गई। देश में इससे पहले भी कॉस्मैटिक सर्जरी के कारण चेहरा बिगड़ने और मौत होने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके लिए जानकार जरूरत पड़ने पर अच्छे अस्पताल में एक्सपर्ट डॉक्टरों की निगरानी में ही कॉस्मैटिक सर्जरी की सलाह देते हैं।

पिछले कुछ सालों में सुंदर दिखने के लिए कॉस्मैटिक सर्जरी का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे ही एक मामले में एक एक्ट्रेस को सर्जरी के बाद अपनी टांग कटवानी पड़ी थी।
पिछले कुछ सालों में सुंदर दिखने के लिए कॉस्मैटिक सर्जरी का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे ही एक मामले में एक एक्ट्रेस को सर्जरी के बाद अपनी टांग कटवानी पड़ी थी।

4. विदेशी पुरुषों में टेस्टिकल की टैंनिंग का चलन, डॉक्टर बोले बकवास है

अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों के पुरुषों में इन दिनों टेस्टिकल टैंनिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। इसके लिए बाकायदा सेंटर्स तक खुल गए हैं। जहां पुरुष अपने टेस्टिकल्स की टैनिंग कराते हैं। उनका मानना है कि टेस्टिकल पर पड़ने वाली वाली लाल लाइट की सिंकाई से उनका टेस्टोस्टोरॉन लेवल बढ़ता है। हालांकि डॉक्टर्स इस दावे को फर्जी बता रहे हैं।

5. तेलंगाना में शख्स की किडनी से निकले 206 पत्थर, गर्मियों में कम पानी से ऐसा खतरा

तेलंगाना में डॉक्टरों ने 56 साल के एक शख्स के पेट से 206 किडनी स्टोन निकाले हैं। किसी पेशेंट के पेट में इतनी बड़ी संख्या में स्टोन मिलने की यह अनोखी घटना है। एक घंटे के ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सारे स्टोन को निकाल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी से किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। वे इससे बचने के लिए खूब सारा पानी और दूसरे तरल पदार्थ पीने की सलाह देते हैं।

किडनी खून को साफ कर हमारे शरीर से गंदगी को बाहर करती है। गर्मी में डिहाइड्रेशन के चलते इस पर दबाव पड़ता है। जिससे इसमें स्टोन जमने लगता है।
किडनी खून को साफ कर हमारे शरीर से गंदगी को बाहर करती है। गर्मी में डिहाइड्रेशन के चलते इस पर दबाव पड़ता है। जिससे इसमें स्टोन जमने लगता है।

6. कम नमक, ज्यादा नींद और पसीना बहाना… इस रूटीन से हाइपर टेंशन को दे सकते हैं मात

हाइपर टेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी कम उम्र में लोगों को शिकार बना रही है। भारत में करोड़ों लोग इससे जूझ रहे हैं। अनियमित जीवन शैली, मोटापा और फास्ट फूड जैसी आदतें काफी हद तक इसके लिए जिम्मेदार हैं। हाइपर टेंशन से बचने के लिए डॉक्टर्स दिन में 6 ग्राम से कम नमक खाने, एक्सरसाइज करने, अच्छी नींद लेने और एक्टिव रहने की सलाह देते हैं। इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपर टेंशन डे मनाया जाता है।

7. उल्टी-दस्त है कोरोना के नए लक्षण, फूड पॉइजनिंग में भी ऐसा ही होता है

देश पर कोरोना की चौथी लहर का खतरा मंडरा रहा है। केस एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। इस बार कोरोना के मरीजों में उल्टी, दस्त, जी मिचलाना, पेट दर्द जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। गर्मियों में फूड पॉइजनिंग होने पर भी आम तौर पर यही लक्षण देखे जाते हैं। ऐसे में कोविड टेस्ट कराकर आप पता कर सकते हैं कि आपको फूड पॉइजनिंग है या कोविड।

8. प्रदूषण फैलाने वाले 12 हजार कैमिकल्स को बैन करेगा EU, कैंसर फैलाते हैं

केमिकल प्रदूषण पर यूरोपीय यूनियन सख्त रूप अपनाने जा रहा है। EU ऐसे 12 हजार केमिकल पर बैन लगाने की तैयार कर रहा है। केमिकल पॉल्यूशन के खिलाफ यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान है। WHO के आंकड़ों के मुताबिक इन खतरनाक कैमिकल्स के प्रभाव से दुनिया भर में हर साल 20 लाख लोगों की मौत हो जाती है। ये केमिकल्स कैंसर, अपंगता और इनफर्टिलिटी जैसी समस्याओं को जन्म देते हैें।

9. अस्थमा की दवा कोरोना से लड़ने में मददगार, IISc की स्टडी में खुलासा

भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि अस्थमा की दवा कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ लड़ने में कारगर है। इस दवा का नाम ‘मोंटेकुलास्ट’ है। अमेरिकी खाद्य एजेंसी (FDA) की ओर से इस दवा को अप्रूव किया गया है। ये दवा पिछले 20 साल से इस्तेमाल की जा रही है। अस्थमा के अलावा सांस संबंधी अन्य बीमारियों में भी ये दवा फायदेमंद है।

10. खड़े होकर पानी पीती हैं तो किडनी होगी खराब, हार्ट पर भी बढ़ेगा लोड

जब प्यास लगती है अधिकतर लोग पानी खड़े होकर पीते हैं। जैसे भोजन बैठकर करते हैं, वैसे ही पानी भी बैठकर पीना चाहिए। इससे पानी शरीर के सभी अंगों में पहुंचता है। इससे भोजन के पचने में मदद मिलती है। बॉडी से जहरीले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। खड़े होकर पानी पीने से किडनी और ब्लैडर से जिन वेस्ट को फिल्टर कर बाहर निकलना चाहिए, नहीं निकल पाता। ऐसे में किडनी स्टोन और हार्ट पर असर होने का खतरा रहता है।

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