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छठ महापर्व की तैयारी पर 4 राज्यों से रिपोर्ट:दिल्ली में 1200 से ज्यादा घाट तैयार, UP में 50 लाख व्रती; पर्व के लिए अमेरिका से लौटी महिला

नई दिल्लीएक महीने पहले
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बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में छठ महापर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पूजा समितियों के साथ-साथ प्रशासन भी घाट की साफ-सफाई और दूसरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगा हुआ है। पढ़िए, इन 4 राज्यों की तैयारियों पर वुमन भास्कर की रिपोर्ट....

दिल्ली: 1200 से ज्यादा छठ घाट, 25 हजार छठव्रती
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देश के मुताबिक छठ पूजा कंटेनमेंट जोन के बाहर केवल तय की गई जगहों पर होगी। इसके लिए पहले जिला मजिस्ट्रेट से इजाजत लेनी होगी। वहीं, यमुना नदी के किनारों पर पूजा की इजाजत नहीं होगी।

दिल्ली में करीब 1200 से ज्यादा छठ घाट हैं। यहां बिजली, पानी समेत सभी बुनियादी सुविधाएं दिल्ली सरकार की तरफ से की गई है। पूजा समितियों की मानें तो कई घाटों पर पांच हजार तो कहीं 25-30 हजार छठव्रती पहुंचते हैं।

व्रतियों के लिए चलाया जा रहा वैक्सीनेशन अभियान
दिल्ली में छठव्रतियों की कुल आबादी का अनुमान लगा पाना कठिन है। दिल्ली में पूर्वांचल समिति के सदस्य अनुभव शर्मा बताते हैं कि कोरोना के खतरे को देखते हुए छठ पूजा का आयोजन बहुत सीमित दायरे में ही किया जाएगा। महापर्व में शामिल होने वाले व्रती और इनसे जुड़े लोग शारीरिक दूरी और मास्क का हर हाल में पालन करेंगे। छठ व्रतियों के लिए कोरोना टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है।

छठ के लिए अमेरिका से आईं कमल
पिछले 5 सालों से अमेरिका में रह रही नेहा कमल अपनी परंपरा से न तो खुद दूर हुईं, न ही अपनों को होने दिया। सात समंदर पार होते हुए भी वह परिवार समेत हर साल छठ पर व्रत रखती हैं। यही वजह है कि बिहार की दहलीज छोड़ने के बाद भी कोरोनाकाल में ठेकुआ की खुशबू और भगवान सूर्य को अर्घ्य देने का उत्साह इन्हें वापस खींच लाया। वे कहती हैं कि मैं दुनिया के जिस भी कोने में रहूं, लेकिन छठ वाले दिन मन घर पहुंच जाता है। अपनों के बीच पर्व मनाने के लिए बेचैन रहती हूं। पिछले साल कोरोना के कारण गांव की मिट्टी से दूर रहकर पर्व मनाना पड़ा, पर इस बार घर वापसी के लिए पहले ही टिकट करवा लिया था।

डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की गाइडलाइन

  • यमुना नदी के तट पर पूजा नहीं होगी।
  • पूजा सामग्री या कोई सामान फेंकना मना है।
  • NGT के साथ-साथ यमुना निगरानी के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
  • कोरोना नियमों जैसे मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजर जैसे प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
दिल्ली में छठ पूजा पर 10 नवंबर को छुट्टी रखने का निर्णय लिया गया है।
दिल्ली में छठ पूजा पर 10 नवंबर को छुट्टी रखने का निर्णय लिया गया है।

बिहार में नदियों-तालाबों पर घाट तैयार
बिहार में करीब नदी किनारे 1400 और तालाबों पर 3000 घाटों को साफ-सफाई कर ठीक किया जा रहा है। छठ महापर्व को लेकर व्रतियों के लिए विशेष नियम होंगे। घाटों पर CCTV के साथ वॉच टावर बनाया जाएगा। इसके जरिये सेफ्टी पर नजर रखी जाएगी। वहीं, दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और सार्वजनिक स्थानों पर कोविड जांच की जाएगी।

घाटों में डाला जाएगा गंगा जल
पिछले कुछ सालों में छठ पूजा के दौरान लोगों के डूबने और भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसलिए इस साल महत्वपूर्ण घाटों-तालाबों के किनारे जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। घाटों पर मेडिकल टीमों को तैनात किया जा रहा है। विशेष साफ-सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। पटना नगर निगम क्षेत्र के सभी सर्कल के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर्स को 8 नवंबर तक पार्कों और अस्थाई तालाबों को हर हाल में छठ पर्व के लिए तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। इन तालाबों में गंगा जल डाला जाएगा। बिहार की अनुमानित आबादी 12 करोड़ है और लगभग हर घर में एक या दो लोग व्रत करते हैं।

बिहार में छठ को देखते हुए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़क, सीवरेज, फुटपाथ सहित अन्य जगहों पर सफाई की जा रही है।
बिहार में छठ को देखते हुए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़क, सीवरेज, फुटपाथ सहित अन्य जगहों पर सफाई की जा रही है।

UP में 50 लाख से ज्यादा व्रत रखने वाले लोग
उत्तर प्रदेश में छठ पर्व को देखते हुए घाटों की साफ-सफाई के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए रुकने, बैठने, पेयजल, टॉयलेट और वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। यूपी में करीब छोटी बड़ी मिलाकर 30 नदियां और एक हजार से ज्यादा घाटों पर छठ पूजा होती है, जिसमें पूर्वांचल के 23 जिले शामिल हैं। छठ संगठनों के मुताबिक राज्य में करीब 6 करोड़ की आबादी यह त्योहार मनाती है और 50 लाख से ज्यादा लोग व्रत रखते हैं।

पूर्वांचल मित्र मंडल छठ पूजा समिति के प्रवक्ता राघवेंद्र दुबे ने बताया कि यूपी के कई जिलों में बिहार, झारखंड के लाखों लोग रहते हैं। ऐसे में घाटों पर छठ पूजा के लिए सभी जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 10 नवंबर को सूर्य उपासना का महापर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। श्री छठ पूजा समिति के संस्थापक मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया कि छठ पूजा के लिए कृत्रिम तालाब बनाया गया है। घाट में जल, प्रकाश आदि की व्यवस्था की जा रही है। इस वर्ष एक परिवार से ज्यादा लोगों को पूजा स्थल पर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नोएडा में बनाए जा रहे कृत्रिम छठ घाट पर व्रतियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूजा सेवा समिति के वॉलंटियर्स मौजूद रहेंगे।
नोएडा में बनाए जा रहे कृत्रिम छठ घाट पर व्रतियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूजा सेवा समिति के वॉलंटियर्स मौजूद रहेंगे।

राजस्थान में 5 लाख प्रवासियों के लिए छठ की तैयारी
प्रदेश में पहले पूर्वांचल के लोग यह पर्व मनाते थे, अब स्थानीय लोगों की भी छठी मैया में आस्था बढ़ी है। राजस्थान में कुल 33 जिले हैं। यहां करीब 5 लाख प्रवासी हैं, जिनमें बिहार (20 हजार), उत्तर प्रदेश (करीब 50 हजार), बंगाल (6 हजार) और उड़ीसा के लोग शामिल हैं। इनमें 50% महिलाएं है, जो छठ पूजा में शामिल होती हैं। राज्य में कुंड, बावड़ियां, तालाब, झील, कृत्रिम जलाशय में छठ पूजा की जाती हैं।

छठ पूजा समिति के सदस्य अनिकेत ने बताया कि पिछले साल कोरोना के चलते सार्वजनिक आयोजन नहीं था, लोगों ने घरों में पूजा की थी। सभी लंबे समय से इस पर्व का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम कोरोना नियमों का अच्छी तरह से पालन करते हुए पर्व को मनाएं।

महिलाओं में आस्था और उत्साह
दिल्ली की उर्मिला देवी कहती हैं, 'मैं 7 सालों से व्रत कर रही हूं। पिछले वर्ष कोरोना के कारण छठ पर्व पर घाट नहीं जा सके थे। इस बार छठ का बेसब्री से इंतजार है। साल में एक बार अनुष्ठान करने से पूरे साल छठी मैया की कृपा मिलती है।' वहीं, बिहार की अनिता शर्मा कहती हैं, "छठ महापर्व मन्नतों का पर्व है। मैं इस साल पहली बार छठ का व्रत रखने जा रही हूं। पिछले 2 सालों से लोगों की जिंदगी जैसे रुक सी गई थी। अब रौनक लौटने लगी है।'

ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं छठ का सामान कोरोना के कारण अगर आप भीड़-भाड़ वाली जगहों पर खरीदारी करने से बचना चाहती हैं तो ऑनलाइन विकल्प भी हैं। शॉपिंग वेबसाइट्स पर छठ पूजा के पारंपरिक सामान मिल रहे हैं। यहां पूजा में इस्तेमाल होने वाली लगभग सारी चीजें, जैसे - बांस का कठौत, सूप, मिट्टी का चूल्हा, दीया आदि की स्पेशल छठ पूजा किट ऑनलाइन अवेलेबल है।

वैसे तो इस पूजा के कई महत्व हैं, लेकिन मान्यता है कि छठी मैया संतान की जिंदगी में खुशहाली लाती हैं।
वैसे तो इस पूजा के कई महत्व हैं, लेकिन मान्यता है कि छठी मैया संतान की जिंदगी में खुशहाली लाती हैं।

टला नहीं है कोरोना का खतरा, छठ पूजा के दौरान सावधानी बरतना जरूरी
जयपुर के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल में क्रिटिकल केयर एंड आईसीयू, सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज आनंद बताते हैं कि अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में आपको छठ पूजा के दौरान सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। भले ही कोरोना वायरस पानी के जरिये नहीं फैलता, लेकिन नदी और घाट के पानी में संक्रमण की आशंका से इनकार भी नहीं किया जा सकता। ऐसे में सामूहिक घाटों पर स्नान से बचें।

वे बताते हैं कि अक्सर छठ घाटों पर सामूहिक स्नान के दौरान काफी ज्यादा भीड़ होती है। अगर इसमें कोई पॉजिटिव हो तो, उनके खांसने, छींकने या सांस लेकर डुबकी लगाने से संक्रमण फैलने की आशंका रहेगी। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। खासकर बुजुर्गों और प्रेग्नेंट महिलाओं को छठ पूजा में जाने से बचना चाहिए। वहीं बदलते मौसम में अगर आप छोटे बच्चों को नदी, तालाब पर लेकर जाते हैं तो वे बीमार भी पड़ सकते हैं।