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रेपिस्ट पिता को हवालात पहुंचाया:13 साल की उम्र में मां का हुआ था रेप, 47 साल बाद बायलॉजिक फादर को ढूंढा, बदलवाया ब्रिटिश कानून

लंदन19 दिन पहले
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सेंटर फॉर वुमेंस जस्टिस के एक आंकड़े के मुताबिक, ब्रिटेन में पिछले साल लगभग 2500 बच्चे रेप से पैदा हुए। ब्रिटेन में रेप से जन्मे बच्चों का आंकड़ा हर साल लगभग इतना ही रह रहा है। ये संख्या काफी बड़ी तो है ही साथ में इनके बायलॉजिकल फादर का कुछ पता नहीं होता और अगर पता होता भी है तो वह जेल में सजा काट रहा होता है। ऐसे बच्चे जीवन भर अपमान झेलते हैं। लेकिन, ब्रिटिश कानून में इन बच्चों को अब तक ‘विक्टिम’ यानी पीड़ित नहीं माना जाता रहा था।

अब एक ऐसी ही पीड़ित लड़की अपने रेपिस्ट पिता को अदालत ले गई है। वो भी 47 साल बाद। यह केस ऐसा रहा, जिसके बाद ब्रिटेन के कानून को बदलना पड़ा।

पहले मां और फिर रेपिस्ट पिता को ढूंढा

'द संडे टाइम्स' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 47 साल की डेजी को शुरू से बताया गया था कि वो अनाथ है। लेकिन अपने पैरों पर खड़ा होने के बाद डेजी ने अपनी बायलॉजिकल मां-बाप को ढूंढने का फैसला किया। उन्हें अपना बर्थ सर्टिफिकेट मिला। जिस पर जन्म के वक्त उनकी मां की उम्र 13 साल दर्ज थी। डेजी को तभी कुछ गड़बड़ लगा। क्योंकि ब्रिटिश कानून के मुताबिक, 16 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ शारीरिक संबंध बनाना रेप की श्रेणी में आता है।

अपनी मां को खोज निकालने के बाद डेजी ने उनसे पिता के बारे में पूछा। शुरू में तो उन्होंने कुछ नहीं बताया। लेकिन डेजी की कई कोशिशों के बाद उन्होंने सब कुछ सच-सच बता दिया। जिसके बाद डेजी अपने रेपिस्ट पिता को ढूंढने की मुहिम में लग गईं।

75 साल की उम्र में बायलॉजिक पिता को ले गई अदालत

काफी तहकीकात के बाद डेजी ने अपने बायलॉजिक फादर को भी ढूंढ निकाला। इसके बाद डेजी ने अपनी मां की मदद से पिता पर कार्रवाई शुरू की। डेजी की कंप्लेन के बाद 75 साल की उम्र में उनके पिता को अदालत के सामने हाजिर होना पड़ा। हालांकि, उनकी अधिक उम्र को देखते हुए उन्हें जमानत दे दी गई।

बदला ब्रिटेन का कानून, अब बच्चे भी विक्टिम माने जाएंगे

इस घटना के बाद पूरे देश में रेप से पैदा होने वाले बच्चों को लेकर एक बहस शुरू हो गई। लोगों ने ऐसे बच्चों को ज्यादा अधिकार दिए जाने की मांग की, जिसके बाद ब्रिटिश पार्लियामेंट की एक कमेटी ने ऐसे बच्चों को भी विक्टिम मानने और अधिक सुविधाएं देने की सिफारिश की है।