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एकेडमी अवॉर्ड्स की पावरफुल ड्रीम गर्ल्स:73 साल बाद जीती कोई ब्लैक एक्ट्रेस, कोई 4 बार जीतकर भी नहीं गई अवॉर्ड लेने

नई दिल्ली6 दिन पहलेलेखक: भारती द्विवेदी
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ऑस्कर…दुनिया भर की फिल्मों और फिल्मी जगत से जुड़े लोगों के काम को सराहने और सेलिब्रेट करने का मंच। 95वें यानी कि साल 2023 के ऑस्कर के लिए सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। इस बार कौन सी फिल्में एकेडमी अवॉर्ड्स के स्टेज तक पहुंचेंगी, इस बात को लेकर दुनिया भर में कयास लग रहे हैं।

भारत से राजा एस मौली की ‘RRR’, विवेक अग्निहोत्री की ‘द कश्मीर फाइल्स’ को दावेदार माना जा रहा था, लेकिन फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) ने ऑस्कर 2023 के लिए गुजराती फिल्म ‘छेल्लो शो’ को चुना है। डायरेक्टर पान नलिन की 110 मिनट की इस फिल्म का अंग्रेजी नाम ‘द लास्ट फिल्म शो’ है।

इस गोल्डन ट्रॉफी के इंतजार में हर साल हम भी टकटकी लगाए बैठे रहते हैं और इसे जीतने की ख्वाहिश रखते हैं। ये अलग बात है कि ऑस्कर के 95 साल की जर्नी में अलग-अलग कैटेगरी में बस 5 भारतीय ही गोल्डन ट्रॉफी को उठा पाए हैं, लेकिन उन पांच विनिंग पिक्चर्स ने हमारी उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं। इन पांच मौकों पर भारत के सिनेमा जगत की एकमात्र महिला भानु अथैया भी थीं, जिन्हें चर्चित फिल्म ‘गांधी’ के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर का ऑस्कर मिला था।

ऑस्कर को इस मुकाम तक पहुंचाने के पीछे कई महिलाओं ने एक्टिव रोल प्ले किया है। जहां कुछ के साथ नाइंसाफी हुई, तो कुछ को कामयाबी के खिताब से नवाजा गया। आइए जानते हैं ऐसी ही महिलाओं के किस्से।

बात शुरू करते हैं इस अवॉर्ड के नाम से और जानते हैं कि ‘एकेडमी अवॉर्ड ऑफ मेरिट’ का ऑस्कर नाम कैसे ज्यादा पॉपुलर हो गया…

एकेडमी अवॉर्ड का ऑस्कर नाम पड़ने के पीछे 2 महिलाओं का दावा

साल 1929 में शुरू हुए एकेडमी अवॉर्ड्स के ऑस्कर नाम से मशहूर होने के पीछे तीन कहानियां हैं। इसमें से दो महिलाओं का दावा मजबूत है।

पहली कहानी अमेरिकन एक्ट्रेस बेट्टे डेविस (Bette Davis) से जुड़ी है। उनका दावा था कि ऑस्कर की ट्रॉफी पीछे से देखने पर उनके म्यूजिशियन पति हार्मन ऑस्कर नेल्सन (Harmon Oscar Nelson) जैसी दिखती है, इसलिए इस अवॉर्ड का नाम ऑस्कर पड़ गया। बेट्टे एकेडमी की पहली महिला प्रेसिडेंट भी रहीं।

दूसरी कहानी सिडनी स्कोल्सकी नाम के एक अमेरिकी कॉलम्निस्ट से जुड़ी है। वह हॉलीवुड गॉसिप लिखने के लिए फेमस थे। उनका दावा था कि एकेडमी अवॉर्ड्स को ऑस्कर का निकनेम उन्हीं की देन है। उन्होंने साल 1934 के एक लेख में इस अवॉर्ड के लिए ऑस्कर निकनेम का इस्तेमाल किया था।

ऑस्कर नाम के पीछे की तीसरी कहानी में शामिल हैं लाइब्रेरियन मार्गेरेट हैरिक। मार्गेरेट लाइब्रेरियन होने के साथ साथ ‘एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर ऑर्ट्स एंड साइंस’ की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी थीं। उनका दावा था कि ऑस्कर का नाम उनके चाचा ऑस्कर के नाम पर रखा गया है। हालांकि, तीनों में किस का दावा सच्चा था, इसका आज तक कोई सबूत नहीं है।

ऑस्कर के नाम के बाद जानते हैं उस एक्ट्रेस की कहानी जिसने एक ही साल में तीन रोल के लिए अवॉर्ड जीता।

तीन फिल्मों के लिए एक ऑस्कर जीतने वाली जेनेट गेनोर

अमेरिकन एक्ट्रेस जेनेट गेनोर हॉलीवुड की शुरुआती दौर की बड़ी हीरोइऩ थीं। उन्होंने अपने करिअर की शुरुआत साइलेंट फिल्म से की थी। जेनेट एकेडमी के इतिहास की पहली एक्ट्रेस हैं, जिन्हें ऑस्कर मिला। जेनेट को साल 1929 की ऑस्कर सेरेमनी में तीन फिल्मों- 'सेवेंथ हेवेन' (1927), 'सनराइज: ए सॉन्ग ऑफ टू ह्यूमन्स' (1927) और 'स्ट्रीट एंजल' (1928) के लिए ऑस्कर से सम्मानित किया गया था। ये तीनों ही साइलेंट रोमांटिक फिल्में थीं और जेनेट को तीनों फिल्मों के लिए एक ऑस्कर दिया गया। मल्टिपल फिल्म के लिए एक ऑस्कर जीतने वाली जेनेट पहली और यंगेस्ट एक्ट्रेस रहीं। हालांकि, एकेडमी ने तीन साल बाद ही कई रोल के लिए एक ऑस्कर देने की प्रैक्टिस बंद कर दी।

1982 में एक कार हादसे में जेनेट को मल्टिपल इंजरी हुई। दो साल तक बीमार रहने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
1982 में एक कार हादसे में जेनेट को मल्टिपल इंजरी हुई। दो साल तक बीमार रहने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।

साइलेंट से साउंड मूवी के दौर तक एक्टिव रहीं जेनेट, पीक पर छोड़ी एक्टिंग

जेनेट साइलेंट फिल्म से साउंड फिल्म के दौर में सक्सेसफुल पहुंचने वाली कुछ अभिनेत्रियों में से एक रहीं। साल 1937 की फिल्म 'ए स्टार इज बॉर्न' में उनको दूसरी बार बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमिनेशन मिला। 17 साल तक काम करने के बाद जेनेट ने 1939 में करिअर के पीक पर फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया। 1950 में वह फिर फिल्म और टेलीविजन में लौटीं। बाद में उन्होंने ऑयल पेंटिंग में महारत हासिल की। 80 के दौर में उन्होंने ब्रॉडवे थियेटर भी किया।

ऑस्कर के इतिहास में अभिनेत्रियों ने अपने हुनर का परचम तो साइलेंट मूवीज के दौर से ही लहरा दिया था लेकिन ऑस्कर को किसी अश्वेत एक्ट्रेस को सम्मान देने में 73 साल लग गए।

ऑस्कर जीतने वाली अकेली ब्लैक एक्ट्रेस हैं हैली बेरी

हैली बेरी ने 2002 में फिल्म 'मॉन्सर्ट बॉल' के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर जीता। ऐसा करने वाली वो अब तक एकमात्र ब्लैक एक्ट्रेस हैं। हैली की लाइफ रोलरकोस्टर जैसी उतार-चढ़ाव वाली रही।

बचपन में डोमेस्टिक वायलेंस देखी, बाहर निकलीं तो रेसिज्म झेला। बड़ी हुईं तो रिश्ते में हिंसा का सामना किया। तमाम दिक्कतों में पलने-बढ़ने के बाद भी वो हर मंच पर काबिल साबित हुईं। हैली ने करियर की शुरुआत में कई ब्यूटी कॉम्पिटिशन जीते। अलग-अलग पत्रिकाओं ने हैली बेरी को दुनिया की सेक्सिएट वुमन का तमगा भी दिया।

हॉलीवुड की सबसे ज्यादा महंगी एक्ट्रेस रहीं

हैली हॉलीवुड ही नहीं दुनिया की सक्सेसफुल हीरोइनों में गिनी जाती हैं। 2000 के दशक में वो अपनी हर फिल्म के लिए 10-12 मिलियन डॉलर, यानी लगभग 100 करोड़ रुपए लेती थीं। फोर्ब्स के मुताबिक फिलहाल हैली की नेटवर्थ 120 मिलियन, डॉलर यानी लगभग एक हजार करोड़ रुपए है।

हैली के बॉयफ्रेंड ने ऐसा मारा कि उनका कान खराब हो गया

साल 1989 से 91 तक हैली जॉन रोनान नाम के डेंटिस्ट के साथ रिश्ते में रहीं। जब रिश्ता टूटा तो जॉन ने हैली पर 80 हजार डॉलर का मुकदमा किया। जॉन का दावा था कि ये रकम उन्होंने हैली के करिअर को बनाने में खर्च की है। हैली ने कोर्ट में इस अमाउंट को गिफ्ट बताया। बाद में वो केस ही खारिज हो गया।

हैली को बाएं कान से बेहद कम सुनाई देता है। इसके पीछे की वजह उनके साथ होने वाली रिलेशनशिप अब्यूज है। 1991 में फिल्म 'द लास्ट बॉय स्काउट' की शूटिंग के दौरान उनके बॉयफ्रेंड ने उनसे काफी मारपीट की थी।

हैली ने कभी उस इंसान का नाम पब्लिकली नहीं लिया। सिर्फ इतना कहा कि वो शख्स हॉलीवुड का जाना-माना नाम है, लेकिन साल 2004 में हैली के एक्स और एक्टर-सिंगर क्रिस्टोफर विलियम्स ने उस घटना के लिए एक्टर-प्रोड्यूसर वेस्ली स्नाइप्स को जिम्मेदार ठहराया।

आइए अब जानते हैं चार ऑस्कर जीतकर रिकॉर्ड बनाने वाली कैथरीन हेपबर्न की कहानी। कैथरीन सिर्फ पर्दे पर हीरोइन नहीं थीं। असल जिंदगी में भी हीरोइन रहीं। उन्होंने हमेशा वो किया जो उनके दिल को अच्छा लगा।

रिकॉर्ड ऑस्कर जीतने वाली हीरोइन, जो कभी ट्रॉफी लेने नहीं गई

अमेरिकन एक्ट्रेस कैथरीन ह्यूटन हेपबर्न अभिनय के अलावा अपने मजबूत इरादों के लिए भी जानी जाती थीं। वो असल जिंदगी में जैसी थीं, वैसी ही स्क्रीन पर भी नजर आती थीं। वैसे ही किरदार भी निभाती थीं। कैथरीन की प्रोग्रेसिव सोच के पीछे उनके पेरेंट्स का हाथ रहा।

करिअर में सफलता की बुलंदियां छूने के बाद भी कैथरीन ने सेलिब्रेटी लाइफस्टाइल से दूरी बनाए रखी। वो इंटरव्यू नहीं देतीं, पब्लिक अपिरिएंस कम देतीं, रेस्तरां जाने से बचतीं। एक बार एक फोटो जर्नलिस्ट ने बिना उनकी परमिशन की फोटो खींच ली तो बात हाथापाई तक पहुंच गई। उन्होंने हमेशा ही ऐसे कपड़े पहने जो ग्लैमर इंडस्ट्री को रास नहीं आते थे।

कैथरीन ने तब पैंट पहनी, जब केवल पुरुष इसे पहनते थे

कैथरीन के दौर में सार्वजनिक रूप से पैंट पहनना केवल पुरुषों के लिए ठीक माना जाता था। उस वक्त कैथरीन सेट पर पैंट पहनकर जातीं। पैंट और कैथरीन से जुड़ा एक किस्सा है कि एक बार कॉस्ट्यूम डिपॉर्टमेंट ने उनके कपड़े छिपा दिए, जिसके बाद कैथरीन अंडरगारमेंट्स में ही स्टूडियो में घूमने लगीं। और ऐसा उन्होंने तब तक किया, जब तक कि उनकी पैंट उन्हें वापस नहीं दी गई। धीरे-धीरे उनका पैंट पहनने का स्टाइल आइकॉनिक बन गया। साल 1939 में वो पहली महिला थीं, जिसे ‘वोग’ पत्रिका ने उन्हें पैंट पहने फीचर किया।

ऑस्कर को भले ही आज दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड माना जाता है, लेकिन इसका इतिहास उतना सुनहरा नहीं रहा है, जितनी कि इसकी ट्रॉफी की चमक। इसकी बानगी पेश हुई ‘द गॉडफादर’ फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीतने वाले मार्लन ब्रैंडो के ऑस्कर के बॉयकाट की स्पीच में।

ऑस्कर एकेडमी ने जब पहली बार किसी महिला से माफी मांगी

साल 1973 के ऑस्कर फंक्शन में फिल्म 'द गॉडफादर' के लिए अभिनेता मार्लन ब्रैंडो को उनके अभिनय के लिए बेस्ट एक्टर का सम्मान मिलना था। श्वेत दबदबे वाली अमेरिकन एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में ब्लैक और नेटिव अमेरिकन्स के साथ होने वाले भेदभाव से नाराज मार्लन ने अवॉर्ड का बॉयकाट किया।

उन्होंने अपनी जगह एक नेटिव अमेरिकन अभिनेत्री-मॉडल और सिविल राइट्स एक्टिविस्ट सैचिन लिटिलफिदर को भेजा। साथ में भेजी अपनी एक स्पीच। 26 साल की सैचिन पहली नेटिव अमेरिकन महिला थीं, जो ऑस्कर के स्टेज तक पहुंचीं। 60 सेकेंड की स्पीच में सैचिन ने ऑस्कर मंच से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में नेटिव अमेरिकन के साथ हो रहे भेदभाव पर बात की। यह पहली घटना थी, जब ऑस्कर के मंच से एक महिला ने पॉलिटिकल स्टेटमेंट दिया।

इस पूरी घटना के लिए ऑस्कर एकेडमी ने 50 साल बाद लेटर लिखकर सैचिन से माफी मांगी।
इस पूरी घटना के लिए ऑस्कर एकेडमी ने 50 साल बाद लेटर लिखकर सैचिन से माफी मांगी।

सैचिन जब बोलने के लिए मंच पर आईं, उस दौरान ऑडियंस में मौजूद कुछ श्वेत पुरुषों ने उन पर नस्लीय कमेंट करते हुए गंदे इशारे किए।

अब आपको ऑस्कर की दुनिया, ट्रॉफी और उसके मंच से जुड़े कुछ और दिलचस्प किस्से बताते हैं।

दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान दी गई प्लास्टर ऑफ पेरिस की गोल्डन ट्रॉफी

And the Oscar goes to...के अनाउंसमेंट के साथ विनर का नाम लिया जाता है। विनर स्टेज पर चढ़ता है और उसके हाथ में गोल्डन कलर की चमचमाती ट्रॉफी दी जाती है। लेकिन ऑस्कर के शुरुआती दौर में तीन साल ऐसे रहे, जब विनर्स को गोल्डन ट्रॉफी की जगह प्लास्टर ऑफ पेरिस की ट्रॉफी दी गई। भला ऐसा क्यों हुआ?

दरअसल, वो दौर था दूसरे विश्वयुद्ध का। 6 साल लंबे चले इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में मेटल की भारी कमी हो गई। जब वार खत्म हुआ तो मेटल से गोल्डन ट्रॉफी बनाई गई, फिर विनर्स को बुलाकर उनकी प्लास्टर ऑफ पेरिस की ट्रॉफी को गोल्ड प्लेटेड ट्रॉफी से रिप्लेस किया गया।

चार्ली चैपलिन की फिल्म को 20 साल बाद मिला ऑस्कर

साल 1972 के अवॉर्ड फंक्शन में एक अजीब वाकया हुआ। उस फंक्शन में 20 साल पहले रिलीज हुई कॉमेडी ड्रामा फिल्म 'लाइमलाइट' को ऑस्कर मिला। ये फिल्म चार्ली चैपलिन की थी।

हालांकि, ये फिल्म तो साल 1952 में ही रिलीज हो गई थी, लेकिन इसका जमकर विरोध हुआ। वजह बनी चार्ली चैपलिन का कम्युनिस्ट विचारधारा से प्रभावित होना। 1972 में इस फिल्म को अमेरिका में दोबारा रिलीज किया गया, जिसके बाद उस साल हुए 45वें ऑस्कर समारोह में फिल्म ने पुरस्कार जीता।

12 मिनट तक चैपलिन के लिए लोग बजाते रहे ताली

44वें एकेडमी अवॉर्ड में चार्ली चैपलिन को उनके आइकॉनिक करिअर के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट से नवाजा गया। जब 1972 के फंक्शन में चार्ली का नाम लिया गया तो वो स्टेज पर पहुंचे, तो उस दौरान वहां मौजूद हर शख्स अपनी सीट से उठकर 12 मिनट तक लगातार उनके लिए ताली बजाता रहा।

ऑस्कर के इतिहास में ये सीन ‘लॉन्गेस्ट स्टैंडिग ओवेशन‘ के नाम से दर्ज है। लोगों की तरफ से मिले इस सम्मान से चैपलिन काफी भावुक हो उठे। उन्होंने अपनी स्पीच में कहा- ‘आप सबका बहुत-बहुत शुक्रिया। यह मेरे लिए एक इमोशनल मोमेंट है। इस सम्मान के लिए कोई भी शब्द कहना व्यर्थ और कमजोर होगा। मुझे यहां बुलाने के लिए मैं आप सबको बस शुक्रिया कह सकता हूं।’

चैपलिन को उनकी कम्युनिस्ट विचारधारा के लिए अमेरिका से निकाल दिया गया था। वो 20 साल अमेरिका से बाहर रहे।
चैपलिन को उनकी कम्युनिस्ट विचारधारा के लिए अमेरिका से निकाल दिया गया था। वो 20 साल अमेरिका से बाहर रहे।

फेक ऑस्कर फंक्शन के जरिए असली फंक्शन की होती है रिहर्सल

अवॉर्ड फंक्शन की स्पीच हो या एक्टर-एक्टर्स के पोज, सब कुछ कितना परफेक्ट लगता है न? बात जब ऑस्कर की हो तो परेफक्शन की उम्मीद और बढ़ जाती है। इस परफेक्शन के पीछे की वजह है ‘फेक ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी’ का होना।

दरअसल हर साल ऑस्कर के मेन इवेंट से पहले शो होस्ट, विनर्स और अवॉर्ड से जुड़ा हर शख्स अपने रोल की रिहर्सल करता है। शो प्रेजेंटर क्या बोलेगा, कौन सा एक्टर किस डायरेक्शन से स्टेज पर एंट्री करेगा, कैमरे के सामने कहां ‘पोज’ करना है, कहां ‘होल्ड’ करना है, विनर बनते ही क्या ‘स्पीच’ देनी है, ये सब कुछ टोटल परफेक्शन से हो, इसके पीछे ‘फेक ऑस्कर’ का ही कमाल है।

मगर आप ये सोचने की गलती मत कीजिएगा कि इस साल 94वें ऑस्कर इवेंट में एक्टर विल स्मिथ के होस्ट क्रिस रॉक को थप्पड़ मारने जैसी घटनाएं भी रिहर्सल का हिस्सा होती हैं। ऐसी घटनाएं इंस्टेंट रिएक्शन का नतीजा होती हैं।

जब ऑस्कर की 52 ट्रॉफियां कबाड़ी की दुकान पर मिलीं

साल 2000 में ऑस्कर फंक्शन के ठीक पहले लॉस एंजिल्स से 55 ट्रॉफी चोरी हो गईं। ये ट्रॉफी डिलीवरी के लिए जा रही थीं। बात फैली तो 1982 से एकेडमी के लिए ट्रॉफी बनाने वाले आरएस ओवेन्स ने आनन-फानन में 20 कर्मचारियों के साथ मिलकर दिन-रात एक करके 55 ट्रॉफी को फिर से रिक्रिएट कर लिया।

चोरी के कुछ दिन बाद 55 में से 52 ट्रॉफी विली फुलगियर नाम के कबाड़ी के पास मिली। विली ने इस पूरे माजरे पर चुटकी लेते हुए कहा था कि उसके पास किसी भी स्टार से ज्यादा ऑस्कर हैं।

ट्रॉफी मिलने की खुशी में ट्रांसपोर्ट करने वाली कंपनी ने विली को 50,000 डॉलर दिए। एकेडमी ने विली को ऑस्कर समारोह की दो टिकटें भी दीं। जिन चोरों ने ट्रॉफी को चुराया और डंप किया था, वो भी पकड़े गए और उन्हें सजा भी मिली।

बची तीन ट्रॉफी में से एक ट्रॉफी 2003 में फ्लोरिडा में ड्रग्स रैकेट के भंडाफोड़ में मिली, जबकि 2 आज तक लापता ही हैं। उस चोरी का ये असर हुआ कि ओवेन्स ने ट्रॉफी को सड़क के रास्ते भेजना ही बंद कर दिया। इसके बाद ऑस्कर को ट्रॉफी को बाई एयर सख्त सिक्योरिटी के बीच भेजा जाने लगा।

ऑस्कर की ट्रॉफी चोरी होने और मिलने की दो और दिलचस्प घटनाएं हैं-

  • 2018 में भी बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर जीतीं अमेरिकन अभिनेत्री फ्रांसेस मैकडॉर्मड की ट्रॉफ़ी कुछ घंटों में ही चोरी हो गई थी। हालांकि, पुलिस ने चोर को कुछ ही देर में गिरफ्तार कर लिया।
  • पिछले साल ऑस्कर जीतकर अपने गांव गए डेफ अभिनेता ट्रॉय कोत्सुर की जीप और ट्रॉफी एक बच्चे ने चुरा ली। पुलिस ने कुछ घंटों में दोनों को ढूंढ निकाला।

ग्रैफिक्स: सत्यम परिडा

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