पीरियड्स में नैपकिन नहीं पैंटी ही काफी:पैड चेंज करने का टेंशन नहीं, लीकेज से भी छुटकारा

6 महीने पहले
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'पीरियड पैंटी' क्या है और कैसे इस्तेमाल करते हैं…बता रहीं हैं दिल्ली की गाइनाकोलॉजिस्ट अनुराधा खुराना।

पीरियड पैंटी कॉटन की बनी होती है। यूज करते समय इसमें पैड को लगा सकती हैं। दिखने में यह आम पैंटी की तरह ही लगती है। सिर्फ प्राइवेट पार्ट वाली जगह पर थोड़ी थिक होती है। अभी तक बहुत कम महिलाएं इसके बारे में जानती हैं। यह एक ऐसी पैंटी है जो पीरियड्स के दौरान पैड और मेंस्ट्रुअल कप की तरह काम करती है। पीरियड्स के दौरान इसे पहन कर टेंशन फ्री रह सकती हैं और बार-बार पैड चेंज करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। दो साल तक इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे करती है काम

पीरियड पैंटी गीलेपन को सोखती है, जो कि हेवी फ्लो के समय कंफर्टेबल है। महिलाएं इन्हें बिना पैड के भी यूज कर सकती हैं। इतना ही नहीं, जो महिलाएं व्हाइट डिस्चार्ज या यूरिन लीक की समस्या से परेशान रहती हैं उनके लिए भी यह बेस्ट ऑप्शन है। हल्के पीरियड्स होने पर नॉर्मल पैंटी की तरह यूज किया जा सकता है।

कैसे करते हैं इसका इस्तेमाल

पीरियड पैंटी में लगा मुलायम कपड़ा रैशेज आदि की समस्या नहीं होने देता। इसमें लिक्विड एब्‍जॉर्ब करने के लिए पहले से ही अंदर एक पैड लगा होता है, जो स्ट्रिप की मदद से टिका हुआ होता है। ये चार लेयर्स के साथ आता है। इसमें हेवी ब्लीडिंग की कंडीशन में अलग से पैड भी लगा सकती हैं। ये पैड पैंटी के साथ ही मिलते हैं। यह पैंटी आपको बाजार में अलग-अलग डिजाइन, शेप और साइज में मिल जाएगी।

पूरी तरह से है इकोफ्रेंडली

पीरियड पैंटी हमारे पर्यावरण के लिए भी अच्छी है। क्योंकि पीरियड्स के दौरान अकसर हम दिन में कम से कम 2 पैड या टैम्पोन यूज करते हैं और फिर उन्हें डिस्पोज कर देते हैं। ऐसे में फेंके गए पैड के कारण इनमें लगे प्लास्टिक, कागज और कॉटन से बहुत वेस्ट इकट्ठा हो जाता है। एक बार यूज किए पैड को डिकंपोज होने में काफी समय लगता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल 33 लाख टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन सैनिटरी नैपकिन में 90 फीसदी प्लास्टिक होता है जो लंबे समय तक नष्ट नहीं होता। यह पर्यावरण के लिए नुकसानदेह होता है।

बचत का ऑप्शन

महीने के 200-300 रुपये के पैड्स की जगह पीरियड पैंटी इस खर्च को कम करने का एक ऑप्शन हो सकती है। जिन्होंने इसका इस्तेमाल किया वो कहती हैं ये 12 घंटे काम करती है। लीकेज की कोई प्रॉब्लम नहीं आई और पैंटी पर कोई स्टेन भी नहीं दिखा।