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शादी के 24 साल बाद सोहेल खान-सीमा लेंगे तलाक:जरूरी नहीं हर कपल हो अलग, नवाजुद्दीन सिद्दीकी-आलिया डिवोर्स नोटिस के बाद हुए थे एक

7 महीने पहलेलेखक: ऐश्वर्या शर्मा
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रिश्ते में प्यार और नाराजगी दोनों साथ-साथ चलती है। लेकिन पति-पत्नी के बीच कई बार यह नाराजगी कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच जाती है। वजह कुछ भी हो, दोनों को बस अलग होने की धुन सवार रहती है। सलमान खान के भाई सोहेल खान अपनी पत्नी सीमा से शादी के 24 साल बाद तलाक ले रहे हैं। हाल ही में दोनों को फैमिली कोर्ट के बाहर देखा गया।

अधिकतर मामलों में तलाक हो भी जाते हैं लेकिन कुछ केस ऐसे भी हैं जिनमें तलाक की अर्जी दाखिल की गई, सुनवाई भी हुई। लेकिन फैसला तलाक नहीं..एक दूसरे के साथ जिंदगी बिताने का लिया गया।

बहुत कम ही लोग तलाक का केस रद्द करते हैं

दिल्ली स्थित तीस हजारी के फैमिली कोर्ट के एडवोकेट नवीन कौशिक ने वुमन भास्कर को बताया कि हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के धारा 13 के तहत पत्नी-पति आपसी सहमति से तलाक ले सकते हैं। लेकिन समझौते कम ही देखने को मिलते हैं। कपल के बीच में आई ईगो ही इसका कारण बनती है।

उन्होंने कहा कि उनके पास कई तलाक के मामले आए लेकिन 2 में ही कपल फिर एक हो गए। अब वे खुशी-खुशी अपनी जिंदगी जी रहे हैं। एक केस में पत्नी को सास से दिक्कत थी। दूसरे में लड़की घर में हिस्सा चाहती थी। दोनों ही केसों में काउंसिलिंग के बाद डिवोर्स का केस कैंसिल कर लड़का अपनी पत्नी के साथ अलग रहने लगा।

काउंसिलिंग में होता है सच्चाई से सामना

रिलेशनशिप काउंसलर डॉक्टर गीतांजलि शर्मा ने बताया कि डिवोर्स केस तभी वापस लिए जाते हैं जब कपल आपसी सहमति से इसे दाखिल करते हैं। लेकिन यह बहुत कम केस में देखने को मिला है। अक्सर डिवोर्स केस की अर्जी दाखिल करते वक्त वकील कई और झूठे केस भी फाइल कर देते हैं। ऐसे में सामने वाले पाटर्नर को लगता है कि यह तो कभी हुआ ही नहीं था और चीजें बिगड़ने लगती हैं।

कपल को समझाने वाला कोई नहीं होता। घर वाले भी तलाक की पैरवी करते हैं। जब वह काउंसलर के पास आते हैं तब उनका सच्चाई से सामना होता है। कई बार उन्हें समझ में आ जाता है कि डिवोर्स के बाद वापस लौटना मुश्किल होगा। खुले दिमाग से जब वह चीजें समझते हैं तो वह केस वापस ले लेते हैं।

कोशिश करने से कड़वाहट प्यार में बदल सकती है

डॉक्टर गीतांजलि शर्मा के अनुसार काउंसिलिंग की प्रक्रिया बहुत मुश्किल होती है। जो कपल काउंसिलिंग को बीच में नहीं छोड़ते और समर्पित होकर काउंसलर की बात मानते हैं, उनके रिश्ते बच भी जाते हैं। अगर कपल में माफ करने की भावना आ जाए तो चीजें बेहतर बन सकती हैं लेकिन इसके लिए दोनों को कोशिश करना बहुत जरूरी है।

कपल्स को इसके लिए कई एक्टिविटी और हीलिंग थैरेपी दी जाती हैं। उन्हें समझाया जाता है कि कोई इंसान परफैक्ट नहीं होता। रिश्तों में यह नहीं सोचे कि क्या मिल रहा है बल्कि यह सोचे कि हम क्या दे सकते हैं। डिवोर्स दाखिल करने से पहले बच्चों के बारे में सोचें। एक दूसरे के साथ टाइम बिताएं। वह चीजें करें जो पहले करते थे। जैसे फिल्म देखना, घूमना। बुरे वक्त की बजाए अच्छी यादों के बारे में सोचें और बातचीत करते रहें।

शादी से पहले खुलकर करें बात

अधिकतर मामलों में पति-पत्नी के बीच रिश्ते तभी बिगड़ते हैं जब उनके बीच खुलकर बात नहीं होती। अक्सर लड़कियां शादी के बाद अपने सास-ससुर के साथ नहीं रहना चाहतीं या मां बनने के लिए उन्हें समय चाहिए होता है। जब यह बात शादी के बाद की जाती है तो हालात बिगड़ जाते हैं। कपल के बीच ईगो आ जाती है। इसलिए लड़कियों को शादी से पहले साफ शब्दों में लड़के को अपनी इच्छा बता देनी चाहिए। अगर यह बात शादी के बाद की जाए तो लड़का पत्नी और पेरेंट्स के बीच में फंस जाता है। अधिकतर वह अपने माता-पिता की साइड लेता है।

सेलिब्रिटीज ने भी बदला अपना फैसला

बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की पत्नी आलिया ने तलाक का नोटिस भेजा था। लेकिन कुछ समय बाद उसे वापस ले लिया। दरअसल उन्होंने नवाज पर गंभीर आरोप लगाए थे लेकिन जब आलिया को कोरोना हुआ तो उनके पति ने उनकी केयर की। अपने प्रति देखभाल और बच्चों का सोचकर उन्होंने तलाक नहीं लेने का फैसला लिया था।

सिंगर-टीवी एक्टर रवि टंडन ने अपनी पत्नी रूबी टंडन से साल 2017 में अलग होने की घोषणा की थी। दोनों ने डिवोर्स भी फाइल कर दिया था लेकिन दोनों ने अपनी शादी को दूसरा मौका दिया और केस वापस ले लिया था। अमित टंडन की वाइफ डॉक्टर हैं। दोनों की शादी 2007 में हुई थी।

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