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पंजाब कांग्रेस में 'कलह की कहानी':कहां हैं नवजोत सिंह सिद्धू के साथ दीवार की तरह खड़ी रहने वालीं उनकी पत्नी नवजोत कौर, जिनका टिकट कटने के बाद शुरू हुई थी कैप्टन-सिद्धू में सियासी अदावत

नई दिल्ली2 महीने पहले
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नवजोत कौर सिद्धू - Dainik Bhaskar
नवजोत कौर सिद्धू
  • नवजोत सिंह सिद्धू की तरह ही तेवर रखती हैं नवजोत कौर
  • सरकार में रहते हुए भी आलोचना करने से कभी नहीं चूकीं

नवजोत सिंह सिद्धू की तह उनकी पत्नी नवजोत कौर भी हमेशा कड़े सियासी तेवर में नजर आती हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में जब सिद्धू पर निशाना साधा तो वह पलटवार करने से नहीं चूकीं। नवजोत कौर ने कहा कि अगर उनके पति एंटी नेशनल हैं तो उन्हें जेल क्यों न भेज दिया जाए।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से देशद्रोही कहे जाने पर चुप्पी साधी, लेकिन उनकी पत्नी नवजोत कौर ने कहा कि अगर यह सच है तो उन्हें (सिद्धू को) सलाखों के पीछे क्यों नहीं डाल दिया जाता। मैं अमित शाह को लिखूंगी कि उन्होंने (सिद्धू) कोई एंटी-नेशनल काम किया है तो उन्हें सलाखों के पीछे भेज दें।

हमेशा खड़ी रहीं सिद्धू के साथ, कड़े रहे हैं सियासी तेवर

यह काफी समय बाद था कि नवजोत कौर सुर्खियों में आई थीं। इससे पहले वह सियासी तौर पर काफी सक्रिय रहती थीं। आज सियासी तौर पर वह कम नजर आ रही हैं लेकिन पति पर आरोप लगे तो वह जवाब देने से पीछे नहीं रहीं। ये तेवर उनके बारे में बताने के लिए काफी हैं।

असल में, नवजोत कौर हमेशा अपने पति नवजोत सिंह सिद्धू की हमसाया नजर आती हैं। जब सिद्धू 2004 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में गए और वह भी उसी पार्टी से 2012 में विधायकी का चुनाव लड़ीं और जीतीं। सिद्धू ने 2016 में जब बीजेपी छोड़ी और कांग्रेस ज्वॉइन की तो नवजोत कौर ने भी वही राह पकड़ी।

तल्ख तेवर वाली नेता, अकाली-बीजेपी गठबंधन सरकार पर निशाना

बीजेपी में रहते हुए नवजोत सिंह सिद्धू बीजेपी-अकाली सरकार को घेरते रहे। वहीं, राज्य सरकार में मंत्री रहते हुए भी नवजोत कौर पीछे नहीं रहीं। वह भी उसी तेवर के साथ अकाली-बीजेपी गठबंधन सरकार को निशाने पर लेती रहीं। उनकी ना तो प्रकाश सिंह बादल से और न ही सुखबीर बादल से बनी। 2014 में केंद्र में जब बीजेपी की सरकार थी तब पंजाब में अकाली दल-बीजेपी गठबंधन की सरकार थी।

नवजोत सिंह सिद्धू के साथ नवजोत कौर
नवजोत सिंह सिद्धू के साथ नवजोत कौर

ईमानदार नेता की पहचान, माफियागिरी के खिलाफ मुखर रहीं

पंजाब में पति और पत्नी दोनों ने भ्रष्टाचार, केबल और खनन माफिया जैसे मुद्दों पर अकाली दल को निशाने पर लिया। उस दौरान नवजोत कौर चीफ पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी हुआ करती थीं। फिर 2019 के चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह से नवजोत कौर के मतभेद उस समय सामने आ गए जब उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया गया। इसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और त्यागपत्र सीधे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजा था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तभी से सिद्धू और कैप्टन में तकरार शुरू हुई।

आधी रात में मारे छापे, उजागर किया भ्रूण हत्या मामला

पेश से डॉक्टर नवजोत कौर ने पटियाला मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया है। 2012 में वह अमृतसर से बीजेपी के टिकट पर पहली बार विधानसभा के लिए चुनी गईं। उनकी पहचान एक ईमानदार महिला नेता की रही है। उन्होंने पंजाब में आधी रात में छापेमारी कर कई मेडिकल स्कैम उजागर किए। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या के कई मामलों को उजागर किए। मोहाली में गैर कानूनी अस्पताल चलाने वाले एक सरकारी अधिकारी को बेपर्दा किया था। बाद में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलमा नबी आजाद ने उन्हें नेशनल पीडीटीटी कमेटी का सदस्य नियुक्त किया।

नवजोत कौर ने 2016 में बीजेपी से रिजाइन करने के बाद कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। 2018 में मुख्यमंत्री ने उन्हें पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन का डायरेक्टर और चेयरपर्सन नियुक्त किया। अब जब एक बार फिर नवजोत सिंह सिद्धू सुर्खियों में हैं तो नवजोत कौर सुर्खियों से दूर हैं। बीच में वह एक ही बार एंटी-नेशनल वाले बयान पर जवाब देने सामने आई थीं। अगर सिद्धू कोई नया कदम उठाते हैं तो नवजोत कौर भी उनके नक्शेकदम पर चल सकती हैं।

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