• Hindi News
  • Women
  • Pyar Ka Postmortem: Story Of A Boy Who Fell In Love On Seeing The Girl At The Bus Stand, Husband Lost His Life And Wife Lost His Family

​​​​​​​प्यार का पोस्टमॉर्टम-2:कहानी ऐसे लड़के की, जिसे बस-स्टैंड पर लड़की को देखते ही हो गया प्यार, पति ने जान और पत्नी ने गंवाया परिवार

नई दिल्ली8 महीने पहलेलेखक: दीप्ति मिश्रा
  • कॉपी लिंक

प्यार का पोस्टमार्टम सीरीज-2 में आज हम बता रहे हैं केरल के केविन जोसेफ और उनकी पत्नी नीनू चाको की कहानी, जिनकी खुशियों को उनके अपनों ने ही छीन लिया। जानिए, इनकी कहानी...

साल 2016 की बात है। महीना जुलाई का था। स्कूल में दाखिलों का सिलसिला जारी था। नीनू चाको ने कोट्टायम जिले के अमलागिरी स्थित बीके कॉलेज में ग्रेजुएशन में दाखिला लिया। कॉलेज नीनू के घर से करीब 100 किलोमीटर दूर था। एडमिशन हुए दो महीने बीत गए थे। एक रोज नीनू और उसकी दोस्त अनीता को KSRTC की बस पकड़ कोल्लम में अपने घर आना था।

अनीता की एक सहेली मैकेनिकल इंजीनियर केविन जोसेफ के साथ उसे बस स्टैंड छोड़ने आई थी। नीनू की केविन से पहली मुलाकात यहीं हुई थी। पहली मुलाकात में दोनों की खास बातचीत नहीं हुई, लेकिन एक-दूसरे से नजरें कई बार टकराईं। नीनू और अनीता बस में बैठ निकल गईं और केविन अपने घर लौट आया।

एकरोज अनजान नंबर से कॉल आया और फिर बन गया सिलसिला
नीनू ने एक इंटरव्यू में बताया, 'बस स्टैंड पर हुई मुलाकात के बाद एक अनजान नंबर से कॉल आया और फिर उस नंबर से कॉल आने का सिलसिला बन गया। जल्द दोनों अच्छे दोस्त बन गए। दोनों घंटों फोन पर बतियाने लगे। जल्द ही केविन ने अपने प्यार का इजहार किया। नीनू अपने परिवार के बारे में सोचकर थोड़ा डर रही थी, लेकिन वह केविन से अलग रहने के बारे में सोच भी नहीं पा रही थी। इसलिए उसने केविन का प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया।'

केविन जोसेफ और उनकी पत्नी नीनू चाको। दोनों एकसाथ बहुत खुश थे। दोनों आम कपल की तरह प्यार में जीने-मरने की कसमें भी खाईं।
केविन जोसेफ और उनकी पत्नी नीनू चाको। दोनों एकसाथ बहुत खुश थे। दोनों आम कपल की तरह प्यार में जीने-मरने की कसमें भी खाईं।

पिता ईसाई और मां मुस्लिम, बेटी के लिए जाति बनी दीवार
नीनू के पिता लैटिन कैथोलिक हैं, जोकि ईसाइयों में सवर्ण जाति मानी जाती है और मां मुस्लिम। जब दोनों ने शादी की, तब चर्च ने उनका बहिष्कार कर दिया। उनके लैटिन चर्च में जाने पर पाबंदी लगा दी। नीनू का परिवार पास के ही उस चर्च में जाता था, जहां सबको जाने की इजाजत थी। इसलिए नीनू ने केविन से मिलकर उसे अपने परिवार की पूरी कहानी सुनाई। इस पर केविन ने जवाब दिया- 'उसे इन सब चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता। वह बस नीनू से शादी करना चाहता है।' केविन नीनू को 'पोन्नी' और नीनू केविन को 'इचा' कहकर बुलाते थी।

कुमारकोम में पानी के पास बैठकर बुने भविष्य के सपने
केविन जोसेफ ईसाइयों में दलित जाति से था, लेकिन उसे धर्म और अध्यात्म में गहरी समझ थी और विश्वास भी। केविन नीनू को कई चर्च और मंदिरों में लेकर गया। हालांकि, प्यार करने वाले प्रेमी युगल मंदिर और चर्च कम ही जाते हैं, लेकिन नीनू ने कहा कि केविन ऐसा ही था। वह हर दिन प्रार्थना करता। जब कभी मैं डरती तो वह खुद प्रार्थना करता और मुझे उसे दोहराने को बोलता। हम साथ में मूवी देखने जाते। मॉल में घूमने जाते। हालांकि, मुझे अपने परिवार को लेकर डर हमेशा बना रहता। कई बार हम दोनों कुमारकोम जाते, जहां पानी के पास बैठकर भविष्य के सपने बुनते।

केविन जॉब के लिए दुबई चला गया। केविन वहां से नीनू के लिए गिफ्ट भेजता। साल 2018 का वैलेंटाइन वीक चल रहा था। नीनू फोन पर बात करते हुए थोड़ी उदास हुई तो केविन उसे सरप्राइज देने केरल आ गया। सब अच्छा चल रहा था, लेकिन तभी नीनू के माता-पिता ने मैट्रिमोनियल साइट पर उसकी प्रोफाइल बना दी। साइट पर मिले एक लड़के से रिश्ता भी पक्का कर दिया। नीनू मना करती रही, लेकिन उसकी एक न चली। ऐसे में अलग होने के डर से नीनू और केविन ने शादी करने का फैसला लिया।

केविन जोसेफ के पिता यानी ससुर के साथ नीनू चाको। केविन जोसेफ की मौत के बाद नीनू ने होश खो दिए। उस वक्त उनके सास-ससुर ने बहू को संभाला।
केविन जोसेफ के पिता यानी ससुर के साथ नीनू चाको। केविन जोसेफ की मौत के बाद नीनू ने होश खो दिए। उस वक्त उनके सास-ससुर ने बहू को संभाला।

25 मई को रजिस्टर मैरिज के लिए भरा फॉर्म
नीनू के मुताबिक,, 24 मई को उसने अपना हॉस्टल छोड़ दिया। उस रात वह केविन के दोस्त के घर रुकी। सोने से पहले दोनों ने अपने-अपने परिवार को शादी के फैसले के बारे में बताया। नीनू के घर में पिता ने फोन रिसीव किया। उसने पिता से कहा, 'उसने शादी कर ली' और पिता का जवाब सुने बिना ही कॉल काट दिया। इससे पहले दोनों परिवारों को उनके रिश्ते के बारे में पता नहीं था। 25 मई को कपल ने अपनी शादी रजिस्टर करने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरा। इसके बाद नीनू अपने हॉस्टल चली गई। केविन को पूरा यकीन था कि उसका परिवार उसकी पत्नी को स्वीकार कर लेगा। उसके बाद सब साथ रहेंगे।

26 मई को नीनू के पिता ने पुलिस स्टेशन में बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केविन को थाने लेकर जाकर टॉर्चर करना शुरू कर दिया। नीनू को पता चला तो बिना देर किए थाने पहुंची। पुलिस ने केविन से लिखित आश्वासन लिया। नीनू को केविन के साथ जाने दिया। 26 मई की रात दोनों की फोन पर बात हुई।

फिर कभी नहीं उठाया केविन ने फोन
नीनू को इस बात की चिंता थी कि अब उसका परिवार क्या करेगा, लेकिन केविन ने कहा, 'चिंता मत करो पोन्नी। तुम्हारा परिवार क्या कह सकता है? ज्यादा से ज्यादा वे मुझे एक बार पीटेंगे, लेकिन फिर वे स्वीकार कर लेंगे। मुझे कल सुबह 5.45 बजे जगा देना।' 27 मई को जब सुबह 5.45 बजे नीनू ने कॉल किया तो उठा ही नहीं। इस नीनू को बेचैनी होने लगी।

कुछ घंटों बात केविन और उसके दोस्त अनीश के अगवा होने की खबर मिली। दोनों को कोट्टायम में उनके घर से अगवा किया गया था। वह थाने पहुंची, जहां केविन के पिता राजन जोसेफ ने पहली बार नीनू को देखा। 27 मई की रात को केविन का दोस्त अनीश किसी तरह अपहर्ताओं की पकड़ से भाग निकला। अनीश ने नीनू को सलाह दी कि वह अपने घर पर बात करे।

केविन जोसेफ की पत्नी नीनू चाको अपने सास-ससुर के साथ। जब नीनू का परिवार उन्हें कोर्ट में पागल साबित करने में लगा था। तब केविन के माता-पिता बेटे के साथ-साथ बहू के लिए भी इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे थे। बहू जख्मों पर प्यार का मरहम लगा रहे थे।
केविन जोसेफ की पत्नी नीनू चाको अपने सास-ससुर के साथ। जब नीनू का परिवार उन्हें कोर्ट में पागल साबित करने में लगा था। तब केविन के माता-पिता बेटे के साथ-साथ बहू के लिए भी इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे थे। बहू जख्मों पर प्यार का मरहम लगा रहे थे।

नीनू ने अनीश की बात मानकर अपने चचेरे भाई नियास को कॉल किया। उससे कहा, 'मैं वापस घर जाऊंगी। प्लीज केविन को नुकसान मत पहुंचाना। उसको छोड़ दो।', लेकिन वह कुछ नहीं बोला। बस अजीब तरह से हंसता रहा। पुलिस ने भी केविन को ढूढ़ने में मदद नहीं की। घंटों इंतजार के बाद कहा- 'जिले में मुख्यमंत्री का दौरा है। सब उनकी सुरक्षा में बिजी हैं।' जल्द ही नीनू का डर सच साबित हुआ। 28 मई को केविन का शव कोल्लम जिले में नदी के किनारे पड़ा मिला। नीनू ने सुध-बुध खो दी तो केविन के माता-पिता ने संभाला और घर में जगह दी।

कोर्ट में पिता ने बेटी को बताया पागल
नीनू को जब होश आया तो उसके सपनों को चकनाचूर करने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का फैसला लिया। अनीश और नीनू ने गवाही दी। केविन जोसेफ के लिए लड़ाई लड़ी। फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन किया गया। नीनू के पिता ने कोर्ट में कहा- ''मेरी बेटी मानसिक तौर पर ठीक नहीं है। वह पागल है, उसका तिरुवनंतपुरम के एक अस्पताल में इलाज भी चला था। उसे केविन के घर से निकालकर पागल खाने भेजा जाए। पिता के इस बयान से नीनू को धक्का लगा, लेकिन उसने हार नहीं मानी।

उसने कोर्ट में गवाही दी, 'जब वह 12वीं में पढ़ती थी, तब उसके पिता डॉ. वृदा नाम की एक काउंसलर के पास ले गए थे। उससे बात करने के बाद डॉक्टर ने कहा था- उसे नहीं, उसके परिवार को काउंसलिंग की जरूरत है। वे उसे किस आधार पर पागल करार दे रहे हैं।' कोर्ट ने पूछा- चाको दंपती अपनी बेटी को काउंसलर के पास क्यों ले गए? नीनू जवाब दिया, ‘जब से होश संभाला, माता-पिता को लड़ते, चीखते-चिल्लाते देखा। वे बात-बात पर मुझ पर गुस्सा करते। मुझे डंडे और वाइपर से पीटते। जब मैंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, तब वे मुझे काउंसलर के पास ले गए।’

गवाही के लिए अदालत जाती हुई नीनू चाको। पति केविन जोसेफ को इंसाफ दिलाने के लिए नीनू ने कोर्ट में अपने परिवार के खिलाफ गवाही दी।
गवाही के लिए अदालत जाती हुई नीनू चाको। पति केविन जोसेफ को इंसाफ दिलाने के लिए नीनू ने कोर्ट में अपने परिवार के खिलाफ गवाही दी।

कोट्टायम की प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने जोसेफ मर्डर केस में 27 अगस्त, 2019 को फैसला सुनाया नीनू के भाई शानू चाको समेत 10 आरोपियों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी आरोपी जेल में हैं। वहीं नीनू के पिता समेत 4 आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया। नीनू और केविन के पिता ने कहा कि वे फैसले से संतुष्ट हैं, लेकिन उन्हें फांसी की सजा की उम्मीद थी। साथ ही कहा- पिता चाको को भी सलाखों के पीछे डालना चाहिए। इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड वही हैं।

इस सीरीज की तीसरी किस्त अगले रविवार, 5 जून को आएगी।

खबरें और भी हैं...