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RSS की सभा में जिन्ना की फोटो पर चर्चा:कायद-ए-आजम प्यार में थे बेखौफ, 40 की उम्र में दोस्त की नाबालिग बेटी को दिया दिल

7 महीने पहले
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुक्रवार को गुजरात के अहमदाबाद में हुई। इस दौरान संघ की प्रदर्शनी में गुजरात के 200 विशिष्ट व्यक्तियों की फोटो लगाई गईं। इनमें मुहम्मद अली जिन्ना की फोटो भी शामिल थी। आरएसएस ने पाकिस्तान के संस्थापक कहे जाने वाले जिन्ना की फोटो लगाने के पीछे की वजह उनका जन्मस्थान गुजरात होना बताया। इस पर कई तरह की चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं के बारे में...

24 साल छोटी लड़की को दे बैठे थे दिल

कायद-ए-आजम के नाम से प्रसिद्ध जिन्ना की शख्सियत कई रंग लिए हुई थी। वह साउथ एशिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। सियासत में बेबाक रुख लेने वाले जिन्ना ने अपनी जिंदगी में भी कई ऐसे फैसले लिए थे जो उनके अलग व्यक्तित्व को दिखाते हैं। उनके बारे में लोग अलग-अलग राय रखते हैं लेकिन कई ऐसे पहलू हैं जिनके बारे में लोग नहीं जानते हैं। जैसे जब बात दिल की आई तो अपने से 24 साल छोटी रति पर फिदा हो गए थे। और पारसी परिवार में पैदा हुईं रति जिन्ना के दोस्त दिनशा की बेटी थीं।

मरियम जिन्ना महज 29 साल की उम्र में ही इस दुनिया को अलविदा कहकर चली गई थीं।
मरियम जिन्ना महज 29 साल की उम्र में ही इस दुनिया को अलविदा कहकर चली गई थीं।

शादी के प्रस्ताव पर रति के पिता जिन्ना पर भड़क उठे थे
असल में, 1916 में गर्मियों में जिन्ना अपने दोस्त और क्लाइंट सर दिनशॉ पेतित के यहां दार्जिलिंग पहुंचे। वहीं जिन्ना की मुलाकात उनकी 16 साल की बेटी रति से हुई। एक झलक देखकर ही जिन्ना रति को अपना दिल दे बैठे। दार्जिलिंग में ही एक बार डिनर के बाद जिन्ना ने सर दिनशा से सवाल किया कि दो धर्म के लोगों के बीच शादी के बारे में आपकी क्या राय है?

मिस्टर और मिसेज जिन्ना पुस्तक की संपादक शीला रेड्‌डी ने लिखा है कि जब जिन्ना ने अपने दोस्त दिनशा के सामने उनकी इकलौती बेटी से शादी करने का प्रस्ताव रखा तो वे आग बबूला हो गए। दिनशा ने कहा कि रति कितनी छोटी बच्ची है। तुम्हारी और उसकी उम्र में कितना फासला है?

रति, रूटी, रतन और बाद में मरियम हुईं
20 फरवरी 1900 को जन्मी रति भी जिन्ना से प्रेम करने लगी थीं। रति को प्यार से रूटी और रतन भी पुकारते थे। वह बॉम्बे के सबसे संपन्न परिवारों में से एक की संतान थी। रति की मां का नाम दिनाबाई पेटिट था। 18 साल की होने के बाद रति और जिन्ना करीब आने लगे। जिन्ना ने रति का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह किया और उसके बाद रति मरियम जिन्ना बन गईं। हालांकि, रति ने मरियम नाम का कभी इस्तेमाल नहीं किया।

अपनी जवानी के समय कुछ ऐसे लगते थे रति और मुहम्मद अली जिन्ना।
अपनी जवानी के समय कुछ ऐसे लगते थे रति और मुहम्मद अली जिन्ना।

फ्लावर ऑफ बॉम्बे कहलाती थीं रति

रति फैशनेबल थीं। वह पारसी कपड़े पहनना पसंद करती थीं। उस जमाने में रति बॉम्बे (अब मुंबई) की सबसे खूबसूरत लड़कियों में से एक मानी जाती थीं। रति को फ्लावर ऑफ बॉम्बे कहा जाता था। उस समय उन्हें 'मोस्ट वेल ड्रेस्ड वुमन' भी कहा जाता था।

मैंने तुमसे बेपनाह मोहब्बत की-रति

रति जिन्ना को दिलो-जान से प्यार करती थीं। इसका अंदाजा जिन्ना को लिखे रति के अंतिम पत्र से लगाया जा सकता है। रति ने 25 अक्टूबर 1928 को जिन्ना को अपना अंतिम खत लिखा था। रति ने पत्र में जिन्ना को लिखा, 'मेरी जान, मैंने तुमसे बेपनाह मोहब्बत की है। ऐसी मोहब्बत चुनिंदा लोगों को ही नसीब होती है। जो इस लायक होते हैं।'

बाद के दिनों में ब्रिटिश भारत की राजनीति ने करवट ली। जिन्ना उस सियासत के एक धुरी बन गए। देश को दो हिस्सों में विभाजित किए जाने की मांग उठने लगी। नतीजा ये हुआ कि 1926 के आते-आते जिन्ना और रति के बीच दूरियां बढ़ने लगीं। रति यह समझने लगी थीं कि जिन्ना के रास्ते अब बदल चुके हैं। 20 फरवरी 1929 को 29 साल की उम्र में रति ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। बाद के दिनों में पाकिस्तान के अलग राष्ट्र बनने के बाद जिन्ना दुनियाभर में मशहूर हो चुके थे। उनका कद इतना ऊंचा हो गया था कि रति के साथ उनके रोमांस की चर्चा इतिहास के पन्नों में हाशिए पर चली गई।

इकलौती बेटी दिना ने नहीं दिया जिन्ना का साथ
जिन्ना और रति से एक बेटी पैदा हुई जिनका नाम दिना जिन्ना था। दिना को अपनी मां की कमी बहुत खलती थी। पिता मुहम्मद अली जिन्ना ने उन्हें पढ़ाई के लिए इंग्लैंड भेजा और बहन फातिमा से कहा कि उनकी बेटी को इस्लाम की शिक्षा दें। लेकिन दिना के मन में तो कुछ और ही चल रहा था।

कायदे आजम की बेटी दिना जिन्ना भारतीय व्यापरी और पारसी परिवार के नेविली वाडिया से प्यार कर बैठी थीं।
कायदे आजम की बेटी दिना जिन्ना भारतीय व्यापरी और पारसी परिवार के नेविली वाडिया से प्यार कर बैठी थीं।

17 साल की उम्र में दिना को एक भारतीय पारसी नेविली वाडिया से प्‍यार हो गया। यह जिन्‍ना को बिल्‍कुल बर्दाश्‍त नहीं हुआ। अपने पिता की मर्जी के खिलाफ दिना ने नेविली वाडिया को चुना। हालांकि शादी ज्यादा नहीं चली पर दिना जीवन भर भारत में ही रहीं।

एमी बाई थीं जिन्ना की पहली बीवी
रति से पहले जिन्ना की शादी एमी बाई से हुई थी। जब वे पढ़ाई कर रहे थे, उस दौरान ही उनकी मां ने उनकी शादी चचेरी बहन एमी बाई से करवा दी। पहले तो जित्रा ने शादी करने से इनकार किया, लेकिन बाद में मां के ज्यादा कहने पर वे शादी के लिए तैयार हो गए। इसके बाद जिन्ना इंग्लैंड पढ़ाई के लिए चले गए। उसी दौरान जिन्ना की मां और बीवी गुजर गईं। उस समय एमी बाई की उम्र महज 15 साल ही थी।

कभी तिलक का केस लड़े थे जिन्ना
मोहम्मद अली जिन्ना ने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से मैट्रिक की थी। वे मात्र 19 साल की उम्र में ही वकील बन गए थे। जिन्ना बचपन से ही बहुत तेज दिमाग के थे। इसी के चलते राजद्रोह के आरोप का सामना कर रहे बाल गंगाधर तिलक ने 1905 में जिन्ना को अपना वकील बनाया था। हालांकि, जिन्ना यह केस जीत नहीं सके थे और तिलक को सश्रम कारावास की सजा हुई थी।

जिन्ना मूल रूप से गुजराती थे। उनके पिता जिन्नाभाई पुंजा का जन्म गुजरात, कठियावाड के पनेली गांव में हुआ था। पुंजा एक प्रसिद्ध व्यापारी थे और जिन्ना के जन्म से पहले सिंध (अब पाकिस्तान) में जाकर बस गए थे। पाकिस्तान की स्थापना के बाद जिन्ना पाकिस्तान के पहले गर्वनर जनरल बने। टीबी की बीमारी से ग्रसित जिन्ना ने कराची में 11 सितंबर 1948 को रात के लगभग साढ़े दस बजे दुनिया से विदा ली।

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